मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इस बीच रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने भारत से फरवरी में जब्त किए गए तीन टैंकर छोड़ने को कहा है। बदले में भारतीय जहाजों को फारस की खाड़ी से सुरक्षित गुजरने देने पर बातचीत चल रही है।

Iran War Latest News: मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट लगभग बंद हो गया है। इसका सीधा असर भारत सहित कई देशों की तेल और गैस सप्लाई पर पड़ रहा है। इसी बीच, एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान ने भारत की ओर आने वाले जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित रूप से गुजरने के बदले एक बड़ी शर्त लगा दी है। इसके तहत भारत को फरवरी 2026 में जब्त किए गए ईरान के तीन टैंकरों को छोड़ने की मांग की है। बता दें कि हाल ही में भारत के दो एलपीजी (LPG) टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं। इनमें से एक जहाज भारत पहुंच गया है, जबकि दूसरे के मंगलवार को पहुंचने की संभावना जताई गई है।

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ईरान ने भारत से जब्त टैंकर छोड़ने की मांग की

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान चाहता है कि भारत उसके तीन जब्त किए गए टैंकरों को छोड़ दे। ईरान यह मांग इसलिए कर रहा है, ताकि बदले में भारत के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही की अनुमति दी जा सके। दरअसल, भारत ने फरवरी में ईरानी 'डार्क फ्लीट' का हिस्सा होने के शक में तीन टैंकरों को अपनी समुद्री सीमा के पास पकड़ा था। इन टैंकरों पर आरोप था कि उन्होंने अपनी पहचान छिपाई या बदल दी थी और वे समुद्र में जहाजों के बीच अवैध ‘शिप-टू-शिप ट्रांसफर’ के जरिए सामान का लेन-देन कर रहे थे।

ईरान ने दवाइयों और मेडिकल उपकरणों की भी डिमांड की

रिपोर्ट में एक ईरानी अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि ईरान ने भारत से कुछ दवाइयों और मेडिकल उपकरणों की आपूर्ति की भी मांग की है। सूत्रों के मुताबिक, नई दिल्ली में ईरान के राजदूत ने सोमवार को भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात कर इस मुद्दे पर चर्चा की। हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय, ईरानी दूतावास और ईरान के विदेश मंत्रालय ने फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

दो भारतीय LPG टैंकरों को मिली होर्मुज पार करने की अनुमति

भारतीय अधिकारियों के अनुसार, ईरान ने हाल ही में दो भारतीय एलपीजी टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी थी। इनमें से एक टैंकर सोमवार को पश्चिमी भारत के मुंद्रा पोर्ट पहुंच चुका है, जबकि दूसरा जहाज मंगलवार तक पहुंच सकता है। ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य के दोनों ओर जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई थी।

भारत-ईरान बातचीत पर विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया

भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए चल रही बातचीत के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हाल की घटनाएं दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों और आपसी संवाद को दर्शाती हैं। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय जहाजों के आवागमन के लिए ईरान के साथ कोई पूर्व निर्धारित समझौता नहीं है। उन्होंने कहा कि हर जहाज की आवाजाही को अलग घटना के रूप में देखा जाता है।