Chaitra Navratri 2022 Navami Date: 10 अप्रैल को पूरे दिन रहेगी नवमी तिथि, करे सकेंगे पूजा व अन्य शुभ कार्य

Published : Apr 09, 2022, 12:13 PM IST
Chaitra Navratri 2022 Navami Date: 10 अप्रैल को पूरे दिन रहेगी नवमी तिथि, करे सकेंगे पूजा व अन्य शुभ कार्य

सार

10 अप्रैल, रविवार को चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri 2022) का समापन हो जाएगा। इस दिन देवी सिद्धिदात्री (goddess siddhidatri) की पूजा की जाएगी, साथ ही भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव (Ram Navami 2022) भी मनाया जाएगा।

उज्जैन. धर्म ग्रंथों में नवरात्रि की नवमी तिथि का विशेष महत्व बताया गया है, उसके अनुसार नवरात्रि के अंतिम दिन देवी सिद्धिदात्री की पूजा करने से हर तरह की सिद्धि हमें प्राप्त होती है। इस तिथि पर देवी पूजा की पूर्णाहुति होती है और हवन आदि का आयोजन किया जाता है। बहुत से लोग इस दिन कन्या पूजा (Kanya Puja 2022) भी करते हैं, जिसमें छोटी कन्याओं की घर बुलाकर भोजन करवाया जाता है और उन्हें कुछ उपहार भी दिया जाता है। नवरात्रि का अंतिम दिन होने से कई ज्योतिषीय और तंत्र-मंत्र के उपाय भी इस दिन किए जाते हैं। आगे जानिए नवरात्रि की नवमी तिथि से जुड़ी खास बातें…

ये भी पढ़ें- Durga Aarti Lyrics in Hindi: देवी मां की ये आरतियां हैं सबसे ज्यादा फेमस, इन्हें सुन झूमने लगते हैं भक्त

कब से कब तक रहेगी नवमी तिथि?
हिंदू पंचांग के अनुसार नवमी तिथि 9 अप्रैल, शनिवार की रात करीब 01.30 से शुरू होगी, जो 10 अप्रैल, रविवार को पूरे दिन रहेगी और रात लगभग 03:30 पर इस तिथि का समापन होगा। विद्वानों का मानना है कि 10 अप्रैल को पूरे दिन देवी की पूजा, कन्या भोज आदि शुभ काम किए जा सकते हैं। 

ये भी पढ़ें- Chaitra Navratri 2022 Ashtami Date: कब से कब तक रहेगी अष्टमी तिथि, जानिए इस तिथि का महत्व
 

देवी सिद्धिदात्री की होती है पूजा
देवी सिद्धिदात्री माँ दुर्गाजी की नौवीं शक्ति हैं। धर्म ग्रंथों के अनुसार, ये सभी प्रकार की सिद्धियां देने वाली हैं, इसलिए इनका नाम सिद्धिदात्री है। नवरात्रि के नौवें दिन इनकी पूजा की जाती है। देवता, असुर, गंधर्व, किन्नर, मनुष्य आदि सभी इनकी पूजा करते हैं।

ये भी पढ़ें- Mangal Gochar 2022: उज्जैन में है मंगल देवता का प्राचीन मंदिर, पूरे भारत में सिर्फ यहां होती है ये ‘खास’ पूजा

इस दिन मनाया जाएगा भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव
चैत्र नवरात्रि के अंतिम दिन यानी नवमी तिथि पर भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, त्रेतायुग में इसी तिथि पर भगवान विष्णु ने अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्र राम के रूप में जन्म लिया था। इस दिन राम मंदिरों में विशेष आयोजन व साज-सज्जा की जाती है। भगवान के दर्शनों के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ती है। भगवान श्रीराम की कृपा पाने के लिए हवन, पूजा, मंत्र जाप, उपाय आदि भी इस दिन किए जाते हैं।
 

ये भी पढ़ें-

Ram Navami 2022: पाना चाहते हैं सक्सेस तो हमेशा ध्यान रखें भगवान श्रीराम की ये 5 लाइफ मैनेजमेंट टिप्स


8 अप्रैल को बुध बदलेगा राशि, खत्म हो जाएगा बुधादित्य राज योग, इन 3 राशि वालों को बढ़ सकती हैं मुश्किलें

Kanjak 2022: बिना हवन अधूरी मानी जाती है नवरात्रि पूजा, जानिए किस दिन करें हवन और कन्या पूजन?

Mangal Gochar 2022: उज्जैन में है मंगल देवता का प्राचीन मंदिर, पूरे भारत में सिर्फ यहां होती है ये ‘खास’ पूजा
 

PREV

Aaj Ka Rashifal, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति और आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा—यहां सबसे सटीक जानकारी पढ़ें। इसके साथ ही विस्तृत Rashifal in Hindi में जीवन, करियर, स्वास्थ्य, धन और रिश्तों से जुड़े रोज़ाना के ज्योतिषीय सुझाव पाएं। भविष्य को बेहतर समझने के लिए Tarot Card Reading के insights और जीवन पथ, भाग्यांक एवं व्यक्तित्व को समझने हेतु Numerology in Hindi गाइड भी पढ़ें। सही दिशा और सकारात्मक मार्गदर्शन के लिए भरोसा करें — Asianet News Hindi पर उपलब्ध विशेषज्ञ ज्योतिष कंटेंट पर।

Recommended Stories

12 जनवरी का राशिफल, शुक्र के राशि बदलने से 4 राशियों की चमकेगी किस्मत
Weekly Tarot Horoscope: इस सप्ताह 5 राशि वालों को मिलेगी गुड न्यूज