4 मिसकैरेज के बाद भी नहीं टूटी हिम्मत, 43 किलो वजन कम कर डॉक्टर बन गई फिटनेस कोच

Published : Oct 10, 2022, 06:26 PM ISTUpdated : Oct 10, 2022, 06:27 PM IST
4 मिसकैरेज के बाद भी नहीं टूटी हिम्मत, 43 किलो वजन कम कर डॉक्टर बन गई फिटनेस कोच

सार

मन में चाहत हो तो इंसान क्या कुछ नहीं कर सकता है। हम आपको एक ऐसी महिला की वेट लॉस जर्नी  (Weight Loss Journey) के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके जीवन में कई मुश्किलें आई लेकिन हिम्मत नहीं हारी और 43 किलो वजन कम करके सबको हैरान कर दिया।

हेल्थ डेस्क. 4 मिसकैरेज के बाद भी उसने खुद को टूटने नहीं दिया। पाचंवीं बार कंसीव किया तो लगातार छह महीने तक ब्लीडिंग हुई। डॉक्टर ने उसे चेतावनी भी दी कि उसके और बच्चे दोनों को जान का खतरा है। लेकिन तमाम मुश्किलों के बाद भी उसने बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद खुद पर फोकस किया और मोटापे को मात देते हुए 43 किलो वजन कम करके सबको हैरान कर दिया। ये कहानी डॉ. सुषमा पचौरी  (Dr.Sushma Pachouri) की है। रायपुर की रहने वाली डॉक्टर ने कैसे वजन कम किया आइए बताते हैं।

डॉक्टर सुषमा पचौरी अब मेडिकल फिल्ड में नहीं बल्कि जिम में लोगों को हेल्दी रहने का गुर सीखाती हैं। 15-16 साल रायपुर मेडिकल कॉलेज में प्रैक्टिस करने के बाद उन्होंने जॉब छोड़ दी। वो फुलटाइम फिटनेस कोच बन गई हैं। अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर फिटनेस से जुड़े वीडियो और तस्वीरें शेयर करती हैं। उनके इंस्टाग्राम पर जाकर उनके वेट लॉस जर्नी से जुड़े तस्वीरों और वीडियो को देख सकते हैं।

रिस्क के बाद भी बच्चे को जन्म देने का किया फैसला

डॉक्टर सुषमा एक मीडिया हाउस से बातचीत में बताती हैं कि 2007 से पहले 4 मिसकैरेज से वो गुजर चुकी। प्रेग्नेंसी के हर दूसरे या तीसरे महीने में मिसकैरेज हो जाता था। उस वक्त वजन 53 किलो था और पीसीओएस के कारण शरीर में हार्मोनल असंतुलन पैदा होता था और मिसकैरेज हो जाता था। साल 2006 में वो फिर से प्रेग्नेंट हुई। इस बार उन्हें ब्लीडिंग होने लगी। डॉक्टर के पास जाने पर उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह ब्लीडिंग होती रही तो भ्रूण को अबॉट करना पड़ेगा। लेकिन मैंने बच्चे जन्म देने का फैसला किया। अगर बच्चे का हार्ट बीट बंद हुआ तब ही अबॉर्शन कराऊंगी नहीं तो इसे जन्म दूंगी। 

हेल्दी बेबी को दिया जन्म

चौथे महीने से नौवें महीने तक सुषमा को हैवी ब्लीडिंग होती रही। वो पूरे वक्त बेड पर ही रहती थी। धीरे-धीरे वजन बढ़कर 93 किलो ह गया।  हार्मोंस के इंजेक्शन लगने की वजह से वजन तेजी से बढ़े। कई तरह की समस्याओं के बीच 18 मई 2007 को उन्होंने बेटे को जन्म दिया। वो पूरी तरह फिट था। 

भाई के कमेंट ने बदल दी जिंदगी

एक दिन मेरे भाई ने मुझसे कहा कि तुम मुझसे छोटी हो और लेकिन बड़ी दिखती हो। बस यही मेरी जिंदगी का टर्निंग प्वाइंट रहा। इसके बाद सुषमा ने जिम ज्वाइन किया और तीन महीने में 9 किलो वजन कम कर लिया। सुषमा कहती हैं कि ये मेरी लाइफ की सबसे बड़ी गलती थी कि मैं जिम में जाकर सिर्फ ट्रेडमिल पर दौड़ती थी। ना वेट ट्रेनिंग करती थी और ना ही डाइट पर फोकस था। 

डिप्रेशन में वजन बढ़ा

इसके बाद मैं फेसबुक पर एक पेज से जुड़ी और वहां से मैंने एक कोच हायर किया। वो बताती हैं कि कोच के हायर करने पर वो मुझ सबकुच खाते हुए भी वजन कम करने का तरीका बताया।इसके बाद मैंने अपना वजन कम किया और मैं 59 किलो पर आ गई। लेकिन साल 2019 में मेरे साथ कुछ हादसा हुआ जिसकी वजह से मैं डिप्रेशन में चली गई। जिसकी वजह से 10 किलो वजन बढ़ गया। फिर मैं 69 किलो पर पहुंच गई। फिर मैंने सोचा कि मैं दूसरे को फिट होने के लिए कहती हूं और खुद ही ऐसी बन गई हूं। फिर क्या था मैंने वजन कम करना शुरू किया और अब 50 किलो तक आ गई हूं। वो इस साल नवबंर 2022 में गोवा में आयोजित होने वाले बॉडीबिल्डिंग कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने वाली हैं।

ये है डाइट प्लान

डाइट प्लान के बारे में वो बताती हैं कि वो हमेशा घर का बना खाना खाती हैं। दूध, दाल, चावल, फल मेरे डाइट  का हिस्सा है। ब्रेकफास्ट में चाय-थेपला खाती हूं। लंच में रोटी, चावल, दही और सलाद लेती हूं। स्नैक्स में चाय और मखाना खाती हूं। डिनर में रोटी, चावल, दही और  सलाद खाती हूं। प्रोटीन के लिए मैं पनीर और व्हे प्रोटीन को डाइट में शामिल किया। इससे मुझे वजन कम करने में हेल्प हुई और मसल्स गेन में मदद मिली।

जिम में वेट ट्रेनिंग पर देती है ंजोर

जिम में वो वेट ट्रेनिंग करती हैं। वो सप्ताह में 5-6 दिन ट्रेनिंग करती हैं। एक से डेढ़ घंटा वेट ट्रेनिंग और 20 मिनिट कार्डियो करती हैं। इसके अलावा वो ट्रेडमिल पर रनिंग भी करती हैं।

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