Published : May 09, 2020, 03:26 PM ISTUpdated : May 09, 2020, 03:28 PM IST
हटके डेस्क। दुनिया भर में कोरोना महामारी का कहर बढ़ता ही जा रहा है। इससे संक्रमित मरीजों की संख्या 40 लाख, 12 हजार 848 हो गई है, वहीं अब तक इससे 2 लाख 76 हजार से भी ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका में कोरोना से मरने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है। वहां अब तक 78 हजार से ज्यादा लोग मौत के शिकार हो चुके हैं, वहीं इंग्लैंड में भी मरने वालों की संख्या 31 हजार से ज्यादा हो गई है। दुनिया भर के वैज्ञानिक कोरोना का टीका या इसकी कोई दवा खोजने में लगे हुए हैं, लेकिन अभी इसमें उन्हें सफलता नहीं मिली है। इस बीच, दूसरी दवाइयों से भी कोरोना का इलाज करने की कोशिश की जा रही है। इसके इलाज में एक एंटीवायरल ड्रग रेमडेसिवीर काफी असरदार साबित हुआ है। इसे अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने भी अप्रूव कर दिया है। अमेरिका में इस दवा का क्लिनिकल ट्रायल हो चुका है। रेमडेसिवीर को इबोला वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए विकसित किया गया था। ट्रायल से यह पता चला है कि यह दवा कोरोना वायरस के संक्रमण में काफी कारगर है। यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इन्फेक्शस डिजीज (NIAID) ने इसका ट्रायल शुरू किया था। इस दवा के ट्रायल के परिणामों को सकारात्मक बताते हुए डॉक्टर एंथनी फॉउची ने भी इसके इस्तेमाल की सलाह दी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि यह दवा काफी कारगर साबित हो रही है। डॉक्टर एंथनी फॉउची कोविड पर वाइट हाउस में ट्रम्प के सलाहकार और अमेरिका के प्रमुख वायरोलॉजिस्ट हैं। रेमडेसिवीर दवा का निर्माण गिलियड साइंसेज कंपनी करती है। इसने अमेरिकी सरकार को इस दवा की 15 लाख खुराक मुफ्त देने की घोषणा की थी, जिससे 1.40 लाख कोरोना मरीजों का इलाज हो सकता है। इस दवा का इस्तेमाल कोरोना के गंभीर मरीजों के इलाज में किया जाता है, जिन्हें सांस लेने में काफी दिक्कत होती है। बहरहाल, अब यह खुलासा हुआ है कि इस दवा के 10 दिन के कोर्स की लागत जहां 700 रुपए के करीब है, वहीं अब इसके लिए डॉक्टर 7 लाख 40 हजार रुपए वसूल कर रहे हैं। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग गिलियड कंपनी की यह कह कर आलोचना कर रहे हैं कि यह महामारी से मुनाफा कमाने की कोशिश में लग गई है। कैलिफोर्निया की यह कंपनी पहले भी रेमडेसिवीर दवा के लिए अनाप-शनाप कीमत वसूल चुकी है। साल 2013 में इसने रेमडेसिवीर का एक टैबलेट करीब 75,615 रुपए में बेचा था। उस समय इस दवा का इस्तेमाल हेपटाइटिस C के ट्रीटमेंट के लिए किया जा रहा था। वहीं, गिलियड के सीईओ डेनियल ओ' डे ने रेमडेसिवीर की कीमत को लेकर पूछे गए किसी भी सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया। लेकिन शुक्रवार को वाइट हाउस में प्रेसिडेंट ट्रम्प से मुलाकात के दौरान डेनियल ओ' डे ने कहा कि वे इस दवा को उन सभी लोगों को उपलब्ध कराएंगे, जिन्हें इसकी जरूरत है। साथ ही, उन्होंने 140,000 कोविड मरीजों के लिए यद दवा डोनेट करने के अपने वादे को दोहराया भी। देखें इससे जुड़ी तस्वीरें।
रेमडेसिवीर दवा का निर्माण कैलिफोर्निया स्थित गिलियड कंपनी करती है। इसे पहले इबोला संक्रमण से बचाव के लिए बनाया गया था। बाद में इसका इस्तेमाल हेपटाइटिस सी के इलाज में भी किया गया।
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कोरोना के एक गंभीर मरीज को इलाज के लिए अस्पताल में ले जाया जा रहा है। रेमडेसिवीर दवा से कोरोना के कई गंभीर मरीज ठीक हो चुके हैं।
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क्लिनिकल ट्रायल में रेमडेसिवीर को कोरोना मरीजों के इलाज के लिए कारगर पाया गया।
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अमेरिका में रेमडेसिवीर के सफल क्लिनिकल ट्रायल के बाद इसे फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) से अप्रूवल मिल गया।
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गिलियड कंपनी ने अमेरिकी सरकार को इस दवा की 15 लाख खुराक मुफ्त देने की घोषणा की थी, जिससे 1.40 लाख कोरोना मरीजों का इलाज हो सकता है
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रेमडेसिवीर बहुत ही पावरफुल एंटीवायरल ड्रग है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प का कहना है कि रेमडेसिवीर से कोरोना के सैकड़ों गंभीर मरीज ठीक हुए।
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रेमडेसिवीर दवा का इस्तेमाल जापान में भी कोरोना मरीजों के इलाज में किया गया। इसका परिणाम सकारात्मक रहा।
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रेमडेसिवीर दवा टैबलेट के रूप में भी उपलब्ध है।
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रेमडेसिवीर दवा के सफल क्लिनिकल टेस्ट के बाद अमेरिका के प्रमुख वायरोलॉजिस्ट डॉक्टर एंथनी फॉउची ने इसके इस्तेमाल की सलाह दी है।
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