
उज्जैन. कभी पंचांग हमारे दैनिक जीवन का एक अंग हुआ करता था क्योंकि पुरातन समय में लोग हर काम शुभ मुहूर्त देखकर ही करते थे। पंचांग से धान बोने का समय तय किया जाता था ताकि फसल अच्छी हो, पंचांग देखकर ही यात्राओं का समय तय किया जाता था ताकि किसी तरह की परेशानी न हो। आदि बहुत से कार्य पहले पंचांग में बताए गए समय पर ही करने की परंपरा थी। इसके अलावा भी पंचांग में ग्रह-नक्षत्र परिवर्तन से जुड़ी रोचक जानकारी उपलब्ध होती है। पंचांग मुख्य रूप से पांच चीजों से मिलकर बना होता है। इसीलिए इसे पंचांग कहते हैं- ये हैं करण, तिथि, नक्षत्र, वार और योग। पंचांग में इन सभी का अलग-अलग महत्व होता है। आगे जानिए आज के पंचांग से जुड़ी खास बातें…
27 में से 24वां नक्षत्र है शतभिषा
आज 23 मई को शतभिषा नक्षत्र रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में 24 नक्षत्र बताए गए हैं, इनमें से 24वां नक्षत्र है शतभिषा। ये नक्षत्र पंचक के अंतर्गत आने वाले 5 नक्षत्रों में से दूसरा है। ज्योतिषियों की मानें तो इस नक्षत्र में नामकरण, मुण्डन, खरीदारी और विद्या आरंभ करना शुभ माना जाता है। इसे गुप्त प्रवृत्ति वाला नक्षत्र भी कहते हैं। इस नक्षत्र में जन्में लोग बहुत साहसी और मजबूत विचारों वाले होते है, ये आसानी से किसी से प्रभावित नहीं होते। ये लोग धर्म के प्रति निष्ठावान होते हैं। दर्शन, चिकित्सा, मनोविज्ञान एवं ज्योतिष विषयों में इनकी खासी रूचि होती है।
23 मई का पंचांग (Aaj Ka Panchang 23 May 2022)
23 मई 2022, दिन सोमवार को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि रहेगी। इस दिन सूर्योदय शतभिषा नक्षत्र में होगा, जो पूरे दिन रहेगा। सोमवार को शतभिषा नक्षत्र होने से अमृत नाम का शुभ योग इस दिन बन रहा है, ये शुभ योग पूरे दिन रहेगा। इस दिन राहुकाल सुबह 07:25 से 9:05 तक रहेगा। इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें।
ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार से होगी...
सोमवार को चंद्रमा कुंभ राशि में, मंगल, गुरु और शु्क्र मीन में, सूर्य और बुध वृषभ राशि में, शनि कुंभ राशि में, राहु मेष राशि में और केतु तुला राशि में रहेंगे। सोमवार को पूर्व दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि मजबूरी में यात्रा करनी पड़े तो शीशे में अपना चेहरा देखकर या कोई भी पुष्प खा कर घर से निकलना चाहिए।
23 मई के पंचांग से जुड़ी अन्य खास बातें
विक्रमी संवत- 2079
मास पूर्णिमांत- ज्येष्ठ
पक्ष- कृष्ण
दिन- सोमवार
ऋतु- ग्रीष्म
नक्षत्र- शतभिषा
करण- कौलव और तैतिल
सूर्योदय - 5:46 AM
सूर्यास्त - 7:00 PM
चन्द्रोदय - 01:17 AM
चन्द्रास्त - 12:49 PM
अभिजीत मुहूर्त - 11:57AM: 12:50 PM
23 मई का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
यम गण्ड - 10:44 AM – 12:23 PM
कुलिक - 2:03 PM – 3:42 PM
दुर्मुहूर्त - 12:50 PM – 01:42 PM और 03:28 PM – 04:21 PM
वर्ज्यम् - 04:49 AM – 06:26 AM
ये हैं पंचांग के 5 अंग
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पंचाग के 5 मुख्य अंग बताए गए हैं। इनकी जानकारी इस प्रकार है…
नक्षत्र: ज्योतिष शास्त्र में 27 नक्षत्र बताए गए हैं। ये 27 नक्षत्र ही दक्ष प्रजापति की पुत्रियां हैं, जिनका विवाह चंद्रमा के साथ हुआ था।
करण: ये तिथि का आधा भाग होता है। इसका समय 8 से 12 घंटे तक हो सकता है। ज्योतिष में 11 करण बताए गए हैं।
वार: एक सप्ताह में सात वार होते हैं। इनके नाम इस प्रकार हैं- सोम, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि और रवि।
योग: नक्षत्र की ही तरह योग भी 27 होते हैं। इनमें से कुछ शुभ तो कुछ अशुभ होते हैं।
तिथि: एक तिथि 19 से 24 घंटे तक की हो सकती है। तिथि कुल 16 होती है प्रतिपदा से चतुर्दशी तक 14 और पूर्णिमा व अमावस्या।
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