
Why Hiccups Happen: हिचकी (Hiccup) एक रेगुलर बॉडी प्रोसेस है। लगभग हर इंसान को कभी न कभी हिचकी आती है। अक्सर यह हिचकी कुछ मिनटों या सेकेंडों में अपने आप बंद हो जाती है। कई बार यह लंबे समय तक आती रहती है। ऐसे केस में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। हिचकी आने पर गले से 'हिक' जैसा साउंड आती है। यह साउंड अचानक आता है, सबसे बड़ी बात इसे कोई चाहकर भी नहीं रोक सकता।
हमारे फेफड़ों के नीचे डायफ्राम (Diaphragm) नाम की एक बड़ी मांसपेशी होती है। यही मांसपेशी सांस लेने और छोड़ने में मुख्य रोल निभाती है। जब किसी वजह से डायफ्राम सिकुड़ जाता है, तो फेफड़ों में तेजी से हवा भर जाती है। उस दौरान गले में मौजूद स्वर-तंतु (Vocal Cords) अचानक बंद हो जाते हैं। इस वजह से 'हिक' की साउंड आती है। इसी को हम हिचकी कहते हैं। जैसे- जल्दी-जल्दी खाना खाने या एक साथ ज्यादा ठंडा ड्रिंक पीने पर हमारे डायफ्राम में अचानक मूमेंट या हलचल बढ़ जाती है और इसके बाद हिचकी स्टार्ट हो जाती है।
ज्यादातर लोगों में हिचकी किसी गंभीर बीमारी की वजह से नहीं आती। इसके लिए हमारी ही कुछ हैबिट या आदत जिम्मेदार होती हैं। जैसे-
- तेजी से खाना खाना
- भूख से ज्यादा खाना खाना
- बहुत गर्म या बहुत ठंडी चीजें खाना-पीना
- कोल्ड ड्रिंक या सोडा पीना
- शराब पीना
- बहुत ज्यादा हंसना
- अचानक डर जाना
- व्यक्तिगत समस्या, रिश्ते में खटास
- पेट में गैस बनना
इन कारणों से हमारे डायफ्राम या उससे जुड़ी नसों पर इंपैक्ट पड़ता है, जिसकी वजह से हिचकी आती है।
मान्यता है कि जब किसी को हिचकी आती है तो इसका मतलब कोई उसे याद कर रहा है। हालांकि साइंस इसे नहीं मानता है। किसी रिसर्च में भी अभी तक कोई रिजल्ट नहीं मिला है कि किसी के याद करने और हिचकी आने का कोई कनेक्शन है। यह एक लोकप्रिय मान्यता है।
अगर नॉर्म हिचकी आ रही है, तो कुछ घरेलू टिप्स इसमें मदद कर सकत हैं, जैसे-
- कुछ सेकंड तक सांस रोकें।
- धीरे-धीरे एक गिलास पानी पिएं।
- छोटे-छोटे घूंट में ठंडा पानी पिएं।
- गहरी सांस लेकर धीरे-धीरे छोड़ें।
- घुटनों को कुछ देर के लिए सीने की ओर मोड़कर बैठें।
- आराम करें और घबराएं नहीं।
ऐसा करने से हमारा डायफ्राम नॉर्मल कंडीशन में आ सकता है और हिचकी बंद हो सकती है।
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ज्यादातर हिचकी अपने आप ठीक हो जाती है। लेकिन कुछ मामलों में यह किसी बीमारी की ओर इशारा करती हैं। जाने कब डॉक्टर से मिलना चाहिए...
- हिचकी 48 घंटे से ज्यादा बनी रहे।
- खाना या पानी निगलने में दिक्कत हो।
- सोने में प्रॉब्लम होने लगे।
- लगातार वजन कम होने लगे।
- सीने या पेट में भयानक पेन महसूस हो।
छोटे बच्चों और नवजात में हिचकी आना सामान्य है। दूध पीते समय हवा पेट में चली जाने या ज्यादा दूध पीने से बच्चों को हिचकी आती है। हालांकि कुछ मिनटों में यह अपने आप बंद हो जाती है।
Content Sources: Mayo Clinic, Cleveland Clinic, MedlinePlus, NHS (UK).