
अगर आपकी मिर्च की फसल पर अचानक पत्तियां मुड़ने लगें, नई कोपलें सिकुड़ जाएं या पत्तों के नीचे छोटे-छोटे हरे, काले या सफेद कीड़े दिखाई दें, तो समझ जाइए कि पौधे पर चूसने वाले कीट (Sap-Sucking Pests) का हमला हो चुका है। ये कीड़े पौधे का रस चूसकर उसे कमजोर बना देते हैं, जिससे मिर्च की बढ़वार रुक जाती है और फल भी छोटे या टेढ़े-मेढ़े आने लगते हैं। अच्छी बात यह है कि शुरुआत में ही इन कीड़ों की पहचान कर ली जाए, तो कुछ आसान DIY Ideas अपनाकर बिना महंगे केमिकल के भी पौधों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
मिर्च के पौधे पर सबसे ज्यादा एफिड (Aphids), व्हाइट फ्लाई (Whiteflies), थ्रिप्स (Thrips) और माइट्स (Spider Mites) जैसे कीड़े हमला करते हैं। ये कीट गर्म और नम मौसम में तेजी से बढ़ते हैं। अगर पौधे बहुत घने लगाए गए हों, हवा का प्रवाह कम हो या लगातार नाइट्रोजन वाली खाद डाली जाए, तो नई कोमल पत्तियां तेजी से निकलती हैं, जिन पर ये कीड़े आसानी से हमला कर देते हैं।
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अगर मिर्च के पौधे की नई पत्तियां अंदर की ओर मुड़ रही हैं, पत्तों पर चिपचिपा फ्लूइड दिखाई दे रहा है या छोटी-छोटी चींटियां पौधे पर घूम रही हैं, तो यह चूसने वाले कीड़ों का साइन हो सकता है। कई बार पत्तियों का रंग हल्का पीला पड़ने लगता है और पौधे की ग्रोथ भी रुक जाती है। इन लक्षणों को नजरअंदाज करने पर फूल और फल दोनों पर असर पड़ता है।
नीम का तेल नैचुरल कीटनाशक माना जाता है। एक लीटर पानी में 5–7 मिली नीम ऑयल और कुछ बूंदें लिक्विड साबुन मिलाकर घोल तैयार करें। इस मिक्स को सुबह या शाम के समय पत्तों के ऊपर और नीचे अच्छी तरह स्प्रे करें। सप्ताह में एक या दो बार इसका इस्तेमाल करने से कीड़ों की गिनती काफी कम हो सकती है।
10–12 लहसुन की कलियां और 2–3 हरी मिर्च पीसकर एक लीटर पानी में रातभर भिगो दें। अगले दिन इसे छानकर स्प्रे बोतल में भर लें। इस स्प्रे की तेज गंध कई चूसने वाले कीटों को पौधों से दूर रखने में मदद करती है।
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अगर पौधे पर कीड़ों की संख्या कम है, तो एक लीटर पानी में आधा चम्मच माइल्ड लिक्विड साबुन मिलाकर स्प्रे करें। यह घोल कीड़ों की बाहरी परत को प्रभावित करता है, जिससे वे धीरे-धीरे खत्म होने लगते हैं। ध्यान रखें कि डिटर्जेंट पाउडर का यूज न करें, क्योंकि इससे पत्तियां जल सकती हैं।
शुरुआत में सुबह के समय तेज पानी की फुहार से पत्तों के नीचे मौजूद कीड़ों को हटाया जा सकता है। इसके बाद पौधों को अच्छी धूप और हवा मिलने दें ताकि नमी ज्यादा देर तक न बनी रहे।
व्हाइट फ्लाई और कई उड़ने वाले कीट पीले रंग की ओर अट्रैक्टिव होते हैं। पौधों के बीच पीले स्टिकी ट्रैप लगाने से इन कीड़ों की संख्या कम करने में मदद मिलती है और संक्रमण फैलने की गति भी घटती है।
सूखी पत्तियां, संक्रमित टहनियां और खरपतवार समय-समय पर हटाते रहें। गार्डन में सफाई रखने से कीड़ों को पनपने का मौका कम मिलता है। साथ ही पौधों के बीच प्रॉपर दूरी रखें ताकि हवा का फ्लो बना रहे।
एफिड जैसे कीड़ों का संबंध अक्सर चींटियों से होता है। चींटियां इन कीड़ों की सुरक्षा करती हैं क्योंकि उन्हें उनसे निकलने वाला मीठा पदार्थ पसंद होता है। अगर गमलों या क्यारियों में चींटियों की संख्या कम रखी जाए, तो एफिड्स का प्रकोप भी काफी हद तक घट सकता है।
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