Amrud me Bade Fal Kaise Paye: अमरूद के पौधे में ज्यादा, बड़े और मीठे फल पाने के लिए सिर्फ खाद-पानी ही नहीं, बल्कि प्रूनिंग और कैनोपी मैनेजमेंट भी जरूरी है। जानें किसानों द्वारा अपनाई जाने वाली इस खास तकनीक और जरूरी देखभाल के तरीके।

Guava Fruit Growing Tips: घर के बगीचे या खेत में अमरूद का पौधा लगाने के बाद हर किसी की चाहत होती है कि उसमें खूब फल आएं और फल स्वाद में मीठे व आकार में बड़े हों। इसके लिए किसान सिर्फ खाद-पानी पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि पौधे की शाखाओं को सही दिशा देने और प्रूनिंग जैसी तकनीकों का भी इस्तेमाल करते हैं। इनमें एक तरीका देखने में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन इसके पीछे पौधे की ग्रोथ और फल से जुड़ा वैज्ञानिक कारण है।

शाखाओं को नीचे की ओर मोड़ना है खास तकनीक

अमरूद के पौधे में बहुत सी शाखाएं सीधी ऊपर की ओर बढ़ती हैं। TNAU की गाइडलाइन के अनुसार ऐसी शाखाओं को जमीन में लगाए गए खूंटे से बांधकर मोड़ा जा सकता है। इससे पौधे की शाखाओं का फैलाव बेहतर होता है और नई शाखाओं के विकास के लिए अनुकूल स्थिति बनती है। देखने में यह तरीका अजीब लग सकता है, लेकिन इसे कैनोपी मैनेजमेंट का हिस्सा माना जाता है।

प्रूनिंग से नई शाखाओं और फूलों को मिलता है बढ़ावा

अमरूद में पिछली सीजन की टर्मिनल ग्रोथ की प्रूनिंग करने से नई लेटरल शाखाओं को बढ़ावा दिया जा सकता है। ICAR के अनुसार अमरूद में उचित प्रूनिंग और कैनोपी मैनेजमेंट से नई शूट ग्रोथ, फूल और फलत को बेहतर करने में मदद मिल सकती है। हालांकि प्रूनिंग का समय और तरीका पौधे की उम्र, किस्म और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार तय करना चाहिए।

बड़े और अच्छे फल के लिए पोषण भी जरूरी

सिर्फ शाखाएं मोड़ने या काटने से अमरूद के फल मीठे और बड़े नहीं हो जाते। पौधे को संतुलित पोषण की जरूरत होती है। TNAU के अनुसार अमरूद में गोबर की खाद के साथ नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम का उचित प्रबंधन किया जाता है। जिंक और बोरॉन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी होने पर भी फल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

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पानी की कमी या ज्यादा पानी दोनों हो सकते हैं नुकसानदायक

अमरूद के पौधे के लिए सही सिंचाई भी बेहद जरूरी है। अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी में पौधे को उगाना बेहतर माना जाता है। जरूरत के अनुसार सिंचाई करने से पौधे की ग्रोथ अच्छी रहती है। ICAR के अनुसार ड्रिप सिंचाई जैसी तकनीक से अमरूद में पानी की बचत के साथ उत्पादन में भी सुधार देखा गया है।

मीठे और बड़े अमरूद के लिए इन बातों का रखें ध्यान

अगर पौधे से अच्छी गुणवत्ता के फल चाहते हैं तो नियमित रूप से सूखी और कमजोर शाखाओं को हटाएं, पौधे की कैनोपी को बहुत घना न होने दें और पर्याप्त धूप पहुंचने दें। मिट्टी की स्थिति के अनुसार खाद और पोषक तत्व दें तथा कीट और रोगों की समय पर निगरानी करें। TNAU के अनुसार उचित खाद, सिंचाई, प्रूनिंग और साफ-सफाई पौधे को स्वस्थ रखने में मदद करती है।

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कील ठोकने या तने को नुकसान पहुंचाने से बचें

अमरूद में फल बढ़ाने के नाम पर तने में कील ठोकना, गहरी चोट करना या छाल निकालना जैसे घरेलू नुस्खों को वैज्ञानिक फलत तकनीक समझना सही नहीं है। बेहतर परिणाम के लिए प्रमाणित बागवानी तकनीकों जैसे प्रूनिंग, कैनोपी मैनेजमेंट, संतुलित पोषण और उचित सिंचाई पर ध्यान देना चाहिए। किसी खास किस्म या बड़े व्यावसायिक बाग में तकनीक अपनाने से पहले स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा।