
उज्जैन. ग्रह-नक्षत्रों की गति पर आधारित कालदर्शक को पंचांग कहते हैं। जिसका सीधा अर्थ है हिंदू कैलेंडर। इसको पंचांग इसीलिए कहते हैं क्योंकि इसके पांच प्रमुख अंग हैं। ये पांच अंग- योग, वार, तिथि, नक्षत्र और करण हैं। इसकी गणना के आधार पर हिंदू पंचांग की तीन धाराएं हैं, पहली चंद्र पर आधारित, दूसरी नक्षत्र पर आधारित और तीसरी सूर्य पर आधारित है। पंचांग में प्रत्येक दिन के शुभ मुहूर्त आसानी से देखे जा सकते हैं। आगे जानिए आज के पंचांग से जुड़ी खास बातें…
नवरात्रि के चौथे दिन करें देवी कूष्मांडा की पूजा
आज (29 सितंबर, गुरुवार) शारदीय नवरात्रि का चौथा दिन है। इस दिन देवी दुर्गा के कूष्मांडा स्वरूप की पूजा की जाती है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, देवी कूष्मांडा का वाहन सिंह है। देवी की आठ भुजाएं हैं, इसलिए इन्हें अष्टभुजी देवी भी कहा जाता है। इनके हाथों में कमण्डल, धनुष, बाण, कमल का फूल, कलश, चक्र और गदा है। देवी के इस रूप की पूजा करने से लंबी उम्र, मान-सम्मान और बेहतर स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।
29 सितंबर का पंचांग (Aaj Ka Panchang 29 september 2022)
29 सितंबर 2022, दिन गुरुवार को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पूरे दिन रहेगी। ये शारदीय नवरात्रि का चौथा दिन रहेगा। इस दिन देवी कूष्मांडा की पूजा की जाएगी। गुरुवार को विशाखा नक्षत्र दिन भर रहेगा। गुरुवार और विशाखा नक्षत्र के योग से वर्धमान नाम का शुभ योग इस दिन बनेगा। इसके अलावा प्रीति योग भी इस दिन रहेगा। राहुकाल दोपहर 01:46 से 03:15 तक रहेगा।
ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार रहेगी...
गुरुवार को चंद्रमा तुला राशि से निकलकर वृश्चिक में प्रवेश करेगा। इस दिन सूर्य, बुध और शुक्र कन्या राशि में, मंगल वृष राशि में, शनि मकर राशि में (वक्री), राहु मेष राशि में, गुरु मीन राशि में (वक्री) और केतु तुला राशि में रहेंगे। गुरुवार को दक्षिण दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिए। यदि करनी पड़े तो दही या जीरा मुंह में डाल कर निकलें।
29 सितंबर के पंचांग से जुड़ी अन्य खास बातें
विक्रम संवत- 2079
मास पूर्णिमांत- आश्विन
पक्ष- शुक्ल
दिन- गुरुवार
ऋतु- शरद
नक्षत्र- विशाखा
करण- वणिज और विष्टि
सूर्योदय - 6:21 AM
सूर्यास्त - 6:12 PM
चन्द्रोदय - Sep 29 9:20 AM
चन्द्रास्त - Sep 29 8:38 PM
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:53 से दोपहर 12:40
29 सितंबर का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
यम गण्ड - 6:21 AM – 7:50 AM
कुलिक - 9:19 AM – 10:48 AM
दुर्मुहूर्त - 10:18 AM – 11:06 AM और 03:03 PM – 03:50 PM
वर्ज्यम् - 09:04 AM – 10:36 AM
क्या होता है यमगण्ड?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल की तरह ही यम गण्ड भी अशुभ समय होता है। शुभ कार्य के लिए मुहूर्त निकालते समय इसका भी विशेष ध्यान रखा जाता है। इसकी
गणना दिन के घंटों (सूर्योदय से सूर्यास्त तक) को 8 खंडों में विभाजित करके की जाती है। प्रत्येक दिन में सूर्य के पुत्र यम को आवंटित 1.5 घंटे की अवधि होती है। यह यम गण्डम अवधि सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के आधार पर भिन्न होती है।
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