
उज्जैन. प्राचीन समय में पंचांग ही शुभ-अशुभ मुहूर्त देखने के लिए एकमात्र साधन हुआ करता था। उस समय दैनिक क्रियाओं के लिए भी मुहूर्त देखे जाते थे। बदलते समय के साथ ये परंपरा जरूर खत्म हो गई लेकिन पंचांग का महत्व आज भी उतना ही है। वर्तमान में कई तरह के पंचांग बाजार में आसानी से मिल जाते है, इनका आधार भी अलग-अलग ही होता है। वर्तमान में विक्रम संवंत से संबंधित पंचांग ही सबसे ज्यादा सटीक है। पंचांग के 5 प्रमुख अंग बताए गए हैं- ये हैं करण, तिथि, नक्षत्र, वार और योग। इन सभी को जोड़कर पंचांग का निर्माण किया जाता है। पंचांग में शुभ मुहूर्त के अलावा गृह-नक्षत्र परिवर्तन से जुड़ी रोचक जानकारी भी आसानी से मिल जाती है। आगे जानिए आज के पंचांग से जुड़ी खास बातें…
24 मई का पंचांग (Aaj Ka Panchang 24 May 2022)
24 मई 2022, दिन मंगलवार को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि रहेगी। इस दिन सूर्योदय पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र में होगा, जो पूरे दिन रहेगा। मंगलवार को पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र होने से काण नाम का अशुभ योग इस दिन बन रहा है, वहीं सर्वार्थसिद्धि नाम का शुभ योग भी इस दिन बन रहा है। इस दिन राहुकाल दोपहर 03:42 शाम 5:21 तक रहेगा। इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें।
ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार से होगी...
मंगलवार की रात लगभग 8 बजे चंद्रमा कुंभ से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेगा। मंगल, गुरु और शु्क्र मीन में, सूर्य और बुध वृषभ राशि में, शनि कुंभ राशि में, राहु मेष राशि में और केतु तुला राशि में रहेंगे। मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिए। यदि निकलना पड़े तो गुड़ खाकर यात्रा पर जाना चाहिए।
24 मई के पंचांग से जुड़ी अन्य खास बातें
विक्रमी संवत- 2079
मास पूर्णिमांत- ज्येष्ठ
पक्ष- कृष्ण
दिन- मंगलवार
ऋतु- ग्रीष्म
नक्षत्र- पूर्वा भाद्रपद
करण- गर और वणिज
सूर्योदय - 5:46 AM
सूर्यास्त - 7:00 PM
चन्द्रोदय - May 24 1:55 AM
चन्द्रास्त - May 24 1:47 PM
अभिजीत मुहूर्त - 11:57 AM : 12:50 PM
24 मई का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
यम गण्ड - 9:05 AM – 10:44 AM
कुलिक - 12:23 PM – 2:03 PM
दुर्मुहूर्त - 08:25 AM – 09:18 AM और 11:19 PM – 12:02 AM
वर्ज्यम् - 08:28 AM – 10:07 AM
शुभ होता है पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र
24 मई, मंगलवार को पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र दिन रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पूर्वाभाद्रपद का अर्थ होता है, शुभ पद यानी भाग्यशाली पैरों वाला नक्षत्र। भद्र यानी सज्जन और कल्याणकारी, वहीं पद का अर्थ है चरण यानी पैर। इस प्रकार पूर्वाभाद्रपद ऐसा नक्षत्र है, जिसके आने से लोगों का कल्याण हो और वह लोगों के लिए शुभ हो। पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र का स्वामी गुरु ग्रह है। यह एक पाये की तरह दिखायी देता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में जन्मे लोग विपरीत परिस्थितियों में घबराते नहीं है और अपने दम पर सफलता प्राप्त करते हैं। इस नक्षत्र में जन्मे लोग भाग्यशाली होते हैं और अपने कार्य क्षेत्र में सफल मुकाम पाते हैं।
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