
Villages Where Electricity Has Not Reached: दुनिया तेजी से डिजिटल हो रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 5G और स्मार्ट सिटी का दौर है, लेकिन आज भी दुनिया के कई ऐसे गांव हैं जहां बिजली नहीं पहुंची है या बहुत सीमित रूप में उपलब्ध है। इन गांवों में लोग सूरज की रोशनी के हिसाब से अपना दिन शुरू करते हैं और अंधेरा होते ही ज्यादातर काम बंद हो जाते हैं। आइए जानते हैं दुनिया के ऐसे 7 गांवों के बारे में, जहां आज भी बिजली व्यवस्था लोगों की जिंदगी का हिस्सा नहीं बन सकी है।
दक्षिणी चिली के पैटागोनिया क्षेत्र में स्थित फुएर्ते बुलोनेस बेहद दूरदराज का इलाका है। यहां राष्ट्रीय बिजली ग्रिड नहीं पहुंची है। कुछ घरों में सोलर पैनल या छोटे जनरेटर हैं, लेकिन रेगुलर बिजली की सुविधा नहीं है।
लोग कैसे जीते हैं?
साइबेरिया का ओयम्याकोन दुनिया के सबसे ठंडे आबाद इलाकों में गिना जाता है। यहां तापमान -50°C से भी नीचे चला जाता है। ज्यादा ठंड और दूरस्थ स्थान होने की वजह से कई बाहरी बस्तियों तक बिजली की सप्लाई नहीं पहुंच पाती।
लोगों की जिंदगी-
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पापुआ न्यू गिनी के कई पहाड़ी गांव आज भी राष्ट्रीय बिजली नेटवर्क से जुड़े नहीं हैं। कोरो ऐसा ही एक गांव है।
यहां कैसे रहती है जिंदगी?
बिहार के गया जिले का धर्नाई गांव वर्षों तक बिजली से वंचित रहा। बाद में यहां सोलर माइक्रोग्रिड की शुरुआत हुई, लेकिन यह गांव लंबे समय तक बिना सरकारी बिजली के जीवन का उदाहरण रहा।
क्या सीख मिलती है?
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हिमालय के ऊंचाई वाले कई गांव आज भी राष्ट्रीय बिजली ग्रिड से नहीं जुड़े हैं। कुछ जगहों पर छोटे हाइड्रो प्रोजेक्ट या सोलर सिस्टम हैं, लेकिन कई बस्तियां अब भी सीमित बिजली पर निर्भर हैं।
यहां जीवन कैसा है?
ब्राजील के अमेजन जंगलों में बसे कई आदिवासी गांव राष्ट्रीय बिजली नेटवर्क से दूर हैं।
लोग कैसे रहते हैं?
स्पीति घाटी के कुछ ऊंचाई वाले छोटे गांव और मौसमी बस्तियां लंबे समय तक नियमित बिजली से दूर रहीं। आज कई जगहों पर सोलर और माइक्रो-हाइड्रो सिस्टम लगाए गए हैं, लेकिन कठोर मौसम के कारण बिजली की उपलब्धता अब भी चुनौती बनी रहती है।
यहां की जिंदगी-
नहीं। संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के अनुसार, दुनिया में अब भी करोड़ों लोगों के घर इलेक्ट्रिक नहीं पहुंची है। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाका उप-सहारा अफ्रीका, दक्षिण एशिया और दूरस्थ पर्वतीय व वर्षावन क्षेत्र हैं। कई देशों में बिजली पहुंची जरूर है, लेकिन उसकी आपूर्ति रेगुलर नहीं है।
कंटेंट सोर्स - International Energy Agency (IEA), United Nations Sustainable Development Goal 7 (Affordable and Clean Energy), World Bank, International Renewable Energy Agency (IRENA), Our World in Data, Reuters और BBC की विभिन्न रिपोर्ट.