
उज्जैन. पंचांग हमारी दैनिक जरूरतों में से एक है क्योंकि इसमें दिन भर के शुभ मुहूर्त व अन्य जरूरी जानकारियां आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं। पंचांग के प्रचलन सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि नेपाल और श्रीलंका आदि देशो में भी है। हमारे देश में कई तरह के पंचांग प्रचलित हैं। ये सभी सूर्य और चंद्रमा की गति पर आधारित होते हैं। इन सभी पंचांगों में विक्रम पंचांग सबसे अधिक प्रचलित है। आगे जानिए आज के पंचांग से जुड़ी खास बातें…
आज करें संतान सप्तमी का व्रत
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को संतान सप्तमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये एक 3 सितंबर, शनिवार को मनाया जाएगा। संतान सप्तमी का व्रत संतान की लंबी उम्र और उसकी अच्छी सेहत के लिए किया जाता है। इस पर्व को देश के अलग-अलग हिस्सों में विभिन्न नामों से मनाया जाता है।
3 सितंबर का पंचांग (Aaj Ka Panchang 3 september 2022)
3 सितंबर 2022, दिन शनिवार को भाद्रमास मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि दोपहर 12:28 तक रहेगी। इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी, जो रात अंत तक रहेगी। इस दिन संतान सप्तमी का पर्व मनाया जाएगा। शनिवार को सूर्योदय अनुराधा नक्षत्र में होगा, जो दिन भर रहेगा। शनिवार को अनुराधा नक्षत्र होने से अमृत नाम का शुभ योग दिन भर रहेगा। इसके अलावा वैधृति और विष्कुंभ नाम के 2 अन्य योग भी इस दिन रहेंगे। राहुकाल सुबह 09:19 से 10:52 तक रहेगा।
ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार रहेगी...
शनिवार को चंद्रमा वृश्चिक राशि में, शुक्र और सूर्य सिंह राशि में, बुध कन्या राशि में, मंगल वृष राशि में, शनि मकर राशि में (वक्री), राहु मेष राशि में, गुरु मीन राशि में (वक्री) और केतु तुला राशि में रहेंगे। शनिवार को पूर्व दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। पूर्व दिशा में यात्रा करना पड़े तो अदरक, उड़द या तिल खाकर घर से निकलें।
3 सितंबर के पंचांग से जुड़ी अन्य खास बातें
विक्रम संवत- 2079
मास पूर्णिमांत- भादौ
पक्ष- शुक्ल
दिन- शनिवार
ऋतु- वर्षा
नक्षत्र- अनुराधा
करण- वणिज और विष्टि
सूर्योदय - 6:13 AM
सूर्यास्त - 6:39 PM
चन्द्रोदय - Sep 03 12:29 PM
चन्द्रास्त - Sep 03 11:27 PM
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:01 से 12:51 तक
3 सितंबर का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
यम गण्ड - 1:59 PM – 3:32 PM
कुलिक - 6:13 AM – 7:46 AM
दुर्मुहूर्त - 07:52 AM – 08:42 AM
वर्ज्यम् - 04:16 AM – 05:47 AM
द्वितिया तिथि के स्वामी हैं ब्रह्मा
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कृष्ण और शुक्ल पक्ष मिलाकर कुल 16 तिथियां होती हैं। इनमें से 1 से लेकर 14 तक की तिथियां समान होती हैं। इनमें से दूसरी तिथि को द्वितिया कहते हैं। इसे दूज और बीज भी कहा जाता है। इस तिथि के स्वामी ब्रह्मा हैं। इसका विशेष नाम सुमंगला भी है। यह भद्रा संज्ञक तिथि है। भाद्रपद में यह शून्य संज्ञक होती है। द्वितीया तिथि चन्द्रमा की दूसरी कला है। इस कला का अमृत कृष्ण पक्ष में स्वयं भगवान सूर्य पी कर स्वयं को ऊर्जावान रखते हैं और शुक्ल पक्ष में पुनः चन्द्रमा को लौटा देते हैं।
ये भी पढ़ें-
PM मोदी ने इंडियन नेवी को सौंपा नया ध्वज, जानें इस पर किस देवता का नाम लिखा है?
Ganesh Utsav 2022: ऐसा है श्रीगणेश का परिवार, 2 पत्नियों के साथ 2 पुत्र और 1 पुत्री भी हैं शामिल
Ganesh Utsav 2022: किन देशों में 'कांगितेन' और 'फ्ररा फिकानेत' के नाम से पूजे जाते हैं श्रीगणेश?
Aaj Ka Rashifal, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति और आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा—यहां सबसे सटीक जानकारी पढ़ें। इसके साथ ही विस्तृत Rashifal in Hindi में जीवन, करियर, स्वास्थ्य, धन और रिश्तों से जुड़े रोज़ाना के ज्योतिषीय सुझाव पाएं। भविष्य को बेहतर समझने के लिए Tarot Card Reading के insights और जीवन पथ, भाग्यांक एवं व्यक्तित्व को समझने हेतु Numerology in Hindi गाइड भी पढ़ें। सही दिशा और सकारात्मक मार्गदर्शन के लिए भरोसा करें — Asianet News Hindi पर उपलब्ध विशेषज्ञ ज्योतिष कंटेंट पर।