Who is Nirmal Purja: ब्रॉड पीक हादसे के बाद चर्चा में आए निर्मल पुर्जा कौन हैं? जानिए 6 महीने में दुनिया की 14 सबसे ऊंची चोटियां फतह कर इतिहास रचने वाले पर्वतारोही की कहानी।
Nirmal Purja Biography: पाकिस्तान के कराकोरम पर्वत क्षेत्र में स्थित 8,047 मीटर ऊंचे ब्रॉड पीक पर आए हिमस्खलन के बाद दुनिया के सबसे चर्चित पर्वतारोहियों में शामिल निर्मल पुर्जा सुर्खियों में हैं। वह ब्रॉड पीक अभियान का नेतृत्व कर रहे थे, जिसके बाद टीम से संपर्क टूट गया। बचाव कार्य जारी है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान उस शख्स की ओर खींच दिया है जिसने कुछ साल पहले पर्वतारोहण के इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक अपने नाम की थी। जानिए कौन हैं कौन हैं निर्मल पुर्जा और उनके बारे में रोचक बातें।
निर्मल पुर्जा कौन हैं?
नेपाल में जन्मे निर्मल पुर्जा को दुनिया 'निम्स दाई' के नाम से भी जानती है। उन्होंने साल 2019 में ऐसा रिकॉर्ड बनाया जिसे लंबे समय तक असंभव माना जाता था। उन्होंने दुनिया की 8,000 मीटर से ऊंची सभी 14 चोटियों पर सिर्फ 6 महीने से थोड़ा ज्यादा समय में चढ़ाई पूरी कर ली। इससे पहले यही रिकॉर्ड करीब 7 साल 10 महीने का था। अपने इस मिशन को उन्होंने 'प्रोजेक्ट पॉसिबल' नाम दिया था। उनकी इसी ऐतिहासिक यात्रा पर बाद में '14 Peaks: Nothing is Impossible' नाम से डॉक्यूमेंट्री भी बनी, जिसने दुनिया भर में उनकी पहचान और मजबूत की।
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ब्रिटिश आर्मी से दुनिया के सबसे बड़े पर्वतारोही बनने तक का सफर
निर्मल पुर्जा का करियर सेना से शुरू हुआ था। उन्होंने 2003 में ब्रिटिश आर्मी जॉइन की और 2009 में रॉयल मरीन का हिस्सा बने। पर्वतारोहण की शुरुआत 2012 में हुई, जब वे एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचे। वहीं से उन्होंने नेपाल की लोबुचे ईस्ट (6,119 मीटर) चोटी पर चढ़ाई की और यहीं से उनका नया सफर शुरू हुआ। कुछ ही वर्षों में उन्होंने दुनिया की सबसे कठिन चोटियों पर लगातार सफलता हासिल की और पर्वतारोहण की दुनिया के सबसे भरोसेमंद नामों में शामिल हो गए।
एवरेस्ट की वह तस्वीर जिसने पूरी दुनिया को सोचने पर मजबूर किया
मई 2019 में माउंट एवरेस्ट की चोटी के पास निर्मल पुर्जा ने पर्वतारोहियों की लंबी कतार की एक तस्वीर खींची थी। यह फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई और दुनिया भर में एवरेस्ट पर बढ़ती भीड़ और उससे जुड़े सुरक्षा जोखिमों पर बड़ी बहस छिड़ गई। निर्मल पुर्जा का कहना रहा है कि उनका मिशन सिर्फ पहाड़ों पर चढ़ना नहीं था, बल्कि लोगों को यह भरोसा दिलाना था कि मजबूत इरादों के साथ मुश्किल लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।
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ब्रॉड पीक अभियान क्यों बना चर्चा का विषय?
ब्रॉड पीक दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी मानी जाती है और इसे सबसे चुनौतीपूर्ण पर्वत अभियानों में गिना जाता है। इसी अभियान के दौरान आए हिमस्खलन के बाद निर्मल पुर्जा और उनकी टीम से संपर्क टूट गया। पाकिस्तान में हवाई और जमीनी स्तर पर खोज अभियान जारी है। फिलहाल आधिकारिक तौर पर सभी पर्वतारोहियों की स्थिति की पुष्टि नहीं हुई है।
निर्मल पुर्जा से जुड़े दिलचस्प तथ्य
- 2019 में 8,000 मीटर से ऊंची सभी 14 चोटियां रिकॉर्ड समय में फतह कीं।
- इस उपलब्धि से पहले रिकॉर्ड लगभग 7 साल 10 महीने का था।
- अपने मिशन का नाम 'Project Possible' रखा था।
- उनकी उपलब्धि पर '14 Peaks: Nothing is Impossible' डॉक्यूमेंट्री बनाई गई।
- उनके नाम पर्वतारोहण से जुड़े 6 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज हैं।
- ब्रिटिश आर्मी और बाद में रॉयल मरीन में सेवा देने के बाद उन्होंने प्रोफेशनल पर्वतारोहण को अपना करियर बनाया।
- एवरेस्ट पर लगी लंबी कतार की उनकी तस्वीर ने वैश्विक स्तर पर पर्वत सुरक्षा पर नई बहस छेड़ दी थी।
