
Hair Cutting Religious Beliefs: हिंदू धर्म में हर काम के लिए कुछ शुभ और कुछ वर्जित समय बताए गए हैं। जैसे पूजा-पाठ, व्रत, शादी-विवाह और गृह प्रवेश के लिए शुभ मुहूर्त देखा जाता है, उसी तरह बाल और नाखून कटवाने को लेकर भी कुछ मान्यताएं हैं। कई परिवारों में सप्ताह के कुछ दिनों में बाल कटवाने से बचा जाता है। सवाल यह है- कौन-से दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए? इसके पीछे धार्मिक कारण क्या हैं? आइए जानते हैं...
सप्ताह के कुछ दिनों को देवताओं से जोड़ा गया है। मान्यताओं के आधार पर कुछ दिनों में बाल कटवाने से बचने की सलाह दी जाती है।
1. सोमवार को बाल क्यों नहीं कटवाना चाहिए?
सोमवार भगवान शिव का दिन माना जाता है। मान्यता है- इस दिन शिवजी की पूजा, जलाभिषेक और व्रत का विशेष महत्व होता है। इसलिए कई परिवार सोमवार को बाल या दाढ़ी नहीं कटवाते। इस दिन शरीर में किसी प्रकार का अनावश्यक परिवर्तन करने से बचना चाहिए और दिन को भगवान शिव की भक्ति में बिताना चाहिए।
2. गुरुवार को बाल क्यों नहीं कटवाना चाहिए?
गुरुवार भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति का दिन माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन बाल कटवाने से गुरु का आशीर्वाद कम होता है और ज्ञान, धन तथा सुख-समृद्धि पर गलत असर पड़ सकता है। इस वजह से कई लोग गुरुवार को बाल नहीं कटवाते।
3. शनिवार को क्यों नहीं कटवाना चाहिए?
शनिवार भगवान शनि देव का दिन माना जाता है। मान्यता के अनुसार- इस दिन संयम, सेवा और पूजा पर ध्यान देना चाहिए। इसलिए कई परिवार शनिवार को भी बाल कटवाने से बचते हैं।
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कई धार्मिक परंपराओं में बुधवार और शुक्रवार को बाल कटवाने के लिए सबसे शुभ माना जाता है। कुछ लोग रविवार को भी बाल कटवा लेते हैं, लेकिन अलग-अलग जगहों में इसकी मान्यता अलग हो सकती है।
धार्मिक दृष्टि से नियत (भावना) को महत्व दिया गया है। अगर जॉब, एग्जाम, यात्रा, सेना, अस्पताल या किसी अन्य आवश्यक कारण से बाल कटवाने पड़ें, तो इसे गलत नहीं माना जाता।
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नहीं। भारत के अलग-अलग राज्यों, समुदायों और परिवारों में अलग-अलग परंपराएं हैं। कुछ लोग सिर्फ गुरुवार को बाल नहीं कटवाते, कुछ सोमवार और शनिवार को भी बचते हैं।