अनोखा मामलाः 7 दिन से पढ़ाई करने स्कूल आ रहा बंदर, छुट्टी होने पर जाता है-पहली बेंच पर रहता है कब्जा

Published : Sep 14, 2022, 02:56 PM ISTUpdated : Sep 14, 2022, 04:01 PM IST
अनोखा मामलाः 7 दिन से पढ़ाई करने स्कूल आ रहा बंदर, छुट्टी होने पर जाता है-पहली बेंच पर रहता है कब्जा

सार

झारखंड के हजारीबाग में अनोखा मामला सामने आया है। दरअसल यहां एक बंदर पिछले सात दिनों से हर रोज स्कूल पहुंच 9वीं क्लास में बैठ कर पढ़ाई कर रहा है। हैरानी की बात यह है कि वह छुट्‌टी होने पर खुद ही उठ कर चला जाता है। हालाकि स्कूल की जानकारी के बाद वन विभाग उसे वहां से ले गया है।

हजारीबाग: झारखंड में एक अनोखा मामला देखने को मिल रहा है। स्कूल में अब तक आपने बच्चों को स्कूल में पढ़ाई करते देखा होगा लेकिन झारखंड में एक ऐसा स्कूल है जहां एक बंदर रोजाना पढाई करने स्कूल आ रहा है।  झारखंड के हजारीबाग जिले के चौपारण स्थित उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय दनुआ में यह अनोखा मामला देखने को मिला है। यहां हर रोज एक बंदर पढाई करने के लिए आ रहा है। शुरु में स्कूल के शिक्षक और विद्यार्थी घबरा गए लेकिन अब सबकुछ नॉर्मल है। बच्चे भी बंदर के साथ बैठ क्लास कर रहे हैं। यह अनोखा बंदर पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्कूल प्रबंधन ने इसे भगाने की लाख कोशीश की लेकिन बंदर नहीं भागा। वह अब रोजाना क्लास करने स्कूल आ रहा है। बंदर पहली बेंच पर ही बैठता है। सात दिनों से वह लागातार स्कूल आ रहा है। 

6 सितंबर को पहली बार आया स्कूल
6 सितंबर को बंदर पहली बार स्कूल आया। सुबह 10 बजे पहली बार वह स्कूल के नवीं कक्षा में घूस गया और पहली बेंच पर बैठ गया। क्लास में बंदर को अचानक देख शिक्षक और क्लास के विद्यार्थी घबरा गए। उसे भगाने की लाख कोशीश की गई। लेकिन बंदर शांत होकर बेंच पर बैठा रहा। थोड़ी देर बाद साहस जुटाकर बच्चे भी पढा़ई करने बैठ गए। इसके बाद से बंदर रोज निर्धारित समय पर स्कूल आ रहा है। नवीं कक्षा के पलही बेंच पर बैठ बच्चों के साथ पढा़ई करता है। शिक्षकों की बातें ध्यान से सुनता है। स्कूल छुट्‌टी होने पर वह खुद चला जाता है। स्कूल के बच्चे भी इसे मनोरंजन के तौर पर देख रहे हैं। बच्चो का डर अब खत्म हो गया है। 

क्या कहते हैं प्रिंसिपल
विद्यालय के प्रिंसिपल रतन कुमार वर्मा के अनुसार सात दिनों से बंदर लागातार स्कूल आ रहा है। शुरु में तो घबराहत हुई लेकिन अब शिक्षक और बच्चों में डर खत्म हो गया है। उसे भगाने की लाख कोशीश की गई। लेकिन बंदर नहीं भागा। बंदर क्लास में पढ़ा रहे शिक्षकों की बातें ध्यान से सुनता है। स्कूल की छुट्‌टी होते ही वह बंदर चला जाता है। वन विभाग को मामले की जानकारी दी गई है। लेकिन वह अभी तक पकड़ा नहीं जा सका है।

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