
बारिश का मौसम पौधों के लिए जितना फायदेमंद होता है, उतना ही यह कीड़े-मकोड़ों और फंगल इंफेक्शन के बढ़ने का भी समय होता है। लगातार नमी, गीली मिट्टी और पानी का जमाव एफिड्स, मिलीबग्स, स्लग्स, घोंघे, कैटरपिलर और मच्छरों जैसे कीटों को तेजी से पनपने का मौका देता है। ऐसे में अगर समय रहते बगीचे की सही देखभाल न की जाए, तो हरे-भरे पौधे कुछ ही दिनों में कमजोर पड़ सकते हैं। अगर आप चाहते हैं कि मानसून में भी आपका गार्डन हेल्दी, हरा-भरा और कीट-फ्री रहे, तो इन 5 आसान लेकिन असरदार तरीकों को जरूर अपनाएं।
अगर बारिश के मौसम में आपके गमलों पर घोंघे (Snails) और स्लग्स चढ़ जाते हैं, तो गमले के ऊपरी किनारे पर कॉपर टेप चिपका दें। जब स्लग या घोंघा कॉपर के कनेक्ट में आता है, तो हल्का इलेक्ट्रो-केमिकल रिएक्शन होता है, जिससे वह आगे नहीं बढ़ता। यह तरीका यूरोप और अमेरिका के किचन गार्डन में काफी फेमस है और इसमें किसी केमिकल का इस्तेमाल भी नहीं होता। खासतौर पर लेट्यूस, पालक और फूलों वाले पौधों के लिए यह बहुत असरदार माना जाता है।
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सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन स्लग्स और घोंघे बीयर की गंध से अट्रैक्टिव होते हैं। एक छोटी कटोरी या प्लास्टिक कप में थोड़ी-सी बीयर भरकर मिट्टी के स्तर तक गाड़ दें। रात में स्लग्स इसकी ओर खिंचे चले आते हैं और ट्रैप में फंस जाते हैं। यह तरीका केमिकल-फ्री है और खासतौर पर बारिश के मौसम में सब्जियों के बगीचे के लिए काफी असरदार माना जाता है।
यह टैक्निक प्रोफेशनल गार्डनर्स भी अपनाते हैं। इसमें ऐसे पौधे लगाए जाते हैं, जिनकी ओर कीड़े पहले अट्रैक्ट होते हैं। जैसे नैस्टर्शियम (Nasturtium) एफिड्स को अपनी ओर खींच लेता है, जिससे वे आपके टमाटर, गुलाब या मिर्च के पौधों पर कम हमला करते हैं। इसी तरह मैरीगोल्ड (गेंदा) कई हानिकारक कीटों को दूर रखने में मदद करता है। इसे "Trap Cropping" भी कहा जाता है और यह ऑर्गेनिक गार्डनिंग की एक स्मार्ट तकनीक है।
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कई कीड़े दिन में दिखाई ही नहीं देते। कैटरपिलर, स्लग्स और कुछ बीटल्स रात में ज्यादा एक्टिव होते हैं। इसलिए सप्ताह में दो-तीन बार रात को टॉर्च लेकर 5–10 मिनट गार्डन का निरीक्षण करें। जो कीड़े दिखाई दें, उन्हें हाथ से हटाकर नष्ट कर दें। इससे बड़ी समस्या बनने से पहले ही कीटों की संख्या काफी कम हो जाती है और स्प्रे की जरूरत भी घट जाती है।
अगर आपके घर में इस्तेमाल हुई कॉफी बच जाती है या अंडों के छिलके निकलते हैं, तो उन्हें फेंकने की बजाय गमलों में इस्तेमाल करें। सूखे और मोटे पिसे हुए कॉफी ग्राउंड्स तथा कुचले हुए अंडे के छिलकों की एक पतली रिंग पौधे के चारों ओर बना दें। अंडे के छिलकों की नुकीली सतह स्लग्स और घोंघों को आगे बढ़ने से रोकती है, जबकि कॉफी की तेज गंध कई कीटों को पौधों से दूर रखने में मदद करती है। साथ ही समय के साथ अंडे के छिलके मिट्टी में कैल्शियम भी बढ़ाते हैं।
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