
समय के साथ अब एक बार फिर आयुर्वेदिक और औषधीय पौधों की डिमांड बढ़ रही है। इन्हीं से एक पत्थरचट्टा भी है, जिसे भारत के अलग-अलग हिस्सों में पाथरचूर, पर्णबीज, पानफुटी और मिरेकल लीफ जैसे नामों से भी पुकारा जाता है। कहा जाता है कि यह प्लांट किडनी स्टोन समेत तमाम समस्याओं को दूर कर सकता है। ऐसे में अब लोग इसे गार्डन में उगाना पसंद कर रहे हैं। खास बात है कि इसे लगाने के लिए ज्यादा जगह, पानी और देखभाल की आवश्यकता होती है। इतना ही नहीं, आप चाहें तो इसकी खेती कर कमाई भी कर सकते हैं। इस आर्टिकल में देखें पत्थरचट्टा उगाने से बेचने तक की पूरी जानकारी।
यह एक रसीला पौधाहै, जिसकी पत्तियां मोटी और पानी से भरी होती है। खासियत है कि इसकी पत्तियों के किनारों से नए पौधे खुद ब खुद निकल आते हैं। यानी आप एक ही पत्ती से कई नए पौधों को तैयार कर सकते हैं।
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इस पौधे को जिल निकासी वाली मिट्टी ज्यादा पसंद होती हैं। ऐसे में-
का मिश्रण लें, यह जड़ों को सड़ने से बचाता है और अच्छी ग्रोथ देने में मदद करता है।
यह बरसात और पानी के मौसम में जल्दी बढ़ता है, यह 10 डिग्री से नीचे के तापमान में खराब हो सकता है। इस पौधे को रोशनी पसंद है इसलिए हर रोज लगभग 5-6 घंटे की धूप दिखाएगा। वहीं, हर रोज पानी मत दें। जब मिट्टी 2-3 इंच सूखी लगे तभी वॉटरिंग करें।
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अन्य पौधों की तरह पत्थरचट्टे को ज्यादा हैवी फर्टिलाइजर की आवश्यकता नहीं होती है। इसकी बजाय आप हर 2-3 महीने में एक बार वर्मीकंपोस्ट और गोबर की सड़ी खाद का इस्तेमाल कर सकते हैं।
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