
Brahma Muhurta significance: हिंदू धर्म में दिन के हर समय का अलग-अलग महत्व है। कुछ समय ऐसे होते हैं, जब प्रकृति शांत होती है और इंसान पूजा-पाठ के कामों के लिए ज्यादा फोकस्ड हो सकता है। इन्हीं खास समयों में से एक है ब्रह्म मुहूर्त। सनातन परंपरा में ब्रह्म मुहूर्त को पूजा, ध्यान, योग और आत्मचिंतन के लिए सबसे शुभ समय माना गया है। सवाल उठता है ब्रह्म मुहूर्त कब होता है? इस समय को इतना पवित्र क्यों माना जाता है? आइए जानते हैं।
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'ब्रह्म मुहूर्त' दो शब्द से मिलकर बना है - ब्रह्म + मुहूर्त।
"ब्रह्म" का अर्थ परम सत्य, ईश्वर या ज्ञान से जुड़ा माना जाता है, जबकि "मुहूर्त" का अर्थ एक खास समय होता है।
मान्यता के अनुसार- ब्रह्म मुहूर्त वह समय है, जब वातावरण शांत और शुद्ध होता है। इस समय भगवान का ध्यान, मंत्र जाप और पूजा-पाठ करना शुभ माना जाता है।
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ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से लगभग 1 घंटा 36 मिनट पहले शुरू होता है और लगभग 48 मिनट तक रहता है। जैसे - अगर किसी जगह पर सूर्योदय सुबह 6 बजे होता है, तो ब्रह्म मुहूर्त लगभग 4:24 बजे से 5:12 बजे तक माना जाएगा। हालांकि अलग-अलग जगहों पर सूर्योदय के समय में बदलाव होने की वजह से ब्रह्म मुहूर्त का समय भी बदल सकता है।
इस समय वातावरण में शांत होता है और मन भी शांत रहता है। माना जाता है सुबह के इस समय में -
- ध्यान करने में मन लगता है।
- मंत्र जाप का खास महत्व होता है।
- ईश्वर का ध्यान ज्यादा अच्छे से हो सकता है।
- ज्ञान और आध्यात्मिक चिंतन के लिए यह समय उत्तम होता है।इसी वजह से ऋषि-मुनि प्राचीन समय में ब्रह्म मुहूर्त में उठकर साधना-तपस्या किया करते थे।
हिंदू धार्मिक ग्रंथों में सुबह जल्दी उठने और पूजा-पाठ के काम करने की परंपरा का जिक्र मिलता है। मनुस्मृति में ब्रह्म मुहूर्त में उठकर धर्म और ज्ञान से जुड़े काम करने का महत्व बताया गया है। आयुर्वेद ग्रंथ चरक संहिता में भी सूर्योदय से पहले उठने को लाइफ स्टाइल के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है।
प्राचीन भारत में ऋषि-मुनि सुबह जल्दी उठकर ध्यान, जप और तपस्या करते थे। धार्मिक कथाओं के अनुसार- भगवान और आत्मज्ञान की प्राप्ति के लिए साधना करने वाले संत ब्रह्म मुहूर्त को विशेष महत्व देते थे। उनका विश्वास था कि इस समय मन संसार की परेशानियों से दूर और ईश्वर के चिंतन में अधिक आसानी से लगाया जा सकता है।
श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने योग, ध्यान और आत्मसंयम का महत्व बताया है। जो इंसान हर दिन भगवान का ध्यान करता है, उसके मन में शांति और पॉजिटिव विचार बढ़ते हैं। इसलिए ब्रह्म मुहूर्त को साधना का सबसे अच्छा समय माना गया है।
- भगवान का ध्यान करना
- मंत्र जाप करना
- योग और प्राणायाम करना
- धार्मिक ग्रंथों और एग्जाम की तैयारी-पढ़ाई के लिए
- आत्मचिंतन करना
भारतीय संस्कृति में सुबह जल्दी उठना अच्छे संस्कारों में गिना गया है। पुराने समय में गुरुकुलों में छात्र भी सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई और साधना करते थे। माना जाता था सुबह का शांत वातावरण सीखने और याद रखने के लिए अच्छा होता है।