Published : Jan 07, 2020, 05:47 PM ISTUpdated : Jan 08, 2020, 12:37 PM IST
हटके डेस्क: 16 दिसंबर 2012 को नई दिल्ली में हुए निर्भया कांड ने पूरी दुनिया को दहला दिया था। एक अकेली लड़की के साथ दुष्कर्म कर उसे बेदर्दी से मौत की नींद सुला दिया गया। इस मामले पर बीते कई सालों से सुनवाई चल रही थी। आखिरकार घटना के 85 महीने बाद अब जाकर इस मामले पर फैसला आ गया है। 22 जनवरी 2020 को सुबह 7 बजे इसके 4 आरोपियों को फांसी पर चढ़ा दिया जाएगा। लेकिन ये बड़ी बात है कि आखिर मर्द रेप क्यों करते हैं। दोष कपड़ों को और लड़कियों को दिया जाता है। लेकिन असलियत क्या है? इसका पता लगाने के लिए UK के एंजिला रस्किन यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट मधुमिता पाण्डेय ने तिहाड़ जेल में बंद करीब 100 रेपिस्ट से बातचीत की थी। इसमें जो बातें सामने आई, वो चौंकाने वाली थी।
मधुमिता ने तिहाड़ जेल में बंद रेपिस्ट से बातचीत कर पता लगाने की कोशिश की थी कि आखिर रेप के समय इन अपराधियों के दिमाग में क्या चलता है?
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इस दौरान एक रेपिस्ट ने उन्हें बताया कि रेप के दौरान विरोध करने वाली महिला उन्हें पसंद नहीं है। जब रेप कर रहे हैं, तो महिला आराम से रेप करने दे। ऐसे में वो उसकी जान बक्श देंगे।
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इस बातचीत में पता चला कि ज्यादातर रेपिस्ट को अपने अपराध का बिल्कुल अफसोस नहीं था। ऐसे में उन्हें इंसान नहीं, बल्कि जानवर कहा जा सकता है।
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रिसर्च में ये बात भी सामने आई कि इनमें से ज्यादातर रेपिस्ट अशिक्षित थे। पिछड़े वर्ग से होने के कारण इनकी सोच भी काफी संकीर्ण थी।
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मर्दानगी जताने के लिए भी कई बार दुष्कर्म किये जाते हैं। कई अपराधियों ने बताया कि वो मर्द थे। इसलिए रेप कर दिया।
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इस रिसर्च में एक ऐसा रेपिस्ट भी मिला, जो अपने किये अपराध के बाद बाहर निकल लड़की से शादी करना चाहता था। उसने कहा कि वो समझता है कि उसकी वजह से किसी की जिंदगी बर्बाद हो गई। इसलिए वो उससे शादी कर लेगा।
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