झारखंड से दुखद समाचार: प्रदेश के जल पुरुष पद्मश्री सिमोन उरांव को पैरालाइसिस अटैक, रिम्स में कराया गया भर्ती

Published : Jul 29, 2022, 09:26 PM IST
झारखंड से दुखद समाचार:  प्रदेश के जल पुरुष पद्मश्री सिमोन उरांव को पैरालाइसिस अटैक, रिम्स में कराया गया भर्ती

सार

झारखंड के जल पुरुष पद्मश्री सिमोन उरांव को आज यानि शुक्रवार को पैरालिसिस का अटैक आया जिन्हे गंभीर हालत  में  राज्य के रिम्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। जहां उनका  इलाज जारी है। जल संरक्षण के क्षेत्र में अच्छा काम करने के कारण वर्ष 2016 में पद्मश्री पुरस्कार मिला....

रांची: झारखंड के जल पुरुष पद्मश्री सिमोन उरांव के पैरालाइसिस अटैक आया है। शुक्रवार की दोपहर उन्हें अटैक आया। उन्हें रिम्स में भर्ती कराया गया है। जहां उनका इलाज चल रहा है। पूरे झारखंड में उनके ठीक गोने कि दुआएं की जा रही है। सिमोन उरांव रांची के बेड़ो स्थित सख्शीटोली गांव के रहने वाले हैं। उनका गांव रांची से 38 किमी दूर है। जानकारी के अनुसार बुधवार शाम से उनकी तबीयत खराब थी। शुक्रवार की दोपहर उन्हें अटैक आया तो परिजन उन्हें लेकर बेड़ो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां से उन्हें रिम्स रेफर कर दिया गया। बेड़ो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ सुमित्रा कुमारी के अनुसार उन्हे पैरालाइसिस अटैक आया है। उनका बीपी भी बढ़ा हुआ है। 

प्रणव मुखर्जी ने दिया था पद्मश्री 
जल संरक्षण के क्षेत्र में अच्छा काम करने के कारण सिमोन उरांव को वर्ष 2016 में पद्मश्री पुरस्कार मिला था। तत्कालिन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने उन्हें पद्मश्री दिया था। सिमोन उरांव ने जल संरक्षण का फायदा बताकर ग्रामीणों को एकजुट किया था। फिर नहर का निर्माण कराकर खेतों तक पानी पहुंचाया था। वे पहड़ा राजा, जल बाबा और जल पुरुष के नाम से जाने जाते हैं। जंगल बचाने के लिए वे हजारों पौधे भी लगा चुके हैं। उन्होंने अपना सारा जीवन प्रकृति और मानव कल्याण के लिए समर्पित किया। पद्मश्री के अलावा उन्हें कई और पुरस्कार भी मिले हैं। 

ग्रामीणों के साथ कुआं, तालाब, और बांध बनाया
सिमोन उरांव का जन्म बेड़ों गांव में हुआ था। जहां पानी की काफी समस्या थी। उनका गांव पहाड़ी इलाके में होने के कारण सिंचाई के लिए भी पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। सिमोन उरांव ने बच्पन से ही पानी की इस समस्या का समाधान निकालने की ठान ली। पहले उन्होंने मेहनत कर एक कुआं खोद डाला। उनके इस कार्य से प्रेरित होकर अन्य ग्रमीण भी उनके साथ जुड़ गए। फिर ग्रमीणों की मदद से सिमोन उरांव ने अपने इलाके में तीन बांध, पांच तालाब और कई कुएं खोद डाले। उनकी मेहनत के कारण उस क्षेत्र के लोगों को पानी की समस्या अब नहीं है।

य़ह भी पढ़े- धौलपुर में नाबालिग के साथ 6 लड़कों ने किया गैंगरेप, फैमली को बताई हैरान करने वाली कहानी

PREV

झारखंड की सरकार, खनन-उद्योग, आदिवासी क्षेत्रों की खबरें, रोजगार-विकास परियोजनाएं और सुरक्षा अपडेट्स पढ़ें। रांची, जमशेदपुर, धनबाद और ग्रामीण इलाकों की ताज़ा जानकारी के लिए Jharkhand News in Hindi सेक्शन फॉलो करें — विश्वसनीय स्थानीय रिपोर्टिंग सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Recommended Stories

Weather Forecast 22 July 2026: बिहार-झारखंड में कहां बरसेंगे बादल, कहां मिलेगी राहत? जानें आपके जिले का ताजा हाल
Weather Forecast 21 July 2026: बिहार-झारखंड के इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, जानिए तापमान का भी हाल