सूर्य ग्रहण के समय कुरुक्षेत्र में स्नान करने से मिलता है मोक्ष, कभी श्रीकृष्ण आए थे यहां-लाखों ने लगाई डुबकी

Published : Oct 25, 2022, 07:02 PM IST
सूर्य ग्रहण के समय कुरुक्षेत्र में स्नान करने से मिलता है मोक्ष, कभी श्रीकृष्ण आए थे यहां-लाखों ने लगाई डुबकी

सार

पूरे विश्व में इस साल का दूसरा सूर्यग्रहण दिवाली के ठीक दूसरे दिन यानि मंगलवार 25 अक्टूंबर के दिन पड़ा। जिसके चलते हरियाणा के पवित्र कुरूक्षेत्र स्थित पवित्र सरोवर में लाखों भक्तो ने स्नान किया। मान्यता है कि यहां डुबकी लगाने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

कुरुक्षेत्र. पूरे विश्व में सूर्य ग्रहण का असर देखने को मिला। इस साल का दूसरा सूर्य ग्रहण दिवाली के ठीक दूसरे दिन यानि मंगलवार 25 अक्टूंबर के दिन देखने को मिला। हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार सूर्य ग्रहण में सूतक माना जाता है, अर्थात वह एक प्रकार से अपिवत्र माना जाता है। और अशुध्द और अपवित्र हो  जाता है। इसके चलते ही वह स्नान करने के बाद ही शुद्ध होता है। इसी मान्यता के चलते आज के दिन हरियाणा के कुरुक्षेत्र में लाखों की संख्या में पवित्र सरोवर में डुबकी लगाई।

ठहरने की है उचित व्यवस्था, पहुंचा भक्तों का हुजुम
हिंदू मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण के दौरान कुरुक्षेत्र के पवित्र तालाबों में स्नान करना शुभ माना जाता है। इसलिए देश के विभिन्न कोनों से हजारों श्रद्धालु मंगलवार को सूर्य ग्रहण के दौरान यहां के पवित्र सरोवर में डुबकी लगाने के लिए पहुंचे। जिले में कोरोना महामारी के  चलते भले ही भीड़ नहीं आ पाई थी, वहीं अब सब खुलने के बाद लाखों की संख्या में भक्तगण पधारे है। यहां कार्यभार संभाल रहे अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन ने सूर्य ग्रहण के दौरान आयोजिल मेलें 5 लाख से अधिक भक्तों को ठहरने की उचित व्यवस्था की है। 

कई पवित्र स्थलों के दर्शन किए, सुविधा के लिए बनाई गई चौकियां
कुरुक्षेत्र स्थित ब्रह्म सरोवर में कई भक्तों ने सूर्य ग्रहण के चलते डुबकी लगाई। इसके साथ ही श्रध्दालुओं ने वहां ब्रह्म सरोवर के अलावा सन्निहित सरोवर, ज्योतिसर तीर्थ पिहोवा तीर्थ और यहां के अन्य स्थलों के साथ महाभारत भूमि के  दर्शन किए। यूपी से आए भक्त ने  बताया कि सूर्य ग्रहण  में यहां डुबकी लगाने का महत्व है। इसलिए यहां आना मेरा सौभाग्य है। इस समय कई संत ब्रम्ह सरोवर पहुंचे और वहां गंगा घाट क्षेत्र में  अनुष्ठान करने के साथ हवन किया।

मेले का आयोजन किया गया, सुविधा की पूरी व्यवस्था
कुरुक्षेत्र के डीसी सुशांत शर्मा ने बताया कि मेले में आने वाली भीड़ को कंट्रोल करने के लिए 100 से अधिक चौकियों का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही सूर्य ग्रहण मेला क्षेत्र को 20 सेक्टर में बांटा गया है। सभी सेक्टर में में ड्यूटी मजिस्ट्रेट अप्वाइंट किए गए है। भक्तों की सुविधा के लिए पानी, शौचालय और ठहरने के साथ सुरक्षा के उचित इंतजामात किए गए है। टेम्परेरी बिजली कनेक्शन के अलावा जनरेटर की भी व्यवस्था की गई है।

सुरक्षा में 200 से ज्यादा सीसीटीवी लगे, हजारों जवान तैनात
कुरुक्षेत्र में सूर्य ग्रहण मेला क्षेत्र और उसके आसपास 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए कुरुक्षेत्र के लिए विशेष ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं। भक्तों की सुरक्षा के तहत 4 हजार  पुलिस कांस्टेबलों को तैनात किया गया है। मोटरबोट और गोताखोरों के साथ कई टीमों को भी तैनात किया गया था ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अप्रिय घटना न हो।

यातायात की पूरी सुविधा
भक्तों की सुविधा के लिए 29 पार्किंग स्थान बनाए गए हैं जबकि तीर्थयात्रियों के लिए 40 टेलीफोन बूथ बनाए गए हैं। ब्रह्म सरोवर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए 260 ई-रिक्शा और 20 मिनी बसें नि:शुल्क उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा भक्तों के लिए स्पेशल ट्रेन का भी संचालन किया जा रहा है। इसके साथ ही एहतियात के तौर पर दमकल विभाग की कई टीमों को भी अलग-अलग जगहों पर तैनात किया गया।

यह भी पढ़े-  10 PHOTOS: भारत के अलग-अलग शहरों में कुछ इस तरह दिखा सूर्य ग्रहण, एक जगह तो दिखा चांद-सा नजारा

PREV

हरियाणा की राजनीति, कृषि-किसान मुद्दे, खेल उपलब्धियां, शिक्षा-रोजगार अपडेट्स और जिले-वार खबरें अब तुरंत पाएं। गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक समेत पूरे राज्य की रिपोर्टिंग के लिए Haryana News in Hindi सेक्शन देखें — भरोसेमंद खबरें Asianet News Hindi पर।

Recommended Stories

Gurugram Weather Today: गुरुग्राम में मकर संक्रांति पर मौसम कैसा रहेगा? ठंड ज्यादा लगेगी या कम
घूंघट वाली खूंखार बीवी: पति को प्यार से सुलाया, आधी रात को बेड पर बनी साइको किलर