चीन के तिब्बत से अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के रसुवा में भारी तबाही मचाई है। भोटेकोशी नदी उफान पर है, 8 लोगों की मौत और कई लोग लापता हैं। अब बिहार के 8 जिलों में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है।

नेपाल के रसुवा जिले में अचानक आई बाढ़ ने तबाही का मंजर खड़ा कर दिया है। चीन के तिब्बत क्षेत्र से अचानक आए तेज पानी के बाद भोटेकोशी नदी उफान पर है। टिमुरे और स्याब्रुबेसी में घर, बाजार, वाहन और दूसरी संपत्तियां पानी के तेज बहाव में बह गईं। एक पुल और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को भी नुकसान पहुंचा है। अब तक 8 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं।

टिमुरे में 9 पुलिसकर्मी लापता, हेलिपैड भी बहा

टिमुरे बॉर्डर पोस्ट पर तैनात 9 पुलिसकर्मियों के लापता होने की खबर है। राहत और बचाव अभियान में 14 हेलिकॉप्टर लगाए गए हैं और अब तक 25 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। हालात कितने गंभीर हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि फंसे लोगों को निकालने पहुंचा एक हेलिकॉप्टर बिना लैंड किए काठमांडू लौट गया। बाढ़ में स्थानीय हेलिपैड ही बह गया था। पायलट के मुताबिक, ऊपर से देखने पर टिमुरे गांव का बड़ा हिस्सा पानी में डूबा नजर आया। त्रिशूली नदी का जलस्तर भी अचानक तेजी से बढ़ा है।

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बारिश नहीं, ग्लेशियल झील फटने का शक

रसुवा में पिछले 24 घंटे के दौरान 7 मिमी से अधिक बारिश नहीं हुई। ऐसे में अधिकारियों को आशंका है कि यह सामान्य बारिश से आई बाढ़ नहीं, बल्कि तिब्बत में ग्लेशियल झील फटने यानी GLOF (Glacial Lake Outburst Flood) का नतीजा हो सकती है।

ICIMOD-UNDP की 2020 की स्टडी के अनुसार भोटेकोशी बेसिन में 122 ग्लेशियल झीलें हैं। हालांकि अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि पानी किस झील से आया। सैटेलाइट तस्वीरों और तकनीकी जांच के जरिए स्रोत का पता लगाया जा रहा है।

PM बालेन ने सेना तैनात करने के दिए निर्देश

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने प्रभावित क्षेत्रों में नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस को राहत-बचाव के लिए तैनात करने के निर्देश दिए हैं। अतिरिक्त एंबुलेंस और मेडिकल स्टाफ भी भेजा जा रहा है। नदी किनारे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।

रसुवा के अलावा नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन में भी त्रिशूली नदी के किनारे रहने वालों को सतर्क रहने को कहा गया है। लोगों को नदी में जाने, मछली पकड़ने और किनारे काम करने से बचने की सलाह दी गई है।

बिहार के 8 जिलों में हाई अलर्ट

नेपाल में आई इस बाढ़ का असर भारत के बिहार तक पहुंचने की आशंका है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर को हाई अलर्ट पर रखा गया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने गंडक नदी में करीब 3 मीटर ऊंची फ्लैश फ्लड वेव आने की आशंका जताई है। NDRF और SDRF की अतिरिक्त टीमें तैयार की जा रही हैं। गोपालगंज में NDRF टीम भेजने, मुजफ्फरपुर में टीम को स्टैंडबाय रखने और बेतिया में टीम तैनात करने की तैयारी है।

भोटेकोशी तिब्बत से निकलकर नेपाल आती है और आगे सुनकोशी में मिलती है। यही नदी तंत्र आगे सप्तकोशी यानी कोसी का हिस्सा बनकर बिहार में प्रवेश करता है। पिछले साल भी भोटेकोशी में आई बाढ़ से नेपाल में 9 लोगों की मौत हुई थी और 24 लोग लापता हुए थे।

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