Published : Apr 30, 2025, 09:49 AM ISTUpdated : Apr 30, 2025, 09:54 AM IST
Akshaya Tritiya prasad: अक्षय तृतीया का पावन त्योहार 30 अप्रैल को मनाया जा रहा है। इस दिन सोना चांदी या विशेष चीजों की खरीदारी का महत्व होता है। भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा भी की जाती है। इस दौरान भोग स्वरूप क्या अर्पित करना चाहिए आइए जानें…
अक्षय तृतीया के मौके पर खीर भोग लगाने का विशेष महत्व होता है। आप चावल, दूध और चीनी के साथ खीर बनाकर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को अर्पित कर सकते हैं। ये उनका प्रिय भोग माना जाता है। इसमें केसर और मेवे डालकर आप इसे और खास बना सकते हैं।
26
गुड़ चने का प्रसाद
भुने हुए चने के साथ गुड़ भोग स्वरूप अर्पित करने से लक्ष्मी मां अति प्रसन्न होती है और भक्तों पर असीम कृपा बरसाती हैं।
36
मालपुआ
गेहूं के आटा, चीनी या गुड़ और दूध से बने हुए मालपुआ अक्षय तृतीया पर अक्सर बनाए जाते हैं और इन्हें विष्णु भगवान और लक्ष्मी मां को जरूर अर्पित करना चाहिए।
भुने हुए बेसन का आटा या सत्तू अक्षय तृतीया के मौके पर भोग में जरूर चढ़ाया जाता है। आप सत्तू के लड्डू बना सकते हैं या सत्तू का शरबत बना सकते हैं। घी और गुड़ के साथ मिलाकर भी सत्तू की पंजीरी बनाकर भोग स्वरूप अर्पित कर सकते हैं।
56
पंचामृत
कोई भी पूजा पंचामृत के बिना पूरी नहीं होती है। इसी तरह से अक्षय तृतीया की पूजा के दौरान भी दूध, दही, शहद, घी और मिश्री से बना पंचामृत भगवान विष्णु को भोग स्वरूप चढ़ाएं और इससे उनका अभिषेक भी करें।
66
अक्षय तृतीया के लिए अन्य प्रसाद
अक्षय तृतीया की पूजा के दौरान आप मौसमी फल जैसे- केला, सेब, अंगूर भगवान को अर्पित कर सकते हैं। पूजा में देसी घी और चावल से बनी हुई चीजें भोग स्वरूप अर्पित करें। इसके अलावा बेसन या बूंदी के लड्डू भी भगवान विष्णु को अति प्रिय होते हैं। आप इसे भी भोग में लगा सकते हैं।