Published : May 10, 2022, 09:47 AM ISTUpdated : May 10, 2022, 02:31 PM IST
वर्ल्ड न्यूज डेस्क. आर्थिक संकट(economic crisis in sri lanka) से जूझ रहे श्रीलंका में गृहयुद्ध की स्थिति बनती जा रही है। यहां अप्रैल महीने से जारी शांतिपूर्ण प्रदर्शन अब हिंसा में बदल गया है। भले ही सोमवार को प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे(Mahinda Rajapaksa) ने दबाव में आकर इस्तीफा दे दिया, लेकिन हालत काबू में आते नहीं दिख रहे हैं। अब सरकारी विरोधी और समर्थकों के बीच हिंसा फैल गई है। हिंसक भीड़ ने 12 से ज्यादा मंत्रियों के घर जला दिए हैं। इस बीच मीडिया रिपोर्ट्स आ रही हैं कि पूर्व PM महिंदा राजपक्षे अपने परिवार सहित पूर्वी श्रीलंका के त्रिनकोमाली नेवल बेस में जाकर छुप गए हैं। एक हेलिकॉप्टर के जरिए इन लोगों को बेस तक ले जाया गया। हालांकि जैसे ही इसकी जानकारी प्रदर्शनकारियों को लगी, वे वहां जमा हो गए। बता दें कि हिंसा में अब तक 8 लोगों की मौत हुई है, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हैं। श्रीलंका में फंसे भारतीयों के लिए भारत सरकार ने हेल्पलाइन नंबर +94-773727832 और ईमेल ID cons.colombo@mea.gov.in जारी किया है। पुलिस प्रवक्ता निहाल थलडुवा( Nihal Thalduwa) ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि सोमवार की हिंसा में सत्तारूढ़ पार्टी के एक विधायक समेत चार लोगों की मौत हो गई। राष्ट्रपति राजपक्षे ने सोमवार शाम को देशव्यापी कर्फ्यू लगा दिया जो बुधवार सुबह तक चलेगा।
महिंदा राजपक्ष के PM पद से इस्तीफा देने के बाद श्रीलंका में प्रदर्शन और उग्र हो गया है। इसी बीच उन्हें परिवार सहित त्रिनकोमाली नेवल बेस में ले जाना पड़ा। हालांकि वहां भी प्रदर्शनकारी जुटने लगे हैं।
212
एक महीने से अधिक समय से यह विरोध पूरे देश में फैल गया है। ऐसा देश में पहली बार है कि मध्यवर्गीय श्रीलंकाई भी बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे हैं।
312
श्रीलंका में गहराए आर्थिक संकट के बाद शुरू हुए विरोध ने दशकों से श्रीलंका के सबसे शक्तिशाली राजनीतिक राजवंश राजपक्षे को लेकर लोगों में गुस्सा भर दिया है।
412
ये वही महिंदा राजपक्षे हैं, जिन्होंन देश के 30 साल के गृहयुद्ध को समाप्त करने के लिए द्वीपों के कई बौद्ध-सिंहली बहुसंख्यकों ने उन्हें नायक माना था।
512
श्रीलंका में दूध से लेकर ईंधन तक हर चीज का आयात गिर गया है। इससे खाने-पीने की चीजों में गंभीर कमी हो गई है और बिजली की कटौती हो रही है। जरूरी सामान खरीदने के लिए लोग घंटों लाइन में खड़े होने को मजबूर हैं। डॉक्टरों ने अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाओं की गंभीर कमी की चेतावनी दी है। सरकार ने अकेले इस साल देय विदेशी ऋण में $ 7 बिलियन का भुगतान टाल दिया है।
612
राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने शुरू में श्रीलंका के आर्थिक संकट को वैश्विक कारकों पर जिम्मेदार ठहराया। इसके लिए कोरोना महामारी को जिम्मेदार माना गया, जिसकी वजह से श्रीलंका का पर्यटन उद्योग धराशाई हो गया। अब रूस-यूक्रेन युद्ध ने वैश्विक तेल की कीमतों को आगे बढ़ाया।
712
श्रीलंका सरकार 2019 में करों में कटौती और COVID-19 महामारी के दौरान टैक्स वसूली के लिए संघर्ष कर रहा है। सरकार का खजाना खाली हो चुका है।
812
सरकार ने पिछले साल श्रीलंका की कृषि को 100 फीसदी ऑर्गेनिक बनाने का फैसला किया था और रासायनिक उर्वरकों पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके चलते कृषि उपज काफी घट गई जो खाद्यान संकट का कारण बनी।
912
ब्लैकआउट के अलावा भोजन, ईंधन और दवाओं की बहुत अधिक कमी ने इस दक्षिण एशियाई द्वीप राष्ट्र को भयंकर संकट में डाल दिया है। 1948 में स्वतंत्रता के बाद से श्रीलंका का यह सबसे खराब दौर चल रहा है।
1012
श्रीलंका ने कुल कर्ज का 47% दूसरे देशों से ले रखा है। सबसे अधिक 15% चीन से लिया हुआ है। राजपक्षे परिवार पर देश को लूटने का आरोप भी लग रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि 2004 से 2014 तक के अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने 19 अरब अमेरिकी डॉलर का गबन किया है।
1112
श्रीलंका के फाइनेंस मिनिस्टर अली सबरी (Ali Sabry) का पिछले दिनों बयान आया था कि देश में फ्यूल और दवाइयों की सप्लाई को सुचारू करने और आर्थिक स्थिति को पटरी पर लाने श्रीलंका को अगले 6 महीने में करीब 3 बिलियन डॉलर की जरूरत है। हालांकि सरकार उधारी किससे मांगे, नहीं पता।
श्रीलंका में हिंसा का आलम अब यह है कि प्रदर्शनकारी मंत्रियों के घरों पर हमला कर रहे हैं। उग्र होती भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस आंसू गैस के गोले छोड़ रही है और हवाई फायरिंग कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति, ग्लोबल इकोनॉमी, सुरक्षा मुद्दों, टेक प्रगति और विश्व घटनाओं की गहराई से कवरेज पढ़ें। वैश्विक संबंधों, अंतरराष्ट्रीय बाजार और बड़ी अंतरराष्ट्रीय बैठकों की ताज़ा रिपोर्ट्स के लिए World News in Hindi सेक्शन देखें — दुनिया की हर बड़ी खबर, सबसे पहले और सही तरीके से, सिर्फ Asianet News Hindi पर।