Published : Jul 15, 2021, 09:04 AM ISTUpdated : Jul 15, 2021, 09:54 AM IST
एंटीगुआ. 12 जुलाई को कैरेबियन आइसलैंड देश डोमिनिका हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद मेहुल चौकसी 14 जुलाई को एंटीगुआ पहुंच गया है। वो निजी विमान से जॉली हार्बर एयरपोर्ट पर उतरा। मेहुल यहां भी व्हीलचेयर पर दिखा। मेहुल चोकसी को अवैध तरीके से कैरेबियन आइसलैंड देश डोमिनिका में प्रवेश करने के मामले में वहां की पुलिस ने पकड़ा था। हालांकि डोमिनिका की हाईकोर्ट ने 12 जुलाई को मेडिकल आधार पर इलाज के लिए एंटीगुआ जाने के लिए जमानत दे दी थी। मेहुल ने एंटीगुआ की नागरिकता ले रखी है। चोकसी जब एंटीगुआ पहुंचा, तो यहां के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने उससे बात की। चोकसी के वकीलों ने डोमिनिका हाईकोर्ट में तर्क दिया है कि वो सेरेब्रोवास्कुलर रोग (cerebrovascular disease), कोरोनरी आर्टरी डिजीज (coronary artery disease), कंजेस्टिव हार्ट फेल्योर (congestive heart failure) और ब्लड डिस्क्रेसिया (blood dyscrasias) सहित कई बीमारियों से पीड़ित हैं। यानी दिल, ब्लड और मस्तिष्क संबंधी कई बीमारियां हैं। डोमिनकन डॉक्टरों ने चिंता जताई है कि मेहुल की हालत गंभीर है। उसे न्यूरोलॉजिस्ट और न्यूरोर्जिकल कंसल्टेंट की देखरेख में इलाज की जरूरत है।
लोगों ने किए कमेंट्स
एंटीगुआ मीडिया antiguanewsroom.com के अनुसार मेहुल की वापसी पर लोगों ने तंज भरे कमेंट किए हैं। एक ने कहा-बस यहां से निकल जाओ, भारत बुला रहा है।
एक ने लिखा- बिना किसी सुविधा शुल्क के आप अपने फेवरेट डेस्टिनेशन के लिए उड़ान भरें। एक ने लिखा-वेलकम होम।
एक लिखता है-वेलकम बैक चोकसी, वेलकम होम! आप एक एंटीगुआन साथी के तौर पर अपने देश में समुद्र तटों, मौसम और अधिकारों का आनंद उठा सकते हैं।
फोटो साभार-antiguabreakingnews.com,ObserverNewsCo
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बता दें कि यह सुनवाई मेहुल के अवैध तरीके से डोमिनिका में घुसने के मामले में चल रही थी। 23 मई को मेहुल चोकसी एंटीगुआ से गायब हो गया था। 2 दिन बाद उसे डोमिनिका में पकड़ा गया था। भारत लगातार उसके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रहा है, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है।
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मेहुल की यह है कहानी
मेहुल ने 2013 में शेयर बाजार में हेराफेरी करके यह फ्रॉड किया था। उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट निकला हुआ है, लेकिन इस बीच वो एंटीगुआ भाग निकला। जांच एजेंसियों ने उसे भगोड़ा घोषित करते हुए उसकी अब तक 2,500 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की है। मेहुल ने एंटीगुआ और बारबुडा में काफी बड़ा निवेश कर रखा है। उसने वहां की नागरिकता ले ली है। उसे नवंबर, 2017 में कैरेबियाई राष्ट्र द्वारा निवेश कार्यक्रम के तहत नागरिकता दी थी।
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जनवरी, 2008 में देश छोड़ा था
मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) के वकील ने जून, 2017 को बंबई हाई कोर्ट में सफाई दी थी कि हीरा कारोबारी इलाज के लिए एंटीगुआ गया है, न कि भागा है। चोकसी ने अपने वकील विजय अग्रवाल के जरिए कोर्ट में हलफनामा दायर करके कहा था कि उसने मेडिकल जांच और उपचार के लिए जनवरी 2018 में देश छोड़ा था। इसक बाद मेहुल लगातार स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देकर भारत लौटने में असमर्थता जताता रहा। चोकसी के अलावा उसका भतीजा नीरव मोदी भी पीएनबी घोटाले के आरोप हैं। ईडी और और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) दोनों इनकी तलाश कर रही हैं।
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इलाज के बहाने भारत से भागा था
मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) के वकील ने जून, 2017 को बंबई हाई कोर्ट में सफाई दी थी कि हीरा कारोबारी इलाज के लिए एंटीगुआ गया है, न कि भागा है। चोकसी ने अपने वकील विजय अग्रवाल के जरिए कोर्ट में हलफनामा दायर करके कहा था कि उसने मेडिकल जांच और उपचार के लिए जनवरी 2018 में देश छोड़ा था। इसक बाद मेहुल लगातार स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देकर भारत लौटने में असमर्थता जताता रहा। चोकसी के अलावा उसका भतीजा नीरव मोदी भी पीएनबी घोटाले के आरोप हैं। ईडी और और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) दोनों इनकी तलाश कर रही हैं। इससे पहले मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था मेहुल की एंटीगुआ और बारबूडा ने नागरिकता रद्द कर दी है। इस पर मार्च में उसके वकील विजय अग्रवाल ने सफाई दी थी कि यह मामला सिविल कोर्ट में चल रहा है। अभी उसकी नागरिकता रद्द नहीं की गई है। वहां के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने भी तब कहा था कि मेहुल ने कानूनी रास्ता अपनाया है। इसलिए इस मामले को सुलझने में 7 साल लग जाएंगे।
(File Photo)
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