दुनिया की 10 सबसे खतरनाक बाढ़, कहीं लाखों मरे तो कहीं पूरा शहर पानी में समा गया

Published : Aug 26, 2026, 04:45 PM IST
World Most Destructive Floods

सार

Deadliest Floods in History: नेपाल की भीषण फ्लैश फ्लड ने बाढ़ के खौफनाक चेहरे की याद दिला दी। जानिए इतिहास की 10 सबसे विनाशकारी बाढ़ें, जिन्होंने दुनिया में मचाई थी तबाही।

World Most Destructive Floods: नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई भीषण फ्लैश फ्लड ने एक बार फिर याद दिलाया कि बाढ़ सिर्फ पानी का बढ़ना नहीं, बल्कि कुछ ही मिनटों में पूरी बस्तियों, सड़कों और पुलों को तबाह करने वाली आपदा भी हो सकती है। नेपाल के रासुवा जिले में भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ से कम से कम 8 लोगों की मौत की खबर है और बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है। तिमुरे और स्याफ्रुबेसी इलाकों में घरों, बाजारों, पुलों और हाइड्रोपावर परियोजनाओं को भयंकर नुकसान पहुंचा है। लेकिन इतिहास में कुछ बाढ़ ऐसी भी रही हैं, जिनके सामने नेपाल की मौजूदा त्रासदी का पैमाना छोटा नजर आता है। इन घटनाओं में लाखों लोगों की जान गई, पूरे शहर-गांव तबाह हो गए और कई इलाकों को सालों तक इसका असर झेलना पड़ा। आइए जानते हैं दुनिया की 10 सबसे विनाशकारी बाढ़ों के बारे में...

1. 1931 की चीन की बाढ़

यांग्त्जी, हुआई और पीली नदी समेत कई नदियों में भयंकर बाढ़ आई। लगातार बारिश और पहले से मौजूद खराब परिस्थितियों ने आपदा को और बड़ा बना दिया। मौतों का आंकड़ा अलग-अलग स्रोतों में काफी अलग है, क्योंकि बाढ़ के साथ अकाल और बीमारियों से हुई मौतों को भी कई अनुमानों में शामिल किया गया है। लगभग 4.22 लाख से 40 लाख तक मौत का अनुमान।

2. 1887 की येलो रिवर बाढ़, चीन

येलो रिवर यानी पीली नदी के तटबंध टूटने के बाद पानी ने विशाल क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। ऐतिहासिक रिकॉर्ड के मुताबिक करीब 9.3 लाख लोगों की मौत हुई, जबकि कुछ अनुमानों में यह संख्या 20 लाख तक बताई जाती है।

3. 1975 बनकियाओ डैम आपदा, चीन

टाइफून नीना के कारण अत्यधिक बारिश हुई और हेनान प्रांत में बनकियाओ बांध समेत कई बांधों की व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। बाढ़ के साथ बाद में फैली बीमारियों ने भी बड़ी संख्या में लोगों की जान ली। अनुमानित मौत का आंकड़ा करीब 2.3 लाख माना जाता है।

4. 1938 की येलो रिवर बाढ़, चीन

यह बाढ़ सामान्य प्राकृतिक आपदा नहीं थी। चीन-जापान युद्ध के दौरान चीनी सैनिकों ने जापानी सेना को रोकने के लिए येलो रिवर के तटबंध तोड़ दिए थे। इसके बाद बड़े इलाके में पानी फैल गया। अलग-अलग स्रोतों में मौत का अनुमान अलग है और कई आंकड़े अकाल तथा बीमारी से हुई मौतों को भी जोड़ते हैं। लगभग 5 लाख से 7 लाख मौत का अनुमान था।

5. 1935 की यांग्त्जी बाढ़, चीन

यांग्त्जी नदी क्षेत्र में आई इस बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। बाढ़ के बाद बीमारी और भोजन की कमी ने हालात को और गंभीर बना दिया। उपलब्ध ऐतिहासिक आंकड़ों में करीब 1.45 लाख मौतों का उल्लेख मिलता है।

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6. 1911 की यांग्त्जी नदी बाढ़, चीन

यांग्त्जी नदी की भीषण बाढ़ ने विशाल आबादी वाले क्षेत्रों को प्रभावित किया। उस समय कोई चेतावनी और बचाव व्यवस्था नहीं होने के कारण नुकसान बेहद ज्यादा हुआ। अनुमानित मौतों का आंकड़ा करीब 1 लाख बताया जाता है।

7. 1530 की सेंट फेलिक्स बाढ़, नीदरलैंड्स

समुद्री तूफान और पानी के बढ़ने से नीदरलैंड्स के बड़े हिस्से में तबाही हुई। ऐतिहासिक रिकॉर्ड में इस आपदा से 1 लाख से ज्यादा मौतों का अनुमान।

8. 1099 की बाढ़, नीदरलैंड्स और इंग्लैंड

यह भीषण समुद्री बाढ़ मध्यकालीन यूरोप के लिए बड़ी आपदा साबित हुई। समुद्री पानी के बढ़ने और तूफानी परिस्थितियों ने तटीय इलाकों को प्रभावित किया। अनुमानित मौतों की संख्या करीब 1 लाख बताई जाती है।

9. 1287 की सेंट लूसिया बाढ़, उत्तरी यूरोप

समुद्री तूफान और तूफानी लहरों के कारण आई इस बाढ़ ने तत्कालीन तटीय क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई। ऐतिहासिक अनुमान के मुताबिक 50 हजार से 80 हजार लोगों की मौत हुई।

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10. 1974 की बांग्लादेश बाढ़, बांग्लादेश

मानसून की भारी बारिश से बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर बाढ़ आई। अलग-अलग स्रोतों में मौत का आंकड़ा काफी अलग मिलता है। इसी वजह से इस आपदा की मानवीय कीमत का अनुमान एक निश्चित संख्या में बताना मुश्किल है। मौत का आंकड़ा लगभग 27,000 से 1.5 लाख तक बताया जाता है।

नेपाल की बाढ़ से क्या सीख?

नेपाल की 2026 की घटना यह दिखाती है कि फ्लैश फ्लड के लिए हमेशा कई दिनों की बारिश जरूरी नहीं होती। पहाड़ी इलाकों में अचानक पानी का तेज बहाव, भूस्खलन, ग्लेशियर या नदी के जलस्तर में अचानक बदलाव कुछ ही समय में भारी नुकसान कर सकता है। इस बार रासुवा में भोटेकोशी नदी के आसपास के इलाकों में सड़क, पुल, बाजार और हाइड्रोपावर परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं।

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Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
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