
उज्जैन. पंचांग वैदिक काल से ही सनातन धर्म में काल गणना का एक प्रमुख अंग रहा है। ज्योतिष और पंडित आदि सभी शुभ कामों के लिए मुहूर्त देखने के लिए पंचांग का ही उपयोग करते हैं। हमारे देश में कई पंचांग प्रचलित है जैसे शक, युधिष्ठिर आदि, लेकिन उन सभी में विक्रम पंचांग प्रमुख है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पंचांग मुख्य रूप से 5 अंगों से मिलकर बनता है ये हैं करण, तिथि, नक्षत्र, वार और योग। इन सभी के योग से एक सटीक पंचांग तैयार किया जाता है। आगे जानिए पंचांग से जुड़ी खास बातें…
नवरात्रि के छठे दिन करें देवी स्कंदमाता की पूजा
आज (1 अक्टूबर) शारदीय नवरात्रि का छठा दिन है। इस दिन देवी दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा की जाती है। ऋषि कात्यायन के यहां पुत्री रूप में जन्म लेने से माता का ये नाम पड़ा। देवी का यह रूप सिंह पर सवार है। मां के स्वरूप की बात करें तो इनकी चार भुजाएं हैं। दाहिनी ओर ऊपर वाला हाथ अभयमुद्रा में है तथा नीचे वाला हाथ वर मुद्रा में है। बाएं तरफ के ऊपर वाले हाथ में तलवार है और नीचे वाले हाथ में कमल का फूल है।
1 अक्टूबर का पंचांग (Aaj Ka Panchang 1 October 2022)
1 अक्टूबर 2022, दिन शनिवार को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पूरे दिन रहेगी। ये शारदीय नवरात्रि का छठा दिन रहेगा। इस दिन देवी कात्यायनी की पूजा की जाएगी। शनिवार को ज्येष्ठा नक्षत्र दिन भर रहेगा। शनिवार को ज्येष्ठा नक्षत्र होने से मूसल नाम का अशुभ योग इस दिन बनेगा। इसके अलावा आयुष्मान और सौभाग्य योग नाम के 2 शुभ योग भी इस दिन रहेंगे। राहुकाल सुबह 09:19 से 10:47 तक रहेगा।
ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार रहेगी...
शनिवार की रात चंद्रमा वृश्चिक राशि से निकलकर धनु में प्रवेश करेगा। सूर्य, बुध और शुक्र कन्या राशि में, मंगल वृष राशि में, शनि मकर राशि में (वक्री), राहु मेष राशि में, गुरु मीन राशि में (वक्री) और केतु तुला राशि में रहेंगे। शनिवार को पूर्व दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। पूर्व दिशा में यात्रा करना पड़े तो अदरक, उड़द या तिल खाकर घर से निकलें।
1 अक्टूबर के पंचांग से जुड़ी अन्य खास बातें
विक्रम संवत- 2079
मास पूर्णिमांत- आश्विन
पक्ष- शुक्ल
दिन- शनिवार
ऋतु- शरद
नक्षत्र- ज्येष्ठा
करण- कौलव और तैतिल
सूर्योदय - 6:22 AM
सूर्यास्त - 6:10 PM
चन्द्रोदय - Oct 01 11:27 AM
चन्द्रास्त - Oct 01 10:17 PM
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:53 से दोपहर 12:40
1 अक्टूबर का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
यम गण्ड - 1:45 PM – 3:13 PM
कुलिक - 6:22 AM – 7:50 AM
दुर्मुहूर्त - 07:56 AM – 08:44 AM
वर्ज्यम् - 12:22 AM – 01:52 AM
कब से कब तक रहता है ब्रह्म मुहूर्त?
रोज सुबह 4 बजे से लेकर 5:30 बजे तक का समय ब्रह्म मुहूर्त कहा जाता है। हमारे ऋषि मुनियों ने इस मुहूर्त का विशेष महत्व बताया है। उनके अनुसार यह समय योग व मंत्र जाप के लिए श्रेष्ठ रहता है। इससे बल, बुद्धि और विद्या तीनों की प्राप्ति होती है। इस दौरान घर से बाहर निकलने से हमें शुद्ध वायु प्राप्त होती है जिससे फेफड़े स्वस्थ रहते हैं।
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