
LPG Crisis: पश्चिमी एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर दुनिया भर के एनर्जी मार्केट पर पड़ रहा है। तेल और गैस की सप्लाई में रुकावट आने से कई देशों में ईंधन की कीमतें अचानक बढ़ गई हैं। भारत में भी LPG सिलेंडर की कमी और बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
सरकार भले ही कह रही हो कि देश में घरेलू LPG की कोई कमी नहीं है, लेकिन कर्नाटक, दिल्ली जैसे कई शहरों में LPG सिलेंडर के लिए किलोमीटर लंबी लाइनें देखी जा रही हैं। सिलेंडर की कमी और डिलीवरी में देरी से स्थानीय लोग परेशान हैं। हालात ऐसे हैं कि होटल वाले अब खाना बनाने के लिए लकड़ी के चूल्हे का इस्तेमाल करने लगे हैं। ऐसे में, लोग रसोई के लिए इंडक्शन कुकटॉप खरीदने में काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। उन्हें लगता है कि यह सिलेंडर से सस्ता पड़ेगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कर्नाटक, लखनऊ, दिल्ली और पुणे समेत देश के कई शहरों में LPG एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लगी हुई हैं। ग्राहकों का कहना है कि उन्हें सिलेंडर बुक करने और समय पर डिलीवरी पाने में दिक्कत हो रही है। यह समस्या सिर्फ घरों तक ही सीमित नहीं है। गैस सप्लाई में देरी का असर कई रेस्टोरेंट, होटल और छोटे कारोबारों पर भी पड़ रहा है। कुछ रिपोर्ट्स तो यहां तक कहती हैं कि गैस की कमी के चलते कुछ होटलों और रेस्टोरेंट ने अपने मेन्यू से कुछ डिशेज बनाना ही बंद कर दिया है।
एक सामान्य घरेलू LPG सिलेंडर में करीब 14.2 किलोग्राम गैस होती है और इसकी कीमत लगभग ₹950 है। हालांकि, एक अनुमान के मुताबिक गैस स्टोव की एफिशिएंसी करीब 55% ही होती है। इसका मतलब है कि खाना बनाते समय बड़ी मात्रा में एनर्जी गर्मी के रूप में बर्बाद हो जाती है।
वहीं दूसरी तरफ, इंडक्शन कुकटॉप बिजली की ज़्यादातर एनर्जी को सीधे खाना पकाने में इस्तेमाल करते हैं, जिससे वे ज्यादा एफिशिएंट हो जाते हैं। कई स्टडीज बताती हैं कि अगर बिजली की दरें बहुत ज्यादा न हों, तो इंडक्शन कुकटॉप पर खाना बनाना सस्ता पड़ सकता है।
कुछ अनुमानों के मुताबिक, एक परिवार इंडक्शन का इस्तेमाल करके हर महीने ₹180 से लेकर ₹1,000 तक बचा सकता है। 'एनर्जी इकोनॉमिक्स' की एक रिपोर्ट के अनुसार, कई मामलों में बिना सब्सिडी वाले LPG का उपयोग करने की तुलना में बिजली का चूल्हा इस्तेमाल करना कम खर्चीला है। तो फिर लोग अब भी LPG क्यों पसंद करते हैं?
भले ही इंडक्शन कुकटॉप से खर्च कम हो सकता है, लेकिन देश के कई हिस्सों में लोग आज भी LPG सिलेंडर को ज्यादा भरोसेमंद मानते हैं। इसकी एक बड़ी वजह है बिजली कटौती। जब लाइट नहीं होती, तो गैस स्टोव ही एकमात्र सहारा होता है। इसके अलावा, रोटी या चपाती सेंकने, तड़का लगाने या सीधे आंच पर कुछ पकाने जैसे कई पारंपरिक भारतीय तरीके गैस स्टोव पर ही आसान होते हैं।
इंडक्शन कुकटॉप इस्तेमाल करने के लिए खास तरह के बर्तनों की जरूरत होती है। भारतीय घरों में इस्तेमाल होने वाले कई पारंपरिक बर्तन इंडक्शन पर काम नहीं करते। ऐसे में, लोगों को, खासकर ग्रामीण इलाकों और छोटे शहरों में, इंडक्शन के लिए नए बर्तन खरीदने पड़ सकते हैं, जिससे शुरुआती खर्च बढ़ जाता है। यही वजह है कि कम खर्चीला होने के बावजूद, कई परिवार आज भी LPG सिलेंडर को ही तरजीह देते हैं। हालांकि इंडक्शन कुकटॉप कुछ मामलों में एक सस्ता विकल्प साबित हो सकता है, लेकिन बिजली की सप्लाई, शुरुआती लागत और खाना पकाने की आदतें भी इस फैसले में एक बड़ी भूमिका निभाती हैं।
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