Published : Jul 15, 2021, 11:33 AM ISTUpdated : Jul 15, 2021, 11:58 AM IST
अमेरिकी सेना की वापसी के साथ ही कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन तालिबान तेजी से अफगानिस्तान में अपने पैर पसार रहा है। तालिबानी शासन को जिन लोगों ने भोगा है, उनकी रूह कांपने लगी है। खासकर; महिलाओं के लिए तो अफगानिस्तान फिर से जहन्नुम यानी नरक की धरती बनता जा रहा है। लेकिन जो लोग अफगानिस्तान मे अमन-चैन आजादी के पक्षधर हैं, वे तालिबान के खिलाफ लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। यह तस्वीर भी ऐसी ही एक अफगानी पुलिस अधिकारी अहमद शाह की है। जब दक्षिणी प्रांत कंधार में तालिबान ने कब्जा किया, तो ये अकेले 18 घंटे तक लड़ता रहा। बाद में सुरक्षाबलों ने उसे बचा लिया। अहमद शाह अपने 14 साथियों के साथ एक पुलिस चौकी पर तैनात थे, जब तालिबान ने हमल किया। अहमद ने कहा कि उन्होंने तालिबान के आगे घुटने नहीं टेके। आगे देखें तालिबान के खौफ की बानगी...
अहमद शाह अफगानिस्तान में ऐसे अकेले पुलिस अधिकारी नहीं है, जो तालिबान के खिलाफ लड़ने को तैयार हैं, ऐसे हजारों लोग अब भी जान हथेली पर लेकर देश के लिए लड़ रहे हैं।
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तालिबान के खिलाफ आम नागरिकों ने उठाए हथियार
तालिबान अफगान शहरों के अंदर जाकर अफगान सेना से लड़ाई से बच रहा है। इसके पीछे एक वजह आम नागरिकों का अफगानी सेना को समर्थन है। आम नागरिकों ने तालिबान के खिलाफ हथियार उठा लिए हैं। यह तस्वीर अलजजीरा (Jalil Rezayee/EPA) से साभार ली गई है।
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तालिबान के लौटते ही अफगानिस्तान में महिलाओं के लिए फिर जहन्नुम तैयार, बुर्के में भी खौफ
महिलाओं को लेकर तालिबान का शुरू से ही दकियानूसी रवैया रहा है। इस संबंध में aopnews.com पर एक लेख छापा गया है। इसमें कहा गया है कि तालिबान ने महिलाओं को अकेले घर से निकलने पर पाबंदी लगा दी है। लड़कियों को फिर से स्कूल जाने से रोक दिया है। लड़कियों का जबर्दस्ती तालिबानी लड़ाकों से निकाह कराया जा रहा है। यही नहीं; पुरुषों को पांच वक्त की नजाम पढ़ने और दाढ़ी नहीं कटवाने के लिए प्रताड़ित किया जा रहा है। नाइयों को धमकाया जा रहा है।
यह तस्वीर काबुल में 2004 में खींची गई थी। साभार-Steve Dupont
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यह तस्वीर परवान प्रांत के घोरबंद इलाके की है। यहां तालिबान विरोधी लड़ाई के लिए तैयार हैं। यह अलग बात है कि अमेरिकी सेना की वापसी से अफगानिस्तान की सरकार का तालिबान के आगे टिक पाना मुश्किल है। यह तस्वीर अलजजीरा (राइटर) से साभार ली गई है।
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यह तस्वीर अफगानिस्तान और पाकिस्तान बॉर्डर की है। अफगानिस्तान से बड़ी संख्या में पलायन बढ़ रहा है। तालिबानी शासन के डर से लोग घर-बार छोड़कर पाकिस्तान में शरण ले रहे हैं। तस्वीर साभार Akhter Gulfam/EPA
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