
उज्जैन. हम बचपन से ही पंचांग का नाम सुनते आ रहे हैं। अधिकांश लोग ये जानते हैं कि पंचांग के शुभ मुहूर्त आदि निकाले जाते है जबकि पंचांग में और भी कई रोचक जानकारियां उपलब्ध होती हैं, जो हमारे काम की होती है। पंचांग मुख्य रूप से पांच चीजों से मिलकर बना होता है। इसीलिए इसे पंचांग कहते हैं- ये हैं करण, तिथि, नक्षत्र, वार और योग। पंचांग में इन सभी का अलग-अलग महत्व होता है। पंचांग में शुभ मुहूर्त के साथ-साथ ग्रह नक्षत्रों की स्थितियों का वर्णन भी मिलता है। साथ ही समय-समय पर होने वाले ग्रहण की जानकारी भी इसमें समाहित होती है। इसके अलावा भी बहुत सी ऐसी जानकारी जो हमारे लिए जरूर होती है, वो भी पंचांग में आसानी से मिल जाती है। आगे जानिए आज के पंचांग से जुड़ी खास बातें…
22 मई का पंचांग (Aaj Ka Panchang 22 May 2022)
22 मई 2022, दिन रविवार को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि रहेगी। इस दिन सूर्योदय धनिष्ठा नक्षत्र में होगा, जो पूरे दिन रहेगा। रविवार को धनिष्ठा नक्षत्र होने से मातंग नाम का शुभ योग इस दिन बन रहा है, ये शुभ योग पूरे दिन रहेगा। इस दिन राहुकाल शाम 5:21 से 7:00 तक रहेगा। इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें।
रविवार को अस्त होगा अगस्त तारा
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 22 मई, रविवार को अगस्त्य तारा अस्त हो जाएगा जो 7 सितंबर को फिर से उदय होगा। अगस्त्य आकाश के सबसे चमकीले तारों में दूसरे नंबर पर है। यह विषुव-वृत्त से 53 अंश दक्षिण में है। मध्य जनवरी से मध्य अप्रैल तक पूरे भारत में इसे आकाश में दक्षिण दिशा में देखा जा सकता है। यह तारा पृथ्वी से 180 प्रकाश वर्ष दूर है। अगस्त्य तारा सूर्य से लगभग 100 गुना बड़ा है।
ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार से होगी...
शनिवार को चंद्रमा मकर राशि में, मंगल, गुरु और शु्क्र ग्रह मीन में, सूर्य और बुध वृषभ राशि में, शनि कुंभ राशि में, राहु मेष राशि में और केतु तुला राशि में रहेंगे। शनिवार को पूर्व दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। पूर्व दिशा में यात्रा करना पड़े तो अदरक, उड़द या तिल खाकर घर से निकलें।
22 मई के पंचांग से जुड़ी अन्य खास बातें
विक्रमी संवत- 2079
मास पूर्णिमांत- ज्येष्ठ
पक्ष- कृष्ण
दिन- रविवार
ऋतु- ग्रीष्म
नक्षत्र- धनिष्ठा
करण- बव और बालव
सूर्योदय - 5:47 AM
सूर्यास्त - 6:59 PM
चन्द्रोदय - 12:35 AM
चन्द्रास्त - 12:49 PM
अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 11:57 से 12:49 तक
22 मई का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
यम गण्ड - 12:23 PM – 2:02 PM
कुलिक - 3:42 PM – 5:21 PM
दुर्मुहूर्त - 05:14 PM – 06:07 PM
वर्ज्यम् - 05:51 AM – 07:25 AM
क्या होता है पंचक?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों के कुछ शुभ-अशुभ योग हर महीने बनते हैं। इन्हीं में से एक है पंचक (Panchak)। मान्यता है कि पंचक (Panchak) के 5 दिन बहुत अशुभ होते हैं और इसमें कोई भी मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पंचक के अंतर्गत धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, पूर्वा भाद्रपद व रेवती नक्षत्र आते हैं। यानी चंद्रमा जब धनिष्ठा से लेकर रेवती नक्षत्र तक का सफर तय करता है तो इस समय को पंचक कहा जाता है।
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