
Soil pH Test: क्या आपने कभी सोचा है कि महंगी खाद, बेहतरीन बीज और दिन-रात की मेहनत के बाद भी फसल वैसी क्यों नहीं होती, जैसी आप चाहते हैं? एग्रीकल्चर एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इस 'क्यों' का जवाब आपकी 'मिट्टी के pH' में छिपा है। खेती हो या बागवानी, बंपर पैदावार का सारा खेल मिट्टी की सेहत पर टिका होता है। लेकिन ये pH लेवल आखिर है क्या? क्या यह सिर्फ कोई वैज्ञानिक शब्द है, या वाकई आपकी फसल को तय करता है? आइए जानते हैं कि हर स्मार्ट किसान आज बुवाई से पहले मिट्टी की जांच (Soil Testing) क्यों करवा रहा है।
pH (Potential of Hydrogen) एक पैमाना (Scale) है, जिससे यह पता चलता है कि मिट्टी अम्लीय (Acidic), सामान्य (Neutral) या क्षारीय (Alkaline) है। इस पैमाने की वैल्यू 0 से 14 तक होती है। यानी pH हमें बताता है कि मिट्टी का केमिकल नेचर कैसा है। जैसे-2 खेत हैं।
pH 7- सामान्य (Neutral)
7 से कम- अम्लीय (Acidic)
7 से अधिक- क्षारीय (Alkaline)
जैसे- पहले खेत की मिट्टी का pH 5.5 है। इसका मतलब यह मिट्टी अम्लीय है। दूसरे खेत की मिट्टी का pH 8.2 है। इसका मतलब यह मिट्टी क्षारीय है। अब अगर दोनों खेतों में एक ही फसल बो दी जाए, तो जरूरी नहीं कि दोनों जगह समान पैदावार होगा। क्योंकि हर फसल एक खास pH पर सबसे अच्छी पैदा होती है।
मिट्टी में मौजूद पोषक तत्व तभी पौधों तक पहुंचते हैं, जब उनका pH सही हो। अगर pH बहुत कम या बहुत ज्यादा हो जाए, तो मिट्टी में खाद डालने के बाद भी पौधे उसे पूरी तरह नहीं ले पाते। जैसे- बहुत अम्लीय मिट्टी में फॉस्फोरस की उपलब्धता कम हो सकती है। बहुत क्षारीय मिट्टी में आयरन, जिंक और मैंगनीज जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व (micronutrients) पौधों को कम मिलते हैं। मतलब कई बार किसान खाद डालते रहते हैं, लेकिन समस्या pH की होती है।
हालांकि हर फसल की जरूरत अलग होती है, लेकिन pd/eoe फसलें 6.0 से 7.5 pH वाली मिट्टी में अच्छी बढ़ती हैं। इसीलिए एक्सपर्ट कहते हैं खेती शुरू करने से पहले एक बार मिट्टी की जांच जरूर करना चाहिए।
गेहूं- लगभग 6.5 से 7.5 pH
धान- लगभग 5.5 से 7.0 pH
आलू- लगभग 5.0 से 6.5 pH
मूंगफली- लगभग 6.0 से 6.5 pH
सरसों- लगभग 6.0 से 7.5 pH
अगर मिट्टी ज्यादा अम्लीय हो, तो एक्सपर्ट चूना (Lime) मिलाने की सलाह देते हैं। अगर मिट्टी ज्यादा क्षारीय हो, तो जिप्सम (Gypsum), जैविक खाद और बेहतर जल निकासी से सुधार लाया जा सकता है। इसके अलावा गोबर की खाद, कम्पोस्ट,हरी खाद और फसल चक्र (Crop Rotation) अपनाने से भी मिट्टी की क्वालिटी बेस्ट होती है।
pH सिर्फ किसानों के लिए नहीं है। अगर आप घर में गुलाब, टमाटर, मिर्च, धनिया या अन्य प्रकार के पौधे उगाते हैं, तो मिट्टी का pH वहां भी जरूरी होता है। कई बार पौधा सूखने का कारण पानी या खाद नहीं, बल्कि गलत pH होता है।
नहीं। मिट्टी का pH समय के साथ चेंज हो सकता है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे लगातार एक ही प्रकार की खेती, केमिकल युक्त खादों का ज्यादा यूज, भारी बारिश, सिंचाई के पानी की गुणवत्ता और जैविक पदार्थों की मात्रा। इसीलिए एग्रीकल्चर एक्सपर्ट समय-समय पर मिट्टी की जांच कराने की सलाह देते हैं।
कॉन्टेन्ट सोर्सः Indian Council of Agricultural Research (ICAR), Indian Agricultural Research Institute (IARI), Food and Agriculture Organization (FAO), Soil Health Card Scheme, Ministry of Agriculture & Farmers Welfare, National Bureau of Soil Survey & Land Use Planning (NBSS&LUP), NCERT Geography & Biology (Soils and Agriculture Chapters).