
उज्जैन. ज्योतिष शास्त्र बहुत विशाल है। इसकी कई शाखाएं भी हैं, जिनके बारे में जानना और समझना बहुत ही मुश्किल है। इन सभी को संक्षिप्त रूप में पंचांग में समाहित किया गया है। ज्योतिषियों के अनुसार हर साल का नया पंचांग बनाया जाता है, लेकिन ये अंग्रेजी कैलेंडर पर आधारित न होकर हिंदू नववर्ष पर आधारित होता है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अंगों से मिलकर बनता है, इसीलिए इसे पंचांग कहते हैं- ये हैं करण, तिथि, नक्षत्र, वार और योग। आगे जानिए आज के पंचांग से जुड़ी खास बातें…
गोस्वामी तुलसीदास जयंती आज
4 अगस्त को गोस्वामी तुलसीदासजी की जयंती मनाई जाएगी। तुलसीदासजी भक्ति शाखा के कवियों में श्रेष्ठ माने गए हैं। इनके लिखित ग्रंथ आज भी काफी प्रचलित हैं। भगवान श्रीराम के जीवन पर आधारित श्रीरामचरित मानस तो भारतीय साहित्य का अमूल्य ग्रंथ हैं। जिस समय भारत में विदेश शासकों का प्रभुत्व था, उस समय गोस्वामी तुलसीदासजी ने हिंदू धर्म का प्रचार-प्रसार किया और अनेक ग्रंथों की रचना की। ऐसा भी कहा जाता है कि इन्हें भगवान श्रीराम और हनुमानजी ने साक्षात दर्शन दिए थे।
4 अगस्त का पंचांग (Aaj Ka Panchang 4 August 2022)
4 अगस्त 2022, दिन गुरुवार को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि रहेगी। गुरुवार को सूर्योदय चित्रा नक्षत्र में होगा, जो दोपहर 03.47 तक रहेगा। इसके बाद स्वाती नक्षत्र रात अंत तक रहेगा। गुरुवार को पहले चित्रा नक्षत्र होने से चर और उसके बाद स्वाती नक्षत्र होने से स्थिर नाम के 2 शुभ योग इस दिन बन रहे हैं। इनके अलावा साध्य और शुभ नाम के योग भी इस दिन रहेंगे। इस दिन राहुकाल दोपहर 02:10 से 03:48 तक रहेगा। इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें।
ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार रहेगी...
गुरुवार को चंद्रमा कन्या से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेगा। इस दिन बुध सिंह राशि में, सूर्य कर्क राशि में, शुक्र मिथुन राशि में, शनि मकर राशि (वक्री), मंगल-राहु मेष राशि में, गुरु मीन राशि में (वक्री) और केतु तुला राशि में रहेंगे। गुरुवार को दक्षिण दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिए। यदि करनी पड़े तो दही या जीरा मुंह में डाल कर निकलें।
4 अगस्त के पंचांग से जुड़ी अन्य खास बातें
विक्रम संवत- 2079
मास पूर्णिमांत- श्रावण
पक्ष- शुक्ल
दिन- गुरुवार
ऋतु- वर्षा
नक्षत्र- चित्रा और स्वाती
करण- गर और वणिज
सूर्योदय - 6:02 AM
सूर्यास्त - 7:03 PM
चन्द्रोदय - Aug 04 11:33 AM
चन्द्रास्त - Aug 04 11:19 PM
अभिजीत मुहूर्त - 12:06 PM – 12:59 PM
4 अगस्त का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
यम गण्ड - 6:02 AM – 7:40 AM
कुलिक - 9:17 AM – 10:55 AM
दुर्मुहूर्त - 10:22 AM – 11:14 AM और 03:35 PM – 04:27 PM
वर्ज्यम् - 12:21 AM – 01:56 AM
ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह का महत्व
ज्योतिष शास्त्र में हर ग्रह के बारे में काफी कुछ बताया गया है। उसी के अनुसार बुध ग्रह सौर मंडल का राजकुमार है। बुध ग्रह मिथुन और कन्या राशि का स्वामी है। ज्योतिष में इसे शुभ ग्रह की संज्ञा दी गई है। इसका अपना कोई खास प्रभाव नहीं होता, ये अन्य ग्रहों के साथ मिलकर उसी के अनुरूप फल देने लगता है। बुध जब शुभ ग्रहों (गुरु, शुक्र और बली चंद्रमा) के साथ होता है तो शुभ फल देता है और क्रूर ग्रहों (मंगल, केतु, शनि राहु, सूर्य) की साथ हो तो अशुभ फल देता है।
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