दर दर भटक रहे पाकिस्तान को एक और झटका, इस देश ने कहा- अब ना लोन मिलेगा ना तेल

Published : Aug 12, 2020, 04:12 PM IST

इस्लामाबाद. मुस्लिम देशों के नेता बनने की कोशिश पाकिस्तान को भारी पड़ गई। सऊदी अरब ने पाकिस्तान को लोन और तेल की आपूर्ति करने से मना कर दिया। बताया जा रहा है कि दोनों देशों के बीच दशकों से चला आ रहा रिश्ता भी खटाई में पड़ गया है। इतना ही नहीं दबाव के चलते पाकिस्तान को सऊदी अरब का 1 अरब डॉलर का कर्ज चुकाने के लिए भी मजबूर होना पड़ा। 

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दर दर भटक रहे पाकिस्तान को एक और झटका, इस देश ने कहा- अब ना लोन मिलेगा ना तेल

सऊदी अरब ने पाकिस्तान को नवंबर 2018 में 6.2 बिलियन डॉलर का पैकेज दिया थाा। इसमें कुल 3 बिलियन डॉलर का लोन और 3.2 बिलियन डॉलर की राशि का कच्चा तेल देने का प्रावधान था। सऊदी अरब के दबाव के चलते पाकिस्तान ने 1 अरब डॉलर का कर्ज लौटा दिया है।

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वहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्री भी लगातार सऊदी अरब के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान कश्मीर समेत तमाम देशों पर मुस्लिम देशों का नेता बनने की कोशिश में जुटा है। यही वजह है कि पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच रिश्ते खराब हुए हैं।
 

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 पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सऊदी अरब के नेतृत्व वाले इस्लामिक सहयोग संगठन कश्मीर मुद्दे पर भारत के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की चेतावनी दी थी। कुरैशी ने कहा था, अगर वे इस मुद्दे पर हस्तक्षेप नहीं करते तो पाकिस्तान इमरान खान के नेतृत्व में उन देशों की बैठक बुलाने के लिए मजबूर हो जाएगा, जो इस मुद्दे पर उनके साथ खड़े हैं। 

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ओआईसी मुस्लिम देशों का वैश्विक संगठन है। इसमें 57 देश सदस्य हैं। पाकिस्तान भारत सरकार द्वारा कश्मीर से आर्टिकल 370 वापस लेने के बाद से ही ओआईसी से विदेश मंत्रियों की बैठक बुलाने पर जोर दे रहा है। 

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ओआईसी के अन्य देशों से कश्मीर मुद्दे पर समर्थन ना मिलने पर इमरान खान ने कहा था कि यही कारण है कि हमारे पास कोई आवाज नहीं है। हमारे बीच विभाजन है। 

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वहीं, कुरैशी ने कहा था कि पाकिस्तान कश्मीर के मुद्दे पर  विदेश मंत्रियों की बैठक बुलाने के लिए इसलिए मजबूर था, क्योंकि सऊदी अरब ने हमारा अनुरोध स्वीकार नहीं किया। 

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कुरैशी ने कहा था कि कश्मीर पर प्रस्ताव पास कराने के लिए हमें सऊदी का समर्थन चाहिए, क्योंकि संगठन में उसका दबदबा है। उन्होंने कहा था, मैं सऊदी से अच्छे संबंधों के बावजूद अपना पक्ष स्पष्ट कर रहा हूं, क्योंकि हम कश्मीरियों की प्रताड़ना पर शांत नहीं रह सकते। 

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