जूलरी ब्रांड GIVA ने अपना वह विज्ञापन वापस ले लिया है, जिसमें एक्ट्रेस कृति सेनन नज़र आ रही थीं। साथ ही माफी भी मांगी है। तो आइए जानते हैं कौन हैं GIVA के मालिक ईशेंद्र अग्रवाल…साथ ही जानते हैं कि एक्ट्रस कृति सेनन और कंगना में क्या पंगा हुआ था…

जूलरी ब्रांड GIVA ने एक्ट्रेस कृति सेनन के रक्षाबंधन वाले विज्ञापन पर हुए विवाद के बाद उसे हटा लिया है। साथ ही कंपनी की तरफ जारी बयान में कहा कि उसका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। हम भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों का "सबसे ज़्यादा सम्मान" करता है। बता दें कि इस एड में कृति ब्रालेट-स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट पहने थीं। जिसमें वह कुत्ते को भी राखी बांधती नजर आ रही थीं। इस पर बीजेपी सांसद कंगना रानौत ने उन पर तीखा हमला बोला था।

अपने भाई को बिकिनी/अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी?

  • बता दें कि कृति ने इस ज्वेलरी के विज्ञापन में जिस तरह के कपड़े पहनकर राखी बांधते हुए दिखीं उसकी सोशल मीडिया पर खूब आलोचना हुई। हालांकि राहुल गांधी ने कृति के पहनावे के सपोर्ट किया था। लेकिन बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस को यह एड पसंद नहीं आया तो उन्होंने कृति पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इंस्ट्राग्राम पर लिखा-
  • हमारी अलमारियां तरह-तरह के कपड़ों से भरी हैं, आज की महिला एक ग्लोबल महिला है। कॉकटेल ड्रेस से लेकर लहंगा चोली, जींस से लेकर साड़ी, बिकिनी से लेकर सलवार कमीज तक, आज हमारे पास मौजूद सभी विकल्पों में से आप अपने भाई को बिकिनी/अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके स्टाइलिंग के बाकी ऑप्शन कहां हैं?

कौन हैं GIVA के संस्थापक और CEO ईशेंद्र अग्रवाल

  • बता दें कि GIVA के संस्थापक और CEO ईशेंद्र अग्रवाल हैं। उन्होंने 2019 में साथी निकिता प्रसाद और आदित्य लाबरू के साथ GIVA की शुरुआत की। उनका उद्देश्य था कि भारत में लोगों को स्टाइलिश, भरोसेमंद और कम कीमत में सिल्वर ज्वेलरी पहनाना था। लेकिन अब उनकी कंपनी एक विज्ञापन के बाद विवादों में फंस गई। आखिर में उन्होंने माफी मांगी और उसे हटा लिया।
  • ईशेंद्र अग्रवाल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आगरा के रहने वाले हैं। जिन्होंने कहने को तो इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। लेकिन मन उनका कुछ हटकर करने का था। इसके लिए उन्होंने बड़ी कंपनियों में काम किया और कॉर्पोरेट जगत को समझा। ताकि वह बिजनेस करें तो उसकी एबीसीडी जान सकें। उन्होंने ज्वेलरी फील्ड में व्यवसाय शुरू करने का सपना देखा था। इसका उन्होंने बारीकी से अध्ययन किया। इस रिसर्च में उनको लगा कि अधिकतर कंपनी सोने के गहनों पर ही ध्यान दे रही हैं। तो क्यों ना चांदी की ज्वेलरी बनाई जाए। गोल्ड को टक्कर दे सके...स्टालिश के साथ साथ किफायती भी हो।
  • ईशेंद्र अग्रवाल ने 2019 में GIVA की शुरुआत की। धीरे धीरे यह कंपनी सिल्वर की ज्लेलरी में बड़ा नाम बन गया। प्रमाणित गुणवत्ता, आकर्षक डिज़ाइन और आसान रिटर्न पॉलिसी ग्राहकों को पसंद आने लगी। आज कंपनी के 200 से अधिक स्टोर हैं वहीं विदेश में भी कई शोरूम हैं। बता दें कि 2026 की शुरुआत में कंपनी का अनुमानित वैल्यूएशन ₹4,200–₹4,400 करोड़ बताया गया है।