सन 1344 के बाद 28 अक्टूबर को गुरु पुष्य पर बन रहा है शनि-गुरु का दुर्लभ योग, ये हैं शुभ मुहूर्त

Published : Oct 26, 2021, 11:52 AM IST
सन 1344 के बाद 28 अक्टूबर को गुरु पुष्य पर बन रहा है शनि-गुरु का दुर्लभ योग, ये हैं शुभ मुहूर्त

सार

ज्योतिष शास्त्र में नक्षत्रों का विशेष महत्व बताया गया है। ये नक्षत्र किसी न किसी रूप में हमारे जीवन पर असर जरूर डालते हैं। इन सभी में पुष्य नक्षत्र का विशेष स्थान है। इसे नक्षत्रों का राजा भी कहा जाता है। दीपावली के पहले आने वाला पुष्य नक्षत्र बहुत ही खास होता है।

उज्जैन. इस बार 28 अक्टूबर, गुरुवार को पूरे दिन और रात पुष्य नक्षत्र (Guru Pushya 2021) रहेगा। पुष्य नक्षत्र गुरुवार को होने से इसे गुरु पुष्य कहा जाएगा। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, इस बार 677 साल बाद गुरु पुष्य (Guru Pushya 2021) नक्षत्र पर गुरु और शनि का दुर्लभ योग बन रहा है। साथ ही इस दिन अमृत सिद्धि योग व सर्वार्थ सिद्धि योग भी पूरे दिन रहेगा। इस दिन खरीदी गई वस्तुएं शुभफल देने वाली होती हैं। पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनिदेव हैं। शनिवार को या शनि के नक्षत्र में जो भी काम किया जाता है। वह लंबे समय तक चलता है। ऐसी मान्यता है।

चौघड़िए के अनुसार गुरु पुष्य के शुभ मुहूर्त
सुबह 6:30 से 07:54 तक- शुभ
सुबह 10:41 से दोपहर 12:05- चर
दोपहर 12:05 से 01:28 – लाभ
दोपहर 01:28 से 02:52- अमृत
शाम 04:16 से 05:39- शुभ

677 साल बाद गुरु-शनि का दुर्लभ योग
इस बार गुरु और शनि, शनि के स्वामित्व वाली मकर राशि में एक साथ स्थित हैं। दोनों ग्रह मार्गी रहेंगे और इन ग्रहों पर चंद्र की दृष्टि भी होगी। जिससे गजकेसरी योग भी बनेगा। चंद्र धन का कारक ग्रह है, और यह योग सभी प्रकार से मंगलकारी होगा। 677 साल पहले 5 नवंबर 1344 को भी गुरु-शनि की युति मकर राशि में थी और गुरु पुष्य योग बना था। इस बार 28 अक्टूबर को ये दुर्लभ योग बन रहा है।

गुरु पुष्य नक्षत्र पर इनसे मिलेगा लाभ
शनि-गुरु की युति से बने गुरु पुष्य नक्षत्र में घर, जमीन, सोने-चांदी के गहने या सिक्के, टू व्हीलर या फोर व्हीलर, इलेक्ट्रानिक्स आयटम, लकड़ी या लोहे का फर्नीचर, कृषि से जुड़ा सामान, पानी या बोरिंग की मोटर, बीमा पालिसी, म्यूचल फंड या शेयर मार्केट में निवेश करने से लाभ की प्राप्ति हो सकती है।

निवेश व दान करना शुभ 
बृहस्पति देवताओं के गुरु हैं और शनि गुरु का मान रखता है, साथ ही बृहस्पति और शनि के बीच कोई शत्रुता भी नहीं है। इसलिए पुष्य नक्षत्र गुरुवार को आना बहुत शुभ माना जाता है। इस योग में निवेश करना बहुत ही शुभ माना जाता है। ये निवेश लंबे समय तक लाभ देने वाला हो सकता है। पुष्य नक्षत्र पर खरीदारी के साथ ही दान-पुण्य भी जरूर करना चाहिए। जरूरतमंद लोगों को नए वस्त्र, अनाज, जूते-चप्पल और धन का दान करना चाहिए। किसी गौशाला में हरी घास और गायों की देखभाल के लिए धन का दान करें। 

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