जमशेदपुर में अच्छे से नहीं पढ़ रही थी 4 साल की बेटी, माता-पिता ने पीट-पीटकर दे दी मौत

Published : Jul 05, 2022, 05:00 PM ISTUpdated : Jul 05, 2022, 07:01 PM IST
जमशेदपुर में अच्छे से नहीं पढ़ रही थी 4 साल की बेटी, माता-पिता ने पीट-पीटकर दे दी मौत

सार

कुछ दिन से बच्ची के पड़ोसियों ने उसे घर में और आसपास भी नहीं देखा तो पुलिस को दी सूचना। तब जाकर मामले का हुआ खुलासा। आरोपी माता-पिता हिरासत में। पुलिस कर रही वारदात की जांच

जमशेदपुर: (jamshedpur). झारखंड के जमशेदपुर जिले  में दिल को दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक बच्ची को न पढ़ने की ऐसी सजा मिली की जिसने भी सुना उनकी रुह तक कांप गई। दरअसल जिलें में एक 4 साल की बच्ची को उसके माता-पिता ने ना पढ़ने की ख़ौफ़नाक सजा दी। उसके हाथ-पैर बांधकर बच्ची को इतना पीटा की उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस को सूचना ना देकर बच्ची को उसके माता-पिता ने गालूडीह में ले जाकर दफना दिया। मामला परसुडीह थाना क्षेत्रे के बरिगोडा की है। अब इस मामले में माता-पिता पर हत्या कर सबूत छिपाने का मामला दर्ज करते हुए पुलिस ने मामले की जांच शुरु कर दी है। बच्ची का शव बरामद करने के लिए परसुडीह पुलिस की एक टीम गालूडीह के लिए रवाना हो चुकी है। बच्ची के पिता उत्तम माइती और मां अंजना देवी पर परसुडीह थाना के एएसआई संतोष लाल टुडू के बयान पर केस दर्ज किया गया है। माता-पिता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बच्ची के माता-पिता मजदुरी करते है। उनकी एक और बेटी है जो अपने मामा के घर पर रहती है। 

पढ़ाई न करने पर दी खौफनाक सजा
मामले की जांच कर रही पुलिस के अनुसार 29 जून को बच्ची धीपिका माइती की मौत हुई थी। मृतका के माता-पिता ने बताया है कि बच्ची पढ़ना नहीं चाहती थी। पढ़ने के लिए बोलने पर आना-कानी करती थी। 29 जून को बच्ची का हाथ-पैर बांध कर उसकी पिटाई की गई थी। जिससे उसकी तबियत बिगड़ गई। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। डर से वे लोग बच्ची को ट्रैन से गालूडीह ले गए और स्टेशन के पास एक जंगल मे बच्ची के शव को दफना दिया। फिर दोंनो पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम चले गए। बच्ची के मां का मायका झाड़ग्राम में है। उन्हें लगा की सबकुछ ठीक हो गया है। 4 जुलाई को बच्ची के माता-पिता घर वापस लौटे। जिसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया। वैसे पुलिस को दोंनो के बात पर विश्वास नहीं है। पुलिस को शक है कि बच्ची के शव को कहीं और दफनाया गया होगा। जब तक बच्ची का शव बरामद नहीं हो जाता तब तक मामला स्पष्ट नहीं होगा। 

पड़ोसियों ने पुलिस को दी सूचना
दरअसल, 4 जुलाई को बच्ची के माता-पिता घर वापस लौटे तो बच्ची उनके साथ नहीं थी। पड़ोसियों को शक हुआ तो सूचना पुलिस को दी गई। पड़ोसियों के अनुसार बच्ची के माता-पिता करीब तीन माह से बरिगोडा में किराया का मकान लेकर रह रहे थे। माता-पिता बच्ची को अक्सर पीटते थे। ऐसे में पड़ोसियों को बच्ची की हत्या किए जाने का शक हुआ। फिर पुलिस ने दोनों से कड़ाई से पूछताछ की तो दोनों ने सच पुलिस को बता दिया। 

मामले की जांच कर रहे परसुडीह  प्रभारी थानेदार राहुल कुमार ने बताया कि पढ़ाई नहीं करने के कारण बच्ची को उसके माता-पिता ने बांध कर पीटा था। जिससे उसकी मौत हो गई। दोनों बच्ची के शव को गालूडीह में दफनाने की बात बताई है। एक टीम को बच्ची के माता-पिता के साथ गालूडीह भेजा गया है,ताकि शव को बरामद किया जा सके।इसके साथ ही आगे की कार्यवाही की जा सके।

रेलवे लाईन की झाड़ियों के पास मिला बच्ची का शव

बच्ची का शव पुलिस ने देर शाम गालूडीह और राखामाइंस रेलवे स्टेशन के बीच झाड़ियों से बरामद कर लिया है। अब बच्ची के माता-पिता ने चलती ट्रेन से बच्ची का शव झाड़ियों में फेकने की बात पुलिस को बताई।

आदित्य सिंह की रिपोर्ट...

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