हेल्दी, नरम और फाइबर से भरपूर ब्रेकफास्ट, झटपट बनाएं ये रागी इडली रेसिपी

Published : May 10, 2025, 07:35 AM ISTUpdated : May 13, 2025, 03:31 PM IST
हेल्दी, नरम और फाइबर से भरपूर ब्रेकफास्ट, झटपट बनाएं ये रागी इडली रेसिपी

सार

Ragi idli recipe: रोज के चावल वाले खाने से हटके, अब लोग मिलेट्स को अपना रहे हैं। साउथ इंडियन खाने में इडली सबसे हेल्दी होती है। इसे और भी हेल्दी बनाने के लिए चावल की जगह रागी डालकर, फूली हुई नरम इडली बनाई जा सकती है।

How to make soft ragi idli: साउथ इंडिया के पसंदीदा नाश्ते इडली को अब रागी से और भी ज़्यादा हेल्दी बनाया जा सकता है। आम इडली की जगह हेल्दी और टेस्टी रागी इडली में कैल्शियम, आयरन और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है।

सामग्री (millet idli recipe)

रागी का आटा - 1 कप

उड़द दाल - 1/2 कप

मेथी - 1/4 छोटी चम्मच

नमक - स्वादानुसार

पानी - जरूरत के हिसाब से

विधि

सबसे पहले, उड़द दाल और मेथी को अच्छे से धो लें। फिर, उन्हें 4-6 घंटे या रात भर के लिए पानी में भिगो दें। भिगोई हुई दाल को मिक्सी या ग्राइंडर में थोड़ा पानी डालकर बारीक पीस लें। घोल मुलायम और फूला हुआ होना चाहिए। पिसे हुए घोल को एक बर्तन में निकाल लें।
रागी के आटे को दूसरे बर्तन में लें। रागी के आटे में थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर बिना गुठलियों के घोल बना लें। ये घोल डोसे के घोल से थोड़ा गाढ़ा होना चाहिए।

रागी के घोल को उड़द दाल के घोल में मिलाकर अच्छे से फेंटें। स्वादानुसार नमक डालें और फिर से अच्छे से मिलाएँ। इस घोल को ढककर 8-10 घंटे या रात भर के लिए खमीर उठने के लिए रख दें। घोल अच्छे से खमीर उठने पर ही इडली नरम बनेगी।

इडली स्टीमर में पानी डालकर उबाल लें, इडली के सांचों में तेल लगाएं।
खमीर उठे घोल को अच्छे से फेंटकर इडली के साँचों में डालें। इडली स्टीमर में साँचे रखकर ढक दें और 10-12 मिनट तक पकाएँ। इडली पक जाने पर, चाकू से देख लें कि वो चिपक रही है या नहीं। अगर नहीं चिपक रही है, तो निकाल लें। गरमागरम, हेल्दी रागी इडली को चटनी या सांभर के साथ परोसें।

रागी के फायदे (benefits of ragi idli)

  • कैल्शियम का अच्छा स्रोत: रागी में कैल्शियम भरपूर होता है, इसलिए ये हड्डियों और दांतों के लिए बहुत अच्छा होता है। खासतौर पर बढ़ते बच्चों और बुज़ुर्गों के लिए ये बहुत फायदेमंद है।
  • आयरन से भरपूर: रागी में आयरन की अच्छी मात्रा होती है। ये खून की कमी को दूर करने और शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है।
  • फाइबर से भरपूर: रागी में मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और कब्ज़ की समस्या से बचाता है। साथ ही, ये ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में भी मदद करता है।
  • दूसरे चावल वाले खाने के मुकाबले रागी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, इसलिए ये डायबिटीज के मरीज़ों के लिए एक अच्छा विकल्प है।
  • रागी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर में मौजूद हानिकारक रेडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं।

नरम इडली के लिए कुछ टिप्स (How to make soft ragi idli)

  •  उड़द दाल को अच्छे से भिगोकर पीसना, नरम इडली बनाने के लिए ज़रूरी है।
  • घोल को पर्याप्त समय तक खमीर उठने देना चाहिए। ठंड के मौसम में ज़्यादा समय तक खमीर उठने दें।
  • रागी के आटे में थोड़ा सा सूजी या इडली रवा भी मिला सकते हैं। इससे इडली और भी नरम बनेगी। (चाहें तो)
  •  इडली के साँचों में तेल लगाने से इडली चिपकेगी नहीं।

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