
Rakhi Puja Thali Items: रक्षा बंधन के दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है। इससे पहले पूजा की थाली सजाई जाती है। इस थाली में रखी हर चीज का अपना धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। इसमें राखी, रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, मिठाई और आरती के लिए सामग्री रखी जाती है। लेकिन मन में सवाल रहता है कि रक्षा बंधन की पूजा थाली में कौन-कौन सी चीजें जरूरी हैं और किन चीजों को रखने से बचना चाहिए? आइए जानते हैं।
रक्षा बंधन की थाली में सबसे जरूरी चीज राखी या रक्षा सूत्र है। इसके साथ रोली या कुमकुम रखा जाता है, जिससे भाई के माथे पर तिलक लगाया जाता है। इसके अलावा साबुत चावल यानी अक्षत, दीपक, मिठाई और आरती के लिए जरूरी सामग्री रखी जा सकती है। फूल, चंदन और जल भी रखा जाता है।
तिलक के लिए रोली, कुमकुम या चंदन का यूज होता है। तिलक को शुभता और मंगलकामना का प्रतीक माना जाता है। इसके बाद भाई के माथे पर अक्षत यानी साबुत चावल लगाया जाता है। ‘अक्षत’ का अर्थ है ऐसा जो खंडित या टूटा हुआ न हो। इसी वजह से पूजा में साबुत चावल को पूर्णता और शुभता से जोड़ा जाता है। रक्षा बंधन पर बहन तिलक और अक्षत लगाकर भाई के अच्छे स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि की भगवान से प्रार्थना करती है।
पूजा की थाली में दीपक रखना शुभ माना जाता है। बहन दीपक से भाई की आरती करती है। प्रकाश को शुभता और अंधकार को दूर करने का प्रतीक माना जाता है। आरती के बाद बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और मिठाई खिलाती हैं। कुछ परिवारों में राखी बांधने से पहले आरती होती है, तो कुछ जगहों पर राखी बांधने के बाद आरती की जाती है।
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मिठाई खुशी और शुभ अवसर का प्रतीक है। राखी बांधने के बाद भाई-बहन एक-दूसरे का मुंह मीठा कराते हैं। फूल भी पूजा में पवित्रता और सम्मान के प्रतीक के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं। हालांकि रक्षा बंधन की थाली में किसी खास फूल को रखना जरूरी नहीं बताया गया है।
नहीं। पूजा की थाली को सजाने के लिए बहुत सारी चीजें रखना जरूरी नहीं है। श्रद्धा के साथ राखी, तिलक की सामग्री, अक्षत, दीपक और मिठाई से भी पूजा की जा सकती है। इसमें नारियल, कलावा, चंदन, फूल या दूसरी सामग्री जोड़ी जा सकती है।
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