इजरायल और ईरान के बीच युद्ध तीसरे हफ्ते में पहुंच गया है। इजरायल ने अगले तीन हफ्तों तक सैन्य कार्रवाई की योजना बनाई है, जबकि ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं। होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं।

Iran-Israel War Day 17: मिडिल-ईस्ट में इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध अब तीसरे हफ्ते में पहुंच गया है। इसी बीच, इजरायल ने साफ कहा है कि उसके पास ईरान के खिलाफ कम से कम अगले तीन हफ्तों यानी 21 दिन तक तक सैन्य कार्रवाई जारी रखने की डिटेल प्लानिंग है। बता दें कि इजरायली सेना लगातार ईरान के कई प्रमुख ठिकानों पर हवाई हमले कर रही है।

इजरायल की तीन हफ्तों तक सैन्य अभियान की योजना

इजरायली सेना के सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नदाव शोशानी के मुताबिक, ईरान के खिलाफ अगले तीन हफ्तों के लिए विस्तृत सैन्य रणनीति तैयार की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि इसके बाद की स्थिति के लिए भी अतिरिक्त योजनाएं तैयार रखी गई हैं। इजरायली सेना के अनुसार इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है। इसके तहत खास तौर पर बैलिस्टिक मिसाइल ढांचे, न्यूक्लियर फैसेलिटी, सिक्योरिटी सिस्टम को निशाना बनाया जा रहा है।

ईरान की जवाबी कार्रवाई, मिसाइल और ड्रोन हमले

दूसरी ओर ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। ईरान ने इजरायल की ओर कई मिसाइलें दागीं, जबकि संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन की दिशा में ड्रोन हमले किए गए। इन हमलों के कारण दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कुछ समय के लिए उड़ानें रोकनी पड़ीं। एक ईंधन भंडारण केंद्र के पास ड्रोन हमले के बाद आसमान में काले धुएं का गुबार देखा गया।

वैश्विक ऊर्जा बाजार पर युद्ध का असर

इस युद्ध का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वह समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और लिक्विफाइड नेचरल गैस (LNG) की आपूर्ति गुजरती है। युद्ध के कारण यहां से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इसका असर यह हुआ कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं, जिससे वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

फुजैरा बंदरगाह पर ऑयल फैसेलिटी पर ड्रोन हमला

संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा बंदरगाह पर स्थित एक तेल सुविधा पर ईरानी ड्रोन हमले के बाद तेल लोडिंग की प्रक्रिया अस्थायी रूप से रोकनी पड़ी। यह बंदरगाह UAE के मुरबन कच्चे तेल के निर्यात का महत्वपूर्ण केंद्र है। बताया जाता है कि यहां से होने वाला निर्यात वैश्विक मांग के लगभग एक प्रतिशत के बराबर माना जाता है।

ईरान के कई शहरों पर इजरायली हवाई हमले

इजरायल की ओर से ईरान के कई शहरों पर हवाई हमले किए गए। इजरायली सेना के अनुसार, तेहरान, शिराज, तबरिज में में ईरानी सैन्य ढांचे को निशाना बनाया गया। ईरान की मेहर समाचार एजेंसी के अनुसार मध्य ईरान के मार्काजी प्रांत में हुए हमलों में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि सात लोग घायल हुए। हमलों के कारण अराक शहर के बाहरी इलाके के एक रिहायशी क्षेत्र को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा महल्लात काउंटी की एक इमारत भी क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं खोमेइन शहर में एक लड़कों के स्कूल को भी निशाना बनाया गया, जिससे आसपास के इलाके को नुकसान हुआ। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

तेहरान में राहत और बचाव अभियान जारी

तेहरान में हमलों के बाद राहत और बचाव टीमें मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुटी रहीं। एक राहतकर्मी के अनुसार बचाव अभियान लगातार जारी है और कई लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है।

इजरायल में भी बजाए गए एयर रेड सायरन

ईरान की जवाबी कार्रवाई के खतरे को देखते हुए इजरायल के कई इलाकों में एयर रेड सायरन बजाए गए। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उन्होंने तेल अवीव, अबू धाबी में अमेरिकी अल-धाफरा एयर बेस बहरीन में अमेरिकी नौसैनिक ठिकाने को निशाना बनाया है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका की अपील

इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के कई देशों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर नाटो सहयोगी अमेरिका की मदद के लिए आगे नहीं आते, तो इस गठबंधन का भविष्य मुश्किल में पड़ सकता है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि उनका देश सीधे युद्ध में शामिल नहीं होगा, लेकिन सहयोगियों के साथ मिलकर समुद्री मार्ग को फिर से खोलने की कोशिश करेगा। इसके अलावा जापान, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी ने भी इस संघर्ष में सीधे सैन्य हस्तक्षेप से दूरी बनाए रखने का फैसला किया है।