Published : Dec 18, 2020, 09:53 AM ISTUpdated : Dec 18, 2020, 10:00 AM IST
डायनासोर हमेशा से ही एक रहस्य रहे हैं। वैज्ञानिक लगातार इनकी उत्पत्ति का पता लगान की कोशिश करते रहे हैं। हाल में सामने आए एक रिसर्च ने उड़ने वाले डायनासोर (Flying Dinosaur) के वंशजों का पता लगा लिया है। बता दें कि उड़ने वाले डायनासोर को टेरोसोर (Pterosaur) कहा जाता है। एक समय ऐसा था, जब आसमान में टेरासोर का ही कब्जा था। इनकी उत्पत्ति की कहानी ट्रियासिक काल (Triassic Period) से शुरू होती है। ये सरीसृप (Reptiles) ग्रुप के जीव थे। उड़ने वाले डायनासोर के पूर्वज लैगरपेटिड ( Lagarpetid) थे। बता दें कि लैगरपेटिड सबसे पहले करीब 23 करोड़ 70 लाख साल पहले पृथ्वी पर आए थे। ये छोटे आकार के दो पैरों वाले जीव होते थे, जो कीड़े खाया करते थे, लेकिन वे उड़ नहीं सकते थे। पढ़िए आगे की कहानी...
बता दें कि लैगरपेटिड ग्रुप के जीवाश्म अमेरिका, अर्जेंटीना, ब्राजील और मैडागास्कर में मिले थे। रिसर्च में माना गया कि लैगरपेटिड सबसे पहले करीब 23 करोड़ 70 लाख साल पहले पृथ्वी पर अस्तित्व में आए थे।
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लैगरपेटिड छोटे आकार के दो पैरों वाले जीव थे। ये कीड़े-मकोड़े खाकर अपना जीवनयापन करते थे। ये उड़ नहीं सकते थे लेकिन बाद में जीवन के क्रमिक विकास में ये टेरोसोर में बदल गए।
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रोसोर पृथ्वी के पहले उड़ने वाले वर्टिबरेट (Vertebrate) मतलब रीढ़ वाले जीव माने जाते हैं। चमगादड़ इनके वंशज हैं।
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इस संबंध में नेचर जर्नल में ब्यूनस आयर्स स्थित अर्जेंटाइन म्यूजियम ऑफ नेचुरल साइंसेस के जीवाश्म विज्ञानी मार्टिन इजकूरा का एक रिसर्च पब्लिश हुआ है। टेरोसोर के जीवाश्म 18वीं सदी में सामने आए थे।
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टेरासोर के जीवाश्म 22 करोड़ साल पुराने माने जाते हैं। रिसर्च ने इनके पंखों के अलावा खोपड़ी की 33 विशेषताओं का पता लगाया है।
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