
Cooking Oil Health Effects: पूड़ी, पराठे, पकौड़े, समोसे और कई तरह की सब्जियां तेल के बिना अधूरी लगती हैं। लेकिन जब यही तेल जरूरत से ज्यादा यूज होने लगे, तब यह धीरे-धीरे बॉडी के लिए समस्या खड़ी कर सकता है। डॉक्टरों का कहना है- तेल दुश्मन नहीं है, बल्कि बॉडी को इसकी जरूरत होती है। समस्या तब शुरू होती है, जब हम जरूरत से ज्यादा तेल, खासकर तला-भुना और बार-बार गर्म किया हुआ तेल खाने लगते हैं।
तेल में मौजूद फैट (वसा) बॉडी को एनर्जी देता है। यह विटामिन A, D, E और K जैसे फैट-सॉल्युबल विटामिन को बॉडी में अवशोषित करने में मदद करता है। इसके अलावा, यह हार्मोन बनाने और कोशिकाओं (Cells) को फिट रखने में भी रोल निभाता है। यानी तेल जरूरी है, लेकिन सही मात्रा में।
तेल में कैलोरी बहुत ज्यादा होती है। सिर्फ 1 ग्राम फैट में लगभग 9 कैलोरी होती हैं, जो कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन (4 कैलोरी प्रति ग्राम) से डबल से भी ज्यादा है। अगर बॉडी इन एक्स्ट्रा कैलोरी को खर्च नहीं कर पाता, तो वे वसा के रूप में जमा होने लगती हैं।
ज्यादा तला-भुना खाना और सैचुरेटेड फैट या ट्रांस फैट अधिक लेने से खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ सकता है। इससे धमनियों में चर्बी जमने का खतरा बढ़ता है, जो हार्ट संबंधी रिस्क बढ़ा सकता है।
ज्यादा तेल वाला खाना देर से पचता है। इससे गैस, अपच, पेट भारी लगना और एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। उदाहरण: अगर कोई इंसान रात में तली हुई पूड़ी या पकौड़े खाकर तुरंत सो जाए, तो अगले दिन पेट भारी और सुस्ती महसूस होती है।
अगर लंबे समय तक ज्यादा कैलोरी और अन बैलेंस्ड डाइट लिया जाए, तो कुछ लोगों में लिवर में वसा जमा होने लगती है। इसे फैटी लिवर कहा जाता है। हालांकि इसका कारण सिर्फ तेल नहीं, बल्कि कुल कैलोरी, मोटापा और लाइफ स्टाइल भी होती है।
एक ही तेल को बार-बार गर्म करने से उसमें ऐसे हानिकारक यौगिक (Compounds) बन सकते हैं, जो बॉडी के लिए खतरनाक माने जाते हैं। इसलिए यूज किया हुआ तेल बार-बार दोबारा गर्म करने से बचना चाहिए।
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भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और राष्ट्रीय पोषण संस्थान (NIN) के मुताबिक, एक फिट व्यक्ति के लिए हर दिन लगभग 20–30 ग्राम (करीब 4–6 चम्मच) तेल पर्याप्त है।
- तली हुई चीजों की बजाय उबला, भुना या स्टीम किया हुआ भोजन लें।
- एक ही तेल को बार-बार गर्म न करें।
- खाना बनाते समय तेल को नापकर यूज करें।
- अलग-अलग प्रकार के खाने वाले तेलों का हिसाब से यूज करें।
- रोजाना फल, हरी सब्जियां और साबुत अनाज खाएं।
- रेगुलर एक्सरसाइज करें।
उदाहरण- मान लीजिए 2 लोग एक जैसी सब्जी बनाते हैं। पहला उसमें 2 चम्मच तेल डालता है, जबकि दूसरा 6–7 चम्मच। दोनों का स्वाद थोड़ा अलग हो सकता है, लेकिन दूसरे के खाने में कैलोरी और फैट ज्यादा होगी। अगर यह आदत रोज बनी रहे, तो लंबे समय में वजन और हेल्थ दोनों पर असर पड़ सकता है।
Content Sources: WHO, Indian Council of Medical Research (ICMR), National Institute of Nutrition (NIN) India, American Heart Association (AHA), Mayo Clinic, Harvard T.H. Chan School of Public Health.