
उज्जैन. पूरे साल में मंगल ग्रह 7 बार, गुरु 3 बार, सूर्य 12 बार, शुक्र 15 बार, बुध 19 बार और चंद्रमा हर सवा दो दिन में राशि परिवर्तन करेंगे। खास बात यह है साल 2021 में राहु-केतु और शनि राशि परिवर्तन नहीं करेंगे।
नए साल शनि अपनी स्वराशि मकर, राहु वृषभ राशि में और केतु वृश्चिक राशि में ही रहेंगे। काशी के ज्योतिषाचार्य पं. गणेश मिश्र का कहना है कि सूर्य से लेकर मंगल तक नए साल में अपनी राशि परिवर्तन करेंगे।
ग्रहों के चाल बदलने से व्यक्ति को कई बार शुभ तो कई बार अशुभ परिणामों की प्राप्ति होती है। राशि परिवर्तन जातकों की लाइफ में तरक्की, नौकरी और अचानक धन प्राप्ति का योग लेकर आता है।
पं. मिश्र ने बताया कि न्याय के देवता कहे जाने वाले शनिदेव साल 2021 में कोई राशि परिवर्तन नहीं करेंगे। इसी राशि में रहकर शनि पूरे चराचर जगत को प्रभावित करेंगे। शनिदेव को कर्म का कारक भी माना जाता है, शनि कर्म के अनुसार फल देते हैं।
पं. मिश्र के मुताबिक छाया ग्रह राहु वृषभ में और केतु वृश्चिक राशि में पूरे वर्ष भर रहेंगे। 23 सितंबर 2020 को राहु वृषभ राशि में और केतु वृश्चिक राशि में आए थे। राहु केतु के कारण पूरे विश्व में राजनीति चरम पर रहेगी और राजनीतिक उथल-पुथल चलती रहेगी। विश्व के कई राजनेताओं पर संकट छाया रहेगा।
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