
Mongra Plant Growth: मोगरा का पौधा गर्मियों में अपनी खुशबूदार सफेद फूलों के लिए घर आंगन में लगाया जाता है, लेकिन कई बार सही देखभाल न मिलने पर ये सिर्फ पत्तियां ही देता रहता है और फूल बिल्कुल नहीं आते। अक्सर लोग पानी, धूप या खाद की छोटी-छोटी गलतियां कर देते हैं, जिससे पौधा कमजोर हो जाता है और उसकी फ्लावरिंग रुक जाती है। अगर आप चाहते हैं कि आपका मोगरा सालभर हरा-भरा रहे और मौसम में ढेर सारी कलियों से भर जाए, तो इन आम गार्डनिंग मिस्टेक्स से बचें।
मोगरे का पौधा ज्यादा पानी बिल्कुल पसंद नहीं करता। रोज पानी देने से जड़ें सड़ जाती हैं और पौधा फूल देना बंद कर देता है। मिट्टी सूखने पर ही पानी दें-आमतौर पर गर्मियों में 2-3 दिन में और सर्दियों में 4-5 दिन में एक बार काफी होता है।
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भारी और चिपचिपी मिट्टी मोगरे की सबसे बड़ी दुश्मन है। हमेशा हल्की, ड्रेनेज वाली मिट्टी इस्तेमाल करें जिसमें गार्डन सॉयल, रेत और कंपोस्ट बराबर मात्रा में हो। पानी रुकने से जड़ें खराब होती हैं और नई कली खिलना कम हो जाता है।
मोगरा धूप पसंद पौधा है, अगर इसे छांव या कमरे के अंदर रखेंगे, तो पौधा तो बढ़ेगा लेकिन फूल नहीं देगा। रोज कम से कम 4-6 घंटे की धूप जरूरी है। सुबह की धूप सबसे अच्छी मानी जाती है।
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बहुत ज्यादा नाइट्रोजन खाद देने से पौधा सिर्फ पत्तियां बनाता है और फूल नहीं देता। इसके बजाय महीने में एक बार फॉस्फोरस और पोटाश वाली खाद दें-जैसे बोनमील या केले के छिलके का घोल।
पुरानी और सूखी टहनियां पौधे की एनर्जी खत्म करती हैं। साल में 1-2 बार हल्की छंटाई करने से नई शाखाएं निकलती हैं और इन्हीं पर सबसे ज्यादा कलियां आती हैं।
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