
हेल्थ डेस्क। देश को कोरोनावायरस (Coronavirus) से तो राहत मिलने लगी है। लेकिन अब कई तरह के फंगस ने लोगों की चिंता को बढ़ा दिया है। भारत में ब्लैक, यलो और व्हाइट फंगस के बाद अब एस्पेरगिलिस नाम के फंगस ने दस्तक दे दी है। एस्परगिलोसिस इन्फेक्शन का अधिक जोखिम कोरोना रोगियों को है। फंगल संक्रमण के बढ़ते मामलों को स्टेरॉयड के उपयोग और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली इसके लिए जिमीदार हो सकते हैं। इसके अलावा ऑक्सीजन की आपूर्ति को हाइड्रेट करने के लिए इस्तेमाल होने वाला पानी भी जिम्मेदार बताया जा रहा है।
बुखार और ठंड लगना
बुखार और ठंड लगना कोरोना वायरस के शुरुआती लक्षण हैं, जो हल्के मामलों में 4-5 दिनों तक रह सकते हैं। यदि आपका बुखार संक्रमण के बाद वापस आता है तो यह फंगल संक्रमण के कारण हो सकता है।
सांस लेने में कठिनाई
जब फंगस फेफड़ों में फैलता है, तो सांस लेना मुश्किल हो जाता है। सांस फूलना या सांस फूलना यह संकेत दे सकता है कि फंगस फेफड़ों में फैल गया है।
खून के साथ खांसी
यदि संक्रमण फेफड़ों में फैल जाता है, तो संक्रमित व्यक्ति को लगातार खांसी का सामना करना पड़ सकता है। कुछ मामलों में खांसी के साथ खून भी आ सकता है। ऐसा लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं।
आंख के लक्षण
संक्रमण नाक के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है। यह मुख्य रूप से साइनस, फेफड़ों को प्रभावित करता है और फिर मस्तिष्क की ओर बढ़ता है। इससे सिरदर्द और आंखों में जलन या दर्द हो सकता है।
त्वचा को नुकसान
यह फंगल संक्रमण त्वचा पर भी फैल सकता है जिससे जलन, लालिमा, सूजन, छाले और खुजली हो सकती है। इस तरह के लक्षण महसूस होने पर आपको तुरंत जांच करानी चाहिए।
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