
बेंगलुरु: सिलिकॉन सिटी बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (KIA) के बारे में एक बात कही जाती है कि वहां जेब ढीली होना तय है। अब ये बात एक बार फिर सच साबित हुई है। एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर मौजूद मशहूर 'रामेश्वरम कैफे' का एक बिल सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसने खाने-पीने की चीज़ों की कीमतों पर बड़ी बहस छेड़ दी है। यहां सिर्फ एक प्लेट 'घी पोडी इडली' के लिए एक ग्राहक को 315 रुपये चुकाने पड़े, जिसके बाद उन्होंने अपना गुस्सा ज़ाहिर किया।
23-24 फरवरी के आसपास, एक ग्राहक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट (Reddit) पर बिल की फोटो शेयर की। उन्होंने बताया कि शहर में रामेश्वरम कैफे की दूसरी ब्रांचों में यही घी पोडी इडली करीब 90 रुपये में मिलती है। लेकिन एयरपोर्ट पर इसकी कीमत लगभग 4 गुना ज़्यादा, यानी 315 रुपये है। कीमतों में इतना बड़ा अंतर देखकर ग्राहक हैरान रह गए और उन्होंने सवाल उठाया, 'क्या एयरपोर्ट की कीमतों पर कोई कंट्रोल नहीं है?'
कई लोगों ने होटल मालिकों का पक्ष लिया। एक यूजर ने लिखा, 'एयरपोर्ट पर दुकान का किराया हर महीने लाखों रुपये होता है। इतना भारी किराया, बिजली का बिल और स्टाफ की सैलरी देनी हो तो कीमतें ज़्यादा होंगी ही। यह कोई रेलवे स्टेशन नहीं, एयरपोर्ट है।' कुछ लोगों ने तो यहां तक कह दिया, 'यह आपकी अपनी पसंद है। अगर महंगा लग रहा है तो मत खाइए या घर से खाना लेकर चलिए।'
वहीं दूसरी तरफ, आम यात्रियों ने इस कीमत को 'लूट' बताया है। लोगों का कहना है, 'खाना एक ज़रूरी चीज़ है, कोई लग्ज़री आइटम नहीं। जब फ्लाइट लेट होती है या किसी इमरजेंसी में यात्रियों को 3-4 घंटे एयरपोर्ट पर बिताने पड़ते हैं। ऐसे में एक प्लेट इडली के 300 रुपये मांगना कहां का इंसाफ है?' कई लोगों ने दुख जताया कि मिडिल क्लास के लिए एयरपोर्ट पर खाना-पीना अब एक सपना बन गया है।
एक यूजर के मुताबिक, बेंगलुरु शहर से 40 किलोमीटर दूर एयरपोर्ट तक स्टाफ के आने-जाने का ट्रांसपोर्ट खर्च भी काफी ज़्यादा होता है। इसके अलावा, एयरपोर्ट परिसर में बिजनेस चलाने के लिए कड़े सुरक्षा नियमों का पालन करना पड़ता है। इन सभी चीज़ों का असर खाने की कीमतों पर पड़ता है। कुल मिलाकर, इस घटना ने एक बार फिर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर खुली बाज़ार दरों और आम लोगों की जेब के बीच की खाई को सामने ला दिया है।