Sharadiya Navratri 2022: 30 साल बाद दुर्लभ योग में मनाई जाएगी नवरात्रि, जानें घट स्थापना के शुभ मुहूर्त

Published : Sep 22, 2022, 02:52 PM IST
Sharadiya Navratri 2022: 30 साल बाद दुर्लभ योग में मनाई जाएगी नवरात्रि, जानें घट स्थापना के शुभ मुहूर्त

सार

Sharadiya Navratri 2022: इस बार शारदीय नवरात्रि की शुरूआत 26 सितंबर, सोमवार से हो रही है, जो 4 अक्टूबर, मंगलवार तक रहेगी। इस दौरान रोज देवी के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाएगी। देवी मंदिरों में भी भक्तों की भीड़ उमड़ेगी।  

उज्जैन. धर्म ग्रंथों के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तिथि तक शारदीय नवरात्रि (Sharadiya Navratri 2022) का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 25 सितंबर से 4 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। ज्योतिषियों के अनुसार, इस बार नवरात्रि में ग्रहों का विशेष योग 30 साल बाद बन रहा है। इस बार देवी का आगमन हाथी से होगा, इसलिए इसका शुभ प्रभाव देश-दुनिया पर देखने को मिलेगा। आगे जानिए इस बार नवरात्रि में कौन-कौन से शुभ योग बन रहे हैं… 

30 साल बाद शनि-गुरु स्वराशि में
श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. मृत्युञ्जय तिवारी के अनुसार, इस बार नवरात्रि में शनि और देवगुरु बृहस्पति ग्रह अपनी-अपनी राशि यानी मकर और मीन में रहेंगे। ऐसा संयोग 30 साल बाद बना है। इन दोनों ग्रहों के स्वराशि में होने से राजनीति से जुड़े लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा। इन्हें कोई बड़ा पद भी मिल सकता है। ग्रहों के इस योग का सबसे ज्यादा फायदा मेष, वृषभ, कर्क, कन्या, वृश्चिक, मकर व कुंभ राशि वाले लोगों को होगा। इनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

ये है घट स्थापना का शुभ मुहूर्त
डॉ. तिवारी के अनुसार, 26 सितंबर, सोमवार को नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना की जाएगी। ये कार्य दोपहर तक करना उचित रहता है। कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 6.22 से 7.53 बजे तक रहेगा। इसके बाद सुबह 09.23 से 10.53 और अभिजीत मुहूर्त 11.59 से 12.47 बजे तक रहेगा। इन तीनों योगों में कभी-भी घट स्थापना की जा सकती है, जो शुभ फल देने वाली रहेगी।

राशि अनुसार करें ये उपाय (Navratri Ke Rashi Anusar Upay) 
मेष राशि:
देवी दुर्गा को लाल फूल चढ़ाएं और पूजा करें।
वृषभ राशि: सफेद कपड़े पहनकर देवी सरस्वती की आराधना करें। 
मिथुन राशि: हरे कपड़े पहनकर देवी भुवनेश्वरी की पूजा करें। 
कर्क राशि: देवी भैरवी को चावल-दही का भोग लगाएं। 
सिंह राशि: देवी जया की आराधना करें और लाल फूल चढ़ाएं। 
कन्या राशि: देवी दुर्गा के चन्द्रघंटा स्वरूप की आराधना करें। 
तुला राशि: सफेद कपड़े पहनकर देवी लक्ष्मी की पूजा करें।
वृश्चिक राशि: लाल कपड़े पहनकर देवी के कालरात्रि स्वरूप की पूजा करें। 
धनु राशि: पीले कपड़े पहनकर देवी के मातंगी स्वरूप की आराधना करें।
मकर राशि: देवी शारदा को नीले फूल चढ़ाकर पूजा करें। 
कुंभ राशि: देवी काली की पूजा नीले आसन पर बैठकर करें। 
मीन राशि: पीले कपड़े पहनकर देवी गौरी की आराधना करें। 


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