
World Most Destructive Floods: नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई भीषण फ्लैश फ्लड ने एक बार फिर याद दिलाया कि बाढ़ सिर्फ पानी का बढ़ना नहीं, बल्कि कुछ ही मिनटों में पूरी बस्तियों, सड़कों और पुलों को तबाह करने वाली आपदा भी हो सकती है। नेपाल के रासुवा जिले में भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ से कम से कम 8 लोगों की मौत की खबर है और बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है। तिमुरे और स्याफ्रुबेसी इलाकों में घरों, बाजारों, पुलों और हाइड्रोपावर परियोजनाओं को भयंकर नुकसान पहुंचा है। लेकिन इतिहास में कुछ बाढ़ ऐसी भी रही हैं, जिनके सामने नेपाल की मौजूदा त्रासदी का पैमाना छोटा नजर आता है। इन घटनाओं में लाखों लोगों की जान गई, पूरे शहर-गांव तबाह हो गए और कई इलाकों को सालों तक इसका असर झेलना पड़ा। आइए जानते हैं दुनिया की 10 सबसे विनाशकारी बाढ़ों के बारे में...
यांग्त्जी, हुआई और पीली नदी समेत कई नदियों में भयंकर बाढ़ आई। लगातार बारिश और पहले से मौजूद खराब परिस्थितियों ने आपदा को और बड़ा बना दिया। मौतों का आंकड़ा अलग-अलग स्रोतों में काफी अलग है, क्योंकि बाढ़ के साथ अकाल और बीमारियों से हुई मौतों को भी कई अनुमानों में शामिल किया गया है। लगभग 4.22 लाख से 40 लाख तक मौत का अनुमान।
येलो रिवर यानी पीली नदी के तटबंध टूटने के बाद पानी ने विशाल क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। ऐतिहासिक रिकॉर्ड के मुताबिक करीब 9.3 लाख लोगों की मौत हुई, जबकि कुछ अनुमानों में यह संख्या 20 लाख तक बताई जाती है।
टाइफून नीना के कारण अत्यधिक बारिश हुई और हेनान प्रांत में बनकियाओ बांध समेत कई बांधों की व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। बाढ़ के साथ बाद में फैली बीमारियों ने भी बड़ी संख्या में लोगों की जान ली। अनुमानित मौत का आंकड़ा करीब 2.3 लाख माना जाता है।
यह बाढ़ सामान्य प्राकृतिक आपदा नहीं थी। चीन-जापान युद्ध के दौरान चीनी सैनिकों ने जापानी सेना को रोकने के लिए येलो रिवर के तटबंध तोड़ दिए थे। इसके बाद बड़े इलाके में पानी फैल गया। अलग-अलग स्रोतों में मौत का अनुमान अलग है और कई आंकड़े अकाल तथा बीमारी से हुई मौतों को भी जोड़ते हैं। लगभग 5 लाख से 7 लाख मौत का अनुमान था।
यांग्त्जी नदी क्षेत्र में आई इस बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। बाढ़ के बाद बीमारी और भोजन की कमी ने हालात को और गंभीर बना दिया। उपलब्ध ऐतिहासिक आंकड़ों में करीब 1.45 लाख मौतों का उल्लेख मिलता है।
ये भी पढ़ें- Capitals Name: China से लेकर Nauru तक, क्या आप बता सकते हैं 195 देशों की राजधानियों के नाम
यांग्त्जी नदी की भीषण बाढ़ ने विशाल आबादी वाले क्षेत्रों को प्रभावित किया। उस समय कोई चेतावनी और बचाव व्यवस्था नहीं होने के कारण नुकसान बेहद ज्यादा हुआ। अनुमानित मौतों का आंकड़ा करीब 1 लाख बताया जाता है।
समुद्री तूफान और पानी के बढ़ने से नीदरलैंड्स के बड़े हिस्से में तबाही हुई। ऐतिहासिक रिकॉर्ड में इस आपदा से 1 लाख से ज्यादा मौतों का अनुमान।
यह भीषण समुद्री बाढ़ मध्यकालीन यूरोप के लिए बड़ी आपदा साबित हुई। समुद्री पानी के बढ़ने और तूफानी परिस्थितियों ने तटीय इलाकों को प्रभावित किया। अनुमानित मौतों की संख्या करीब 1 लाख बताई जाती है।
समुद्री तूफान और तूफानी लहरों के कारण आई इस बाढ़ ने तत्कालीन तटीय क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई। ऐतिहासिक अनुमान के मुताबिक 50 हजार से 80 हजार लोगों की मौत हुई।
ये भी पढ़ें- चीन के तिब्बत से आई ऐसी बाढ़, नेपाल में मचा हाहाकार; 8 की मौत, बिहार तक पहुंचा खतरा
मानसून की भारी बारिश से बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर बाढ़ आई। अलग-अलग स्रोतों में मौत का आंकड़ा काफी अलग मिलता है। इसी वजह से इस आपदा की मानवीय कीमत का अनुमान एक निश्चित संख्या में बताना मुश्किल है। मौत का आंकड़ा लगभग 27,000 से 1.5 लाख तक बताया जाता है।
नेपाल की 2026 की घटना यह दिखाती है कि फ्लैश फ्लड के लिए हमेशा कई दिनों की बारिश जरूरी नहीं होती। पहाड़ी इलाकों में अचानक पानी का तेज बहाव, भूस्खलन, ग्लेशियर या नदी के जलस्तर में अचानक बदलाव कुछ ही समय में भारी नुकसान कर सकता है। इस बार रासुवा में भोटेकोशी नदी के आसपास के इलाकों में सड़क, पुल, बाजार और हाइड्रोपावर परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं।