बेटी के किडनैप की रिपोर्ट लिखाने गए तो पुलिस बोली- खुद ढूंढो, नतीजा- 3 महीने तक नाबालिग के साथ हुआ गैंगरेप

Published : Jul 25, 2022, 05:27 PM ISTUpdated : Jul 25, 2022, 05:53 PM IST
बेटी के किडनैप की रिपोर्ट लिखाने गए तो पुलिस बोली- खुद ढूंढो, नतीजा- 3 महीने तक नाबालिग के साथ हुआ गैंगरेप

सार

झारखंड के बोकारों में बदमाशों के द्वारा किडनैप करने के बाद लगातार 3 महीने तक एक नाबालिग गैंगरेप की शिकार होती रही। आरोपियों के चंगुल से छूटकर पीड़िता ने पुलिस को जाकर रिपोर्ट लिखाने की कोशिश की तो उन्होंने केस दर्ज करने से किया मना। कहां बेटी आ गई बाकी भूल जाओ और घर जाओ।

बोकारो ( झारखंड). झारखंड के बोकारों में बदमाशों की हैवानियम सामने आई है। यह मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है। जरिडीह की रहने वाली 9वीं की छात्रा से 3 युवकों ने 3 महीने तक गैंगरेप किया। इस दौरान जब नाबालिग ने विरोध करना चाहा तो उसके साथ मारपीट की जाती थी। पीड़ित 19 जुलाई को आरोपियों के चंगुल से निकल कर अपने घर पहुंची। रविवार को आरोपियों के चंगुल से छूटने के बाद नाबालिग बोकारो महिला थाना पहुंची तब मामला सामने आया। इस मामले में मनोज कुमार, विष्णु कुमार और मंतोष कुमार को आरोपी बनाया गया है। 

पुलसि ने भी नहीं दिया साथ, परिजनों से बोले- बेटी को खुद ढूंढो

पीड़िता के परिजनों ने नाबालिग की गुमशुदगी की लिखित शिकायत जारीडीह थाने में दर्ज कराई थी लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरकर बैठी रही और नाबालिग के आने का इंतजार करती रही। जब परिजन थाने गए तो बेटी को खुद खोज लेने की भी बात कही। पीड़िता ने आपबीती बताते हुए कहा कि गैंगरेप के दौरान उसे बेरहमी से पीटा जाता था। पीड़िता के बयान पर महिला पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत गैंगरेप की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। 

पीड़िता की दर्दनाक आपबीती... कमरे में बंद कर रखा, कहीं जाने पर मुंह बांध देते थे

परिवार के मुताबिक - 20 अप्रैल को पीड़िता घर से कपड़ा खरीदने बहादुरपुर आई थी। इसी दौरान जब वह कपड़ा खरीदकर घर लौट रही थी, उसी तरह मंतोष जो ऑटो लेकर गया था। तीनों ने मिलकर उसे ऑटो में बैठाया और उसका मुंह बांध दिया। सभी उसे उठाकर पिंडराजोरा थाना क्षेत्र के तेलीडीह स्थित फोरलेन में ले गये और एक कमरे में बंद कर दिया। लगातार उसके साथ तीनों ने बारी-बारी तीन महीने तक गैंगरेप किया। जब आरोपी कमरे से बाहर निकलते थे तो उसका मुंह बांधकर बाहर से कमरे में ताला लगा दिया जाता था। ये लोग पीड़िता को बाहर से खाना लाकर भी खिलाते थे। 19 जुलाई को पड़ोस की रहने वाली महिला ने पीड़िता को देखा और उसके बाद ताला तोड़कर उसे बाहर निकाला और परिजनों को इसकी सूचना दी। पीड़िता के पास उसका मोबाइल भी था लेकिन उसके मोबाइल को आरोपियों ने तोड़ डाला था। 

थाने में दर्ज नहीं की गई प्राथमिकी
पीड़िता और उसके परिजनों की सूचना के बाद जरूरी जारीडीह थाना मौके पर जरूर पहुंची लेकिन सिर्फ घटनास्थल का मुआयना कर वापस लौट गई और पीड़िता के मां को कहा कि लड़की मिल गई है। घर जाएं मामला दर्ज करने से कोई फायदा नहीं होगा। इसके बाद महिला थाने में आकर मामला न्याय के लिए दर्ज कराया है, पीड़िता का मेडिकल कराया जा रहा है। पुलिस मेडिकल के बाद न्यायालय में 164 का भी बयान दर्ज कराने वाली है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच करने की बात भी कह रही है।

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