
Shehzad Poonawalla Biography: बीजेपी के चर्चित राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे शहजाद पूनावाला एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इसकी वजह उनका सोशल मीडिया प्रोफाइल बना है। उन्होंने अपने X (पूर्व में ट्विटर) बायो से "BJP National Spokesperson" हटा दिया और खुद को सिर्फ "PM नरेंद्र मोदी का आजीवन समर्थक" बताया। इसके बाद उनके सक्रिय राजनीति छोड़ने और बीजेपी से अलग होने की चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि, उन्होंने सार्वजनिक तौर पर इस पर कोई विस्तृत बयान नहीं दिया। इसी बीच उन्होंने अपने पुराने इंटरव्यू भी दोबारा शेयर किए, जिनमें वह राजनीति से आगे बढ़ने की इच्छा जाहिर करते दिखाई देते हैं। तमाम चर्चा के बीच जानिए शहजाद पूनावाला कौन हैं? एजुकेशन, करियर, फैमिली समेत रोचक बातें।
17 अक्टूबर 1987 को महाराष्ट्र के पुणे में जन्मे शहजाद पूनावाला पेशे से वकील हैं। राजनीति में आने से पहले उन्होंने संवैधानिक और कानूनी मामलों पर काम किया। वे सामाजिक मुद्दों पर भी सक्रिय रहे और 2013 में हाउसिंग में कथित सांप्रदायिक भेदभाव से जुड़े मामले में याचिकाकर्ता भी रहे। इसके अलावा उन्होंने कई राष्ट्रीय अखबारों में राजनीति, शासन और सार्वजनिक नीति पर लेख भी लिखे।
शहजाद पूनावाला ने शुरुआती पढ़ाई पुणे के सेंट विंसेंट हाई स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने कॉमर्स में ग्रेजुएशन किया और पुणे यूनिवर्सिटी से एलएलबी (LLB) की डिग्री हासिल की। राजनीति और प्रशासन की बेहतर समझ के लिए उन्होंने MIT स्कूल ऑफ गवर्नमेंट, पुणे से पॉलिटिक्स और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन का विशेष कोर्स भी पूरा किया।
शहजाद पूनावाला ने 2008 में कांग्रेस से सक्रिय राजनीति की शुरुआत की। वे एनएसयूआई और महाराष्ट्र कांग्रेस में कई जिम्मेदारियां निभाते रहे। लेकिन 2017 में कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर उन्होंने खुलकर सवाल उठाए और राहुल गांधी की ताजपोशी की प्रक्रिया को पारदर्शी नहीं बताया। इसी विवाद के बाद उनका कांग्रेस से अलगाव हो गया। कुछ समय बाद वे बीजेपी के साथ जुड़े और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता बने। टीवी डिबेट्स और सोशल मीडिया पर उन्होंने बीजेपी का पक्ष मजबूती से रखा और जल्द ही पार्टी के सबसे चर्चित चेहरों में शामिल हो गए।
हालिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि शहजाद पूनावाला ने निजी कारणों का हवाला देते हुए बीजेपी नेतृत्व को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने हाल ही में एक पुराने इंटरव्यू को दोबारा शेयर किया था, जिसमें कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरी बार सत्ता में आने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति छोड़ने का मन बना लिया था। हालांकि विधानसभा चुनावों तक पार्टी के लिए काम करने के बाद अब वे सार्वजनिक जीवन से आगे बढ़ने पर विचार कर रहे हैं।
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शहजाद पूनावाला का पालन-पोषण उनकी मां यास्मीन पूनावाला ने किया। उनके पिता सरफराज पूनावाला का निधन बचपन में ही हो गया था। उनके बड़े भाई तहसीन पूनावाला जाने-माने राजनीतिक विश्लेषक हैं। दोनों भाई कभी काफी करीब थे, लेकिन 2017 में शहजाद के कांग्रेस छोड़ने के बाद उनके रिश्तों में खटास आ गई। तहसीन की शादी मोनिका वाड्रा से हुई है, जो रॉबर्ट वाड्रा की रिश्तेदार हैं। आज दोनों अक्सर टीवी डिबेट्स में एक-दूसरे के आमने-सामने दिखाई देते हैं और अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।
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बीजेपी में आने के बाद शहजाद पूनावाला ने राष्ट्रीय टीवी डिबेट्स में पार्टी का पक्ष रखने वाले प्रमुख चेहरों में जगह बनाई। कानूनी मामलों, संविधान, राष्ट्रीय सुरक्षा, यूनिफॉर्म सिविल कोड, ट्रिपल तलाक, कल्याणकारी योजनाओं और विपक्ष पर उनके आक्रामक तर्कों ने उन्हें पहचान दिलाई। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास एजेंडे को भी लगातार प्रमुखता से सामने रखते रहे।