
उज्जैन. पंचांग का उपयोग हमारे देश में प्राचीन काल से किया जा रहा है। सिर्फ भारत ही बल्कि हमारे पड़ोसी देश जैसे नेपाल, कम्बोडिया, थाईलैण्ड, श्री लंका आदि में भी इसका उपयोग किया जाता है। पंचांग शब्द का अर्थ है, पांच अंगो वाला। पंचांग में समय गणना के पाँच अंग हैं : वार , तिथि , नक्षत्र , योग और करण। इन्हीं के आधार पर दिन भर के शुभ मुहूर्त निकाले जाते हैं। हमारे देश में आज भी कई पंचांग प्रचलित है, इन सभी में विक्रम पंचांग सबसे अधिक प्रचलित है। आगे जानिए आज के पंचांग से जुड़ी खास बातें…
गुरु पूर्णिमा आज, इसलिए मनाते हैं ये उत्सव
आज आषाढ़ मास की पूर्णिमा पर गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। ग्रंथों के अनुसार, इसी तिथि पर महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था। उन्हीं के सम्मान में हर साल गुरु पूर्णिमा का उत्सव मनाया जाता है। जिन लोगों की कुंडली में गुरु अशुभ स्थान पर हो वे यदि इस दिन कुछ खास उपाय करें तो उनकी परेशानी दूर हो सकती है। अगर आपका कोई गुरु न हो तो देवगुरु बृहस्पति की पूजा करने से भी शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है।
13 जुलाई का पंचांग (Aaj Ka Panchang 13 July 2022)
13 जुलाई 2022, दिन बुधवार को आषाढ़ मास की पूर्णिमा है। इस दिन सूर्योदय पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में होगा, जो दिन भर रहेगा। बुधवार को पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र होने से श्रीवत्स नाम का शुभ योग इस दिन बन रहा है। इसके अलावा इंद्र, हंस और बुधादित्य नाम के 3 अन्य शुभ योग भी इस दिन बन रहे हैं। इस दिन राहुकाल दोपहर 12:32 से 02:12 तक रहेगा। इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें।
ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार से होगी...
बुधवार को शुक्र ग्रह राशि बदलकर वृष से मिथुन में प्रवेश करेगा। इस राशि में पहले से ही सूर्य और बुध स्थिति है। एक ही राशि में 3 ग्रह होने त्रिग्रही योग बनेगा। इस दिन चंद्रमा धनु राशि में, शनि मकर राशि (वक्री), मंगल और राहु मेष राशि में, केतु तुला राशि में और गुरु (वक्री) मीन राशि में रहेंगे। बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि निकलना पड़े तो तिल या धनिया खाकर घर से बाहर निकलें।
13 जुलाई के पंचांग से जुड़ी अन्य खास बातें
विक्रम संवत- 2079
मास पूर्णिमांत- आषाढ़
पक्ष- शुक्ल
दिन- बुधवार
ऋतु- वर्षा
नक्षत्र- पूर्वाषाढ़ा
करण- विष्टि और बव
सूर्योदय - 5:53 AM
सूर्यास्त - 7:11 PM
चन्द्रोदय - 7:12 PM
चन्द्रास्त - 6:03 AM
बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं है
13 जुलाई का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
यम गण्ड - 7:32 AM – 9:12 AM
कुलिक - 10:52 AM – 12:32 PM
दुर्मुहूर्त - 12:06 PM – 12:59 PM
वर्ज्यम् - 06:18 AM – 07:42 AM
शूल योग (shul Yoga)
ज्योतिष शास्त्र में 27 शुभ-अशुभ योगों के बारे में बताया गया है। ये पंचांग के 5 अंगों में से एक है। इनमें से नौवें योग का नाम शूल है। ज्योतिषियों के अनुसार, ये बहुत ही अशुभ योग है। जब सातों ग्रह किन्हीं तीन भाव में स्थित हों तो शूल योग बनता है। इस योग का स्वामी राहु है। इस अशुभ योग में जन्मा व्यक्ति धन से वंचित और दिल से कठोर होता है। ऐसा व्यक्ति अपने ही परिवार के लिए बुरा सोचता है तो क्लेश का कारण बनता है। शुभ ग्रहों का प्रभाव होने पर ऐसे व्यक्ति भाग्यशाली और भरोसेमंद भी होते हैं।
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