
Seat Belt Benefits: कार में बैठते ही सीट बेल्ट लगाना एक छोटी-सी आदत है, लेकिन यह रोड एक्सीडेंट के दौरान आपकी जान बचाने वाले उपायों में सबसे बड़ा उपाय है। कई लोग सोचते हैं सीट बेल्ट सिर्फ लंबी यात्रा या हाईवे पर जरूरी होती है, जबकि सच यह है कि ज्यादातर रोड एक्सीडेंट शहरों और कम दूरी की यात्रा के दौरान भी हो सकता है। आइए जानें सीट बेल्ट क्यों जरूरी है? यह कैसे काम करती है।
सीट बेल्ट एक सेफ्टी डिवाइस है, जिसे गाड़ी में बैठे इंसान को सीट पर सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया है। अगर कार अचानक रुक जाए या एक्सीडेंट हो जाए, तो सीट बेल्ट बॉडी को आगे की ओर तेजी से उछलने से रोकती है।
जब कार तेज स्पीड से चल रही होती है और अचानक टक्कर होती है, तो न्यूटन के गति के पहले रूल (Law of Inertia) के अनुसार बॉडी अपनी स्पीड बनाए रखना चाहता है। यानी कार रुक जाती है, लेकिन बॉडी आगे की ओर बढ़ता रहता है। इसी जगह पर सीट बेल्ट काम आता है। यह बॉडी को सीट से बांधे रखती है और टक्कर के झटके को बॉडी के मजबूत हिस्सों जैसे- कंधे, छाती और कूल्हों पर बांट देती है। इससे सिर, गर्दन और रीढ़ की गंभीर चोट का खतरा काफी कम हो जाता है। जैसे- आपकी कार 50 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही है और अचानक ब्रेक लगता है। अगर सीट बेल्ट नहीं लगी है, तो आपका शरीर डैशबोर्ड, स्टीयरिंग या विंडशील्ड से टकरा सकता है। सीट बेल्ट लगे होने पर यही जोखिम काफी कम हो जाता है।
1. गंभीर चोट का खतरा कम रहता है
सीट बेल्ट एक्सीडेंट के समय बॉडी को गाड़ी के अंदर सुरक्षित रखती है, जिससे सिर और छाती पर लगने वाली गंभीर चोटों का रिस्क कम होता है।
2. कार से बाहर फेंके जाने से बचाती है
भीषण एक्सीडेंट में बिना सीट बेल्ट वाले यात्रियों के गाड़ी से बाहर फेंके जाने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। सीट बेल्ट इस रिस्क को काफी हद तक कम करती है।
3. एयरबैग के साथ मिलकर बेहतर सिक्यूरिटी देती है
एयरबैग और सीट बेल्ट एक-दूसरे के सहायक हैं। एयरबैग तभी सबसे प्रभावी ढंग से काम करता है जब इंसान ने सीट बेल्ट पहनी हो। सिर्फ एयरबैग पर भरोसा करना सुरक्षित नहीं है।
4. आगे और पीछे दोनों सीटों पर जरूरी
कई लोग मानते हैं सिर्फ आगे बैठने वालों को सीट बेल्ट लगाना चाहिए। लेकिन पीछे बैठे लोगों के लिए भी सीट बेल्ट उतनी ही जरूरी है। बिना सीट बेल्ट वाला पीछे का यात्री एक्सीडेंट में खुद भी गंभीर रूप से घायल हो सकता है और आगे बैठे लोगों के लिए भी खतरा बन सकता है।
ये भी पढ़ें- दुनिया की सबसे संकरी गली, जहां एक बार में निकल सकता है सिर्फ 1 इंसान
वोल्वो ने इस टेक्निक का पेटेंट अपने पास रखा, लेकिन इसे दूसरे गाड़ी मेनुफेक्चरर्स के लिए फ्री यूज करने की इजाजत दे दी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाई जा सके। इसे ऑटोमोबाइल हिस्ट्री के सबसे बड़े सुरक्षा फैसलों में से एक माना जाता है।
ये भी पढ़ें- डोपिंग टेस्ट क्या होता है? खिलाड़ी का A और B सैंपल क्यों लिया जाता है?
कॉन्टेन्ट सोर्सः World Health Organization (WHO), National Highway Traffic Safety Administration (NHTSA)-USA, Ministry of Road Transport and Highways (MoRTH)-Government of India, Global Road Safety Partnership (GRSP), Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM).